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Ghaziabad News: डिजिटल अरेस्ट कर 17.50 लाख रुपये ठगे
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त माली और उनकी पत्नी को मनी लॉड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर 17.50 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने दंपती को करीब 20 मिनट तक डिजिटल अरेस्ट रखा और बैंक पहुंचकर खाते में धनराशि ट्रांसफर कराने की धमकी दी। सेवानिवृत्त माली ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि वेद विहार एसएफ लोनी में रहने वाले प्रेम प्रकाश(62) सरकारी विभाग में माली के पद से सेवानिवृत्त हैं। प्रेम प्रकाश के मुताबिक 12 फरवरी 2026 को उनके मोबाइल पर सुबह करीब 11 बजे कॉल आई। कॉलर ने खुद को महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच हेड क्वार्टर से बताया। कॉलर ने बताया कि उनके नाम से एक सिम जारी हुआ है। इस सिम से लोगों को मैसेज कर धमकियां दी जा रही हैं। इसी दौरान अन्य नंबर से वीडियो कॉल आई। इसमें खुद को इंस्पेक्टर जैसे दिखने वाले व्यक्ति ने जेल भेजने और अनैतिक काम करने की जानकारी मिलने की बात कहकर धमकाया।
कुछ देर बाद ही एक अन्य नंबर से कॉल आया और बताया कि उनका खाता केनरा बैंक में है। इसमें मनी लॉड्रिंग का पैसा आता है। धमकी दी कि विभाग की ओर से पति-पत्नी की गिरफ्तारी का वारंट जारी हो चुका है, कभी भी पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर सकती है। बातचीत में उन्होंने बचाने के लिए धनराशि की मांग की। पीड़ित अगले ही दिन बैंक पहुंचे और आरटीजीएस के माध्यम से साइबर ठगों के बताए बैंक खाते में 17.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद साइबर ठगों के मोबाइल नंबर बंद हो गए। साइबर ठगी का अहसास होने पर पीड़ित प्रेम प्रकाश ने साइबर थाने में ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। एडीसीपी अपराध ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर बैंक खातों और मोबाइल नंबर से ठगों को ट्रेस किया जा रहा है।
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एपीके फाइल भेजकर 6.24 लाख रुपये ठगे
साहिबाबाद थाना क्षेत्र के भोपुरा में रहने वाली प्रियंका कुलश्रेष्ठ ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्रियंका कुलश्रेष्ठ के मुताबिक 22 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर आरटीओ ई-चालान के नाम से एपीके फाइल आई। उन्होंने इस एपीके फाइल को डाउनलोड कर लिया। इसके बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। पीड़िता के खाते से साइबर ठगों ने अलग-अलग ट्रांजक्शन कर 6.24 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़िता ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि वेद विहार एसएफ लोनी में रहने वाले प्रेम प्रकाश(62) सरकारी विभाग में माली के पद से सेवानिवृत्त हैं। प्रेम प्रकाश के मुताबिक 12 फरवरी 2026 को उनके मोबाइल पर सुबह करीब 11 बजे कॉल आई। कॉलर ने खुद को महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच हेड क्वार्टर से बताया। कॉलर ने बताया कि उनके नाम से एक सिम जारी हुआ है। इस सिम से लोगों को मैसेज कर धमकियां दी जा रही हैं। इसी दौरान अन्य नंबर से वीडियो कॉल आई। इसमें खुद को इंस्पेक्टर जैसे दिखने वाले व्यक्ति ने जेल भेजने और अनैतिक काम करने की जानकारी मिलने की बात कहकर धमकाया।
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कुछ देर बाद ही एक अन्य नंबर से कॉल आया और बताया कि उनका खाता केनरा बैंक में है। इसमें मनी लॉड्रिंग का पैसा आता है। धमकी दी कि विभाग की ओर से पति-पत्नी की गिरफ्तारी का वारंट जारी हो चुका है, कभी भी पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर सकती है। बातचीत में उन्होंने बचाने के लिए धनराशि की मांग की। पीड़ित अगले ही दिन बैंक पहुंचे और आरटीजीएस के माध्यम से साइबर ठगों के बताए बैंक खाते में 17.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद साइबर ठगों के मोबाइल नंबर बंद हो गए। साइबर ठगी का अहसास होने पर पीड़ित प्रेम प्रकाश ने साइबर थाने में ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। एडीसीपी अपराध ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर बैंक खातों और मोबाइल नंबर से ठगों को ट्रेस किया जा रहा है।
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एपीके फाइल भेजकर 6.24 लाख रुपये ठगे
साहिबाबाद थाना क्षेत्र के भोपुरा में रहने वाली प्रियंका कुलश्रेष्ठ ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्रियंका कुलश्रेष्ठ के मुताबिक 22 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर आरटीओ ई-चालान के नाम से एपीके फाइल आई। उन्होंने इस एपीके फाइल को डाउनलोड कर लिया। इसके बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। पीड़िता के खाते से साइबर ठगों ने अलग-अलग ट्रांजक्शन कर 6.24 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़िता ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।