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ध्ाड़ल्ले से चलाएं मकान के नीचे दुकान
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 11 Apr 2016 12:34 AM IST
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जीडीए
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के करीब 8145 मकान मालिकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को छूट देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए बिल्डिंग बाइलॉज के जरिए लैंडयूज के प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा।
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ऐसा होने के बाद लोग घरों के नीचे दुकान-शोरूम संचालित कर सकेंगे। वर्तमान में लागू मिक्स्ड लैंडयूज पॉलिसी में सिर्फ ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) के दायरे में आने वाली संपत्तियों को ही इसका फायदा मिल रहा है।
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बीते वर्ष प्रदेश सरकार ने जीडीए द्वारा तैयार की गई मिक्स्ड लैंडयूज पॉलिसी को मंजूरी दी थी। इसके बाद मेट्रो रूट और टीओडी पर बन रही यूपी गेट टू हिंडन एलीवेटेड रोड के किनारे बसे क्षेत्रों में आवासीय लैंडयूज का व्यावसायिक इस्तेमाल करने का रास्ता खुल गया था।
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हालांकि इसके लिए नए क्षेत्रों में 10 एकड़ और पुराने में कम से कम चार हजार वर्गमीटर का प्लॉट होने, नए क्षेत्रों के लिए रोड की चौड़ाई 30 मीटर और पुराने में 18 मीटर निर्धारित की गई है। दूसरी ओर टीओडी से इतर जीडीए के आठ जोन में हुए सर्वे में 8145 मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती मिली हैं। इनमें से करीब 7000 आवासीय इमारतों में दुकानें और बाकी में नर्सिंग होम, बैंक, अस्पताल, एटीएम, प्ले स्कूल आदि बने हैं।
हाईकोर्ट का आदेश पर ने इनका सर्वे कराया था। इन मकानों पर सीलिंग की तलवार लटकी हुई है। अब इनके भी नियमित होने का रास्ता खुल सकता है। जीडीए सीएटीपी इश्तियाक अहमद ने बताया कि वर्तमान में लागू मिक्स्ड लैंडयूज पॉलिसी का लाभ चार हजार वर्गमीटर के बड़े प्लाट वालों को ही हो मिल रहा है। प्रदेश सरकार के नए संशोधनों से हर वर्ग के लोगों को मिक्स्ड लैंडयूज का लाभ मिलेगा। हालांकि शासनादेश के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।