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Ghaziabad News: गंगनहर में मिला प्रॉपर्टी डीलर का शव, चार आरोपी गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में हत्या के आरोपी।
गाजियाबाद/मसूरी। सदरपुर गांव से 11 जनवरी को लापता हुए प्रॉपर्टी डीलर उमेश चौधरी का शव पुलिस ने एनडीआरएफ की मदद से रविवार को मसूरी गंगनहर से बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने उमेश चौधरी के साझीदार नीरज कौशिक, उसकी पत्नी, भाभी और दोस्त राजेंद्र निवासी खेड़ीतगा, सोनीपत हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार और रस्सी भी बरामद की है।
एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि 11 जनवरी को सदरपुर गांव निवासी उमेश चौधरी संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गए थे। मामले में उमेश के परिवार ने नीरज कौशिक समेत चार लाेगों पर उनकी अपहरण कर हत्या करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नीरज कौशिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात को कबूल किया। उसने बताया कि उमेश के नीरज पर 25 लाख रुपये उधार थे। उमेश 15 जनवरी को उससे तकादा करने के लिए गया था। उसने रुपये बाद में देने की बात कही तो उमेश गाली देने लगे। इसी वजह से नाराज होकर उन्हाेंने उनकी रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को कार में रखकर मसूरी गंगनहर में फेंक दिया। उसके मकान के पास उमेश की साइकिल खड़ी थी जिसको नीरज के कहने पर उसके दोस्त राजेंद्र शर्मा ने हटाकर आगे खड़ा कर दिया था। इस घटना के बारे में नीरज कौशिक की पत्नी और भाभी को भी पता था।
करना पड़ा कई बार घेराव
परिजन शुरूआत से ही उमेश के साथ अनहोनी की आशंका जता रहे थे। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्ताारी और शव बरामद करने में पुलिस ने दो सप्ताह से ज्यादा का समय लगा दिया। उमेश के बेटे अंकुर ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस की लापरवाही रही है। बार बार कहने के बाद भी नीरज को देरी से गिरफ्तार किया गया। इसके लिए उनको कई बार थाने जाना पड़ा, तीन बार थाने का घेराव करना पड़ा।
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एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि 11 जनवरी को सदरपुर गांव निवासी उमेश चौधरी संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गए थे। मामले में उमेश के परिवार ने नीरज कौशिक समेत चार लाेगों पर उनकी अपहरण कर हत्या करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नीरज कौशिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात को कबूल किया। उसने बताया कि उमेश के नीरज पर 25 लाख रुपये उधार थे। उमेश 15 जनवरी को उससे तकादा करने के लिए गया था। उसने रुपये बाद में देने की बात कही तो उमेश गाली देने लगे। इसी वजह से नाराज होकर उन्हाेंने उनकी रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को कार में रखकर मसूरी गंगनहर में फेंक दिया। उसके मकान के पास उमेश की साइकिल खड़ी थी जिसको नीरज के कहने पर उसके दोस्त राजेंद्र शर्मा ने हटाकर आगे खड़ा कर दिया था। इस घटना के बारे में नीरज कौशिक की पत्नी और भाभी को भी पता था।
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करना पड़ा कई बार घेराव
परिजन शुरूआत से ही उमेश के साथ अनहोनी की आशंका जता रहे थे। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्ताारी और शव बरामद करने में पुलिस ने दो सप्ताह से ज्यादा का समय लगा दिया। उमेश के बेटे अंकुर ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस की लापरवाही रही है। बार बार कहने के बाद भी नीरज को देरी से गिरफ्तार किया गया। इसके लिए उनको कई बार थाने जाना पड़ा, तीन बार थाने का घेराव करना पड़ा।
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