{"_id":"6aa3177c748fce6a4603470d","slug":"e-vehicle-sales-declined-due-to-the-withdrawal-of-subsidies-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-974074-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: सब्सिडी बंद होने से घटी ई-वाहनों की बिक्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: सब्सिडी बंद होने से घटी ई-वाहनों की बिक्री
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। 25 हजार ई-वाहनों की बिक्री का लक्ष्य पूरा होने के बाद शासन ने ई-कारों पर सब्सिडी के लिए आवेदन प्रक्रिया बंद कर दी है। इससे ईवी की खरीदारी में भारी गिरावट आई है। पिछले 15 दिनों में संभागीय परिवहन विभाग में सिर्फ 25 ई-वाहनों का ही पंजीकरण हो पाया है।
पहले आरटीओ में रोजाना 16 से 20 ई-वाहनों का पंजीकरण होता था। सब्सिडी मिलने से लोग ई-कार खरीदने में रुचि दिखा रहे थे। 15 दिन पहले सब्सिडी बंद होते ही खरीदारों ने हाथ खींच लिया। बीते 15 दिन में पंजीकृत 25 वाहनों में अधिकतर दोपहिया और ई-रिक्शा हैं। ई-कार और अन्य चार पहिया ई-वाहनों की खरीद लगभग बंद हो गई है। डीलरों का कहना है कि सब्सिडी के बिना ई-कार महंगी पड़ रही है, इसलिए ग्राहक पूछताछ कर लौट रहे हैं।
सरकार ने पिछले साल ई-वाहनों पर सब्सिडी योजना को अक्तूबर 2027 तक बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन इसमें शर्त थी कि 25 हजार वाहनों की बिक्री पूरी होते ही योजना बंद कर दी जाएगी। यह लक्ष्य फरवरी में ही पूरा हो गया। इसके बाद से पोर्टल सब्सिडी के लिए आवेदन नहीं ले रहा है। इससे पहले ई-कार खरीदने वाले लोग अब कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें सब्सिडी नहीं मिलने से नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
शासन की ओर से दोपहिया और ई-रिक्शा पर पांच हजार रुपये की सब्सिडी जारी रखने का आदेश है, लेकिन इसका भी खास असर नहीं दिख रहा। पिछले एक सप्ताह में महज आठ दोपहिया और ई-रिक्शा ही आरटीओ में पंजीकृत हुए हैं। एआरटीओ अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि सब्सिडी को लेकर रोजाना लोग कार्यालय आ रहे हैं। फिलहाल शासन से कोई नया आदेश नहीं मिला है और पोर्टल भी आवेदन नहीं ले रहा।
पहले आरटीओ में रोजाना 16 से 20 ई-वाहनों का पंजीकरण होता था। सब्सिडी मिलने से लोग ई-कार खरीदने में रुचि दिखा रहे थे। 15 दिन पहले सब्सिडी बंद होते ही खरीदारों ने हाथ खींच लिया। बीते 15 दिन में पंजीकृत 25 वाहनों में अधिकतर दोपहिया और ई-रिक्शा हैं। ई-कार और अन्य चार पहिया ई-वाहनों की खरीद लगभग बंद हो गई है। डीलरों का कहना है कि सब्सिडी के बिना ई-कार महंगी पड़ रही है, इसलिए ग्राहक पूछताछ कर लौट रहे हैं।
विज्ञापन
सरकार ने पिछले साल ई-वाहनों पर सब्सिडी योजना को अक्तूबर 2027 तक बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन इसमें शर्त थी कि 25 हजार वाहनों की बिक्री पूरी होते ही योजना बंद कर दी जाएगी। यह लक्ष्य फरवरी में ही पूरा हो गया। इसके बाद से पोर्टल सब्सिडी के लिए आवेदन नहीं ले रहा है। इससे पहले ई-कार खरीदने वाले लोग अब कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें सब्सिडी नहीं मिलने से नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
शासन की ओर से दोपहिया और ई-रिक्शा पर पांच हजार रुपये की सब्सिडी जारी रखने का आदेश है, लेकिन इसका भी खास असर नहीं दिख रहा। पिछले एक सप्ताह में महज आठ दोपहिया और ई-रिक्शा ही आरटीओ में पंजीकृत हुए हैं। एआरटीओ अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि सब्सिडी को लेकर रोजाना लोग कार्यालय आ रहे हैं। फिलहाल शासन से कोई नया आदेश नहीं मिला है और पोर्टल भी आवेदन नहीं ले रहा।