{"_id":"5f32f0698ebc3e41114e19ba","slug":"development-plan-for-ghaziabad-bussines-ghaziabad-city-news-gbd203576325","type":"story","status":"publish","title_hn":"औद्योगिक विकास के लिए बनेगी कार्य योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औद्योगिक विकास के लिए बनेगी कार्य योजना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औद्योगिक विकास के लिए बनेगी कार्य योजना
गाजियाबाद। जिले को जल्द ही आईटी और स्टार्टअप के बड़े हब के रूप में पहचान मिलेगी। इसके तहत औद्योगिक विकास की दिशा में कार्य योजना तैयार की जा रही है। खासकर आईटी सेक्टर और स्टार्टअप परियोजनाओं को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम भूमि चिन्हित कर रहा है। नई भूमि न होने के चलते पुराने आवंटियों से विभाग ने संपर्क किया है।
यूपीएसआईडीसी के मुख्य कार्यपालक मयूर माहेश्वरी ने पिछले महीने गाजियाबाद में बैठक के दौरान आईटी और स्टार्टअप परियोजनाओं की स्थापना को लेकर निर्देश जारी किए थे। इसके बाद इन परियोजनाओं की स्थापना के लिए विभाग ने कवायद शुरू की। नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए यूपीएसआईडीसी के पास भूमि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन आवंटियों से भूखंड के लिए संपर्क किया जा रहा है, जो आवंटित भूखंड पर इकाई शुरू नहीं कर सके हैं। साथ ही बड़े भूखंड वाले आवंटियों से भी अनुपयोगी पर इन परियोजनाओं को लेकर जानकारी की जा रही है। यूपीएसआईडीसी की क्षेत्रीय प्रबंधक स्मिता सिंह ने बताया कि आवंटियों से संपर्क कर डिटेल तैयार की जा रही है। भूमि की उपलब्धता होने पर आगे की प्रक्रिया जाएगी।
आवंटियों को बिना पेनल्टी के 6 माह की मोहलत : यूपीएसआईडीसी ने अपने आवंटियों को आवंटित भूखंड पर उत्पादन शुरू करने के लिए 6 माह का और वक्त दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक स्मिता सिंह ने बताया कि आवंटियों को वैसे एक साल का समय दिया जाता है। इस मियाद के होने में बीच में कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन से उद्यमी शुरुआत नहीं कर पाए। इसे देखते हुए बिना पेनाल्टी के 6 महीने का वक्त दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। जिले को जल्द ही आईटी और स्टार्टअप के बड़े हब के रूप में पहचान मिलेगी। इसके तहत औद्योगिक विकास की दिशा में कार्य योजना तैयार की जा रही है। खासकर आईटी सेक्टर और स्टार्टअप परियोजनाओं को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम भूमि चिन्हित कर रहा है। नई भूमि न होने के चलते पुराने आवंटियों से विभाग ने संपर्क किया है।
यूपीएसआईडीसी के मुख्य कार्यपालक मयूर माहेश्वरी ने पिछले महीने गाजियाबाद में बैठक के दौरान आईटी और स्टार्टअप परियोजनाओं की स्थापना को लेकर निर्देश जारी किए थे। इसके बाद इन परियोजनाओं की स्थापना के लिए विभाग ने कवायद शुरू की। नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए यूपीएसआईडीसी के पास भूमि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन आवंटियों से भूखंड के लिए संपर्क किया जा रहा है, जो आवंटित भूखंड पर इकाई शुरू नहीं कर सके हैं। साथ ही बड़े भूखंड वाले आवंटियों से भी अनुपयोगी पर इन परियोजनाओं को लेकर जानकारी की जा रही है। यूपीएसआईडीसी की क्षेत्रीय प्रबंधक स्मिता सिंह ने बताया कि आवंटियों से संपर्क कर डिटेल तैयार की जा रही है। भूमि की उपलब्धता होने पर आगे की प्रक्रिया जाएगी।
विज्ञापन
आवंटियों को बिना पेनल्टी के 6 माह की मोहलत : यूपीएसआईडीसी ने अपने आवंटियों को आवंटित भूखंड पर उत्पादन शुरू करने के लिए 6 माह का और वक्त दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक स्मिता सिंह ने बताया कि आवंटियों को वैसे एक साल का समय दिया जाता है। इस मियाद के होने में बीच में कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन से उद्यमी शुरुआत नहीं कर पाए। इसे देखते हुए बिना पेनाल्टी के 6 महीने का वक्त दिया गया है।
विज्ञापन