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Ghaziabad News: संयुक्त अस्पताल में मच्छर और गंदगी देख डिप्टी सीएम नाराज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 31 Oct 2023 01:34 AM IST
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Deputy CM angry after seeing mosquitoes and filth in Joint Hospital
गाजियाबाद। प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार सुबह नौ बजे संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो उन्हें मच्छर भिनभिनाते नजर आए। कई जगह कूड़े के गंदगी पसरी थी। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। सीएमएस डॉ. विनोद चंद्र पांडेय से उन्होंने कहा कि वह इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। अस्पताल में व्यवस्थाएं बनाकर रखें।
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निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर अपनी सीट पर मौजूद नहीं मिले। चेस्ट फिजिशियन डॉ. राहुल वर्मा भी अपने कक्ष में मौजूद नहीं थे, जबकि ओपीडी में मरीज उनका इंतजार कर रहे थे। इस पर डिप्टी सीएम ने मौके पर ही सीएमओ से डॉक्टर को फोन कराकर उनकी उपस्थिति के बारे में पूछा और तत्काल प्रभाव से अपने कक्ष में मौजूद रहने के निर्देश दिए। सीएमएस डॉ. विनोद चंद्र पांडेय ने बताया कि उस दौरान वह डिप्टी सीएम की ड्यूटी में ही लगे थे।
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ब्रजेश पाठक ने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि हर स्थिति में मरीज को भगवान मानकर बेहतर इलाज और अच्छा व्यवहार करें। उन्होंने दावा किया कि डेंगू को लेकर पहले जैसी स्थिति नहीं है। शत-प्रतिशत मरीजों को भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।भनेड़ा गांव में डेंगू मरीजों को लेकर कहा कि सीएमओ ने स्वास्थ्य शिविर लगवाया था। जिन मरीजों को भर्ती करने की जरूरत थी, उन्हें भर्ती कराया गया।
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मरीजों को ओपीडी में आने से रोका
डिप्टी सीएम के आते ही ओपीडी पहुंचने वाले मरीजों को मुख्य गेट के बजाय पीछे के गेट से आने दिया गया। जिसके बाद मरीज भूतल पर संचालित ओपीडी में पहुंच सके। प्रथम तल पर संचालित ओपीडी में जाने से मरीजों को रोका गया, इससे मरीजों में गुस्सा दिखा, कहा ऐसे मंत्री अस्पताल नहीं आए तो अच्छा है। प्रथम तल पर ईएनटी, आंखों व आयुर्वेदिक चिकित्सक बैठते हैं। लेकिन, यहां तक पहुंचने से पहले ही गेट बंद कर दिया गया। मसूरी से अपने दो बच्चों संग अस्पताल पहुंची रेशमा ने बताया कि उनके सात साल के बच्चे को कान में दर्द है, जबकि सात माह का बच्चा निमोनिया से बीमार है। लेकिन, डॉक्टर को दिखाने के लिए डेढ़ घंटे से गेट खुलने का इंतजार कर रहे है। मंत्री के जाने के बाद गेट खोला गया।


ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की नियुक्ति का दिया आदेश

संयुक्त अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर से रोजाना सामान्य मरीजों के रेफर किए जाने की बात पूछने पर उन्होंने कहा कि सीएमओ और सीएमएस को अधिकार दिया जाएगा कि वह सीधे साक्षात्कार से चिकित्सकों की भर्ती करें। उन्होंने सीएमएस को निर्देश दिया कि मरीजों को रेफर करने के बजाय उन्हें भर्ती कर इलाज करें। वहीं एक चिकित्साधिकारी का कहना था कि सीधे भर्ती में सिर्फ एमबीबीएस डॉक्टर ही आवेदन करते हैं, जबकि ट्रॉमा सेंटर में प्लास्टिक और न्यूरोसर्जन की जरूरत है। इनकी नियुक्ति शासन स्तर से ही हो सकती है। शासन के तय वेतनमान में विशेषज्ञ सरकारी सेवा में आना ही नहीं चाहते हैं।
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