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ताजिये की ऊंचाई 12 फीट से अधिक न रखें : जिलाधिकारी
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गाजियाबाद। मोहर्रम के दौरान ताजियों की ऊंचाई 12 फीट से अधिक न रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में 87 ताजियों के जुलूस निकाले जाएंगे। इनमें सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और अपर पुलिस आयुक्त राज करन नैय्यर की अध्यक्षता में मोहर्रम कमेटियों व संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें जिलाधिकारी ने आयोजकों से परंपरागत व्यवस्थाओं का पालन करने और कोई नई परंपरा शुरू न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर रखी जाए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मोहर्रम आयोजन स्थलों और करबला क्षेत्रों में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, मार्गों को गड्ढामुक्त करने व झूलते विद्युत तारों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां 20 जून तक अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाएं।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर डीजे का प्रयोग किया जाता है तो उसकी ध्वनि निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप ही रखी जाए। साथ ही आयोजक समितियों से स्वयंसेवकों (वालंटियर) की सूची पुलिस और प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया।
अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि जिले में 87 ताजिये निकाले जाएंगे। इसके अलावा मन्नत के ताजिये भी निकाले जा सकते हैं। उन्होंने सभी क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर मोहर्रम मार्गों का निरीक्षण करने व सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आयोजकों और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
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बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और अपर पुलिस आयुक्त राज करन नैय्यर की अध्यक्षता में मोहर्रम कमेटियों व संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें जिलाधिकारी ने आयोजकों से परंपरागत व्यवस्थाओं का पालन करने और कोई नई परंपरा शुरू न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर रखी जाए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
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जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मोहर्रम आयोजन स्थलों और करबला क्षेत्रों में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, मार्गों को गड्ढामुक्त करने व झूलते विद्युत तारों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां 20 जून तक अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाएं।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर डीजे का प्रयोग किया जाता है तो उसकी ध्वनि निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप ही रखी जाए। साथ ही आयोजक समितियों से स्वयंसेवकों (वालंटियर) की सूची पुलिस और प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया।
अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि जिले में 87 ताजिये निकाले जाएंगे। इसके अलावा मन्नत के ताजिये भी निकाले जा सकते हैं। उन्होंने सभी क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर मोहर्रम मार्गों का निरीक्षण करने व सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आयोजकों और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।