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Ghaziabad News: मेलों में क्रॉकरी बेचने वालों ने डाली कलछीना में कारोबारी के घर डकैती
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गाजियाबाद। भोजपुर के कलछीना गांव में स्क्रैप कारोबारी के घर डकैती डालने वाले सात बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने चिह्नित कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इनमें छह बदमाश घर में घुसे थे, जबकि एक करीब डेढ़ किलोमीटर दूर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) के नजदीक खड़ी कार की निगरानी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, डकैती डालने वाले बदमाश मेलों में गमले, क्रॉकरी और मिट्टी की मूर्तियां बेचने वाले घुमंतू गिरोह से जुड़े हैं। ये करीब दो माह पूर्व मुरादनगर में हजरत मुराद गाजी की दरगाह पर लगे उर्स मेले में आए थे। पुलिस जल्द बदमाशों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
कलछीना निवासी स्क्रैप कारोबारी सद्दाम के घर 14 सितंबर की रात बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर और दंपती के आठ वर्षीय बच्चे की गर्दन पर चाकू रखकर लाखों रुपये की डकैती डाली थी। बदमाशों के हाथों में लोहे की रॉड, धारदार हथियार और तमंचे देखकर परिवार सहम गया था। वारदात के बाद बदमाश खेतों से होते हुए डीएमई के नजदीक संपर्क मार्ग पर खड़ी कार में सवार होकर फरार हो गए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बदमाशों ने वारदात से पहले गांव में मूर्ति और क्रॉकरी का सामान बेचने के बहाने करीब चार दिन तक कारोबारी के घर की रेकी की थी। इस दौरान उन्होंने कारोबारी के आने-जाने के समय की जानकारी जुटाई और बच्चों पर भी नजर रखी।
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बीटीएस और सीसीटीवी से नहीं मिली मदद, मुखबिर ने दी अहम सूचना
कलछीना गांव डीएमई से करीब छह किलोमीटर दूर है। पुलिस टीम ने गांव में लगे मोबाइल टावरों से बीटीएस डाटा जुटाया तो डीएमई पर आने-जाने वाले वाहनों की जानकारी मिली। दो संदिग्ध वाहनों को टीम ने ट्रेस किया, लेकिन उनसे कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। गांव और आसपास सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। कारोबारी का घर गांव के बाहरी छोर पर होने के कारण बदमाशों को एकांत में स्थित यह मकान वारदात के लिए मुफीद लगा। इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों से सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को एक मुखबिर से अहम जानकारी मिली, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी।
कौशांबी का घुमंतू गिरोह जिले में सक्रिय
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सड़क किनारे डेरा डालकर क्रॉकरी, मिट्टी की मूर्तियां व गमले बनाने-बेचने वाला यह गिरोह घुमंतू है और करीब ढाई माह पहले कौशांबी जिले से गाजियाबाद पहुंचा था। मेरठ रोड, लोनी और ट्रोनिका सिटी समेत शहर के बाहरी इलाकों में गिरोह ने अपने ठिकाने बनाए थे। एलआईयू और खुफिया तंत्र ने भी पुलिस अधिकारियों को इस गिरोह के संबंध में सूचना दी है।
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कलछीना निवासी स्क्रैप कारोबारी सद्दाम के घर 14 सितंबर की रात बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर और दंपती के आठ वर्षीय बच्चे की गर्दन पर चाकू रखकर लाखों रुपये की डकैती डाली थी। बदमाशों के हाथों में लोहे की रॉड, धारदार हथियार और तमंचे देखकर परिवार सहम गया था। वारदात के बाद बदमाश खेतों से होते हुए डीएमई के नजदीक संपर्क मार्ग पर खड़ी कार में सवार होकर फरार हो गए।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बदमाशों ने वारदात से पहले गांव में मूर्ति और क्रॉकरी का सामान बेचने के बहाने करीब चार दिन तक कारोबारी के घर की रेकी की थी। इस दौरान उन्होंने कारोबारी के आने-जाने के समय की जानकारी जुटाई और बच्चों पर भी नजर रखी।
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बीटीएस और सीसीटीवी से नहीं मिली मदद, मुखबिर ने दी अहम सूचना
कलछीना गांव डीएमई से करीब छह किलोमीटर दूर है। पुलिस टीम ने गांव में लगे मोबाइल टावरों से बीटीएस डाटा जुटाया तो डीएमई पर आने-जाने वाले वाहनों की जानकारी मिली। दो संदिग्ध वाहनों को टीम ने ट्रेस किया, लेकिन उनसे कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। गांव और आसपास सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। कारोबारी का घर गांव के बाहरी छोर पर होने के कारण बदमाशों को एकांत में स्थित यह मकान वारदात के लिए मुफीद लगा। इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों से सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को एक मुखबिर से अहम जानकारी मिली, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी।
कौशांबी का घुमंतू गिरोह जिले में सक्रिय
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सड़क किनारे डेरा डालकर क्रॉकरी, मिट्टी की मूर्तियां व गमले बनाने-बेचने वाला यह गिरोह घुमंतू है और करीब ढाई माह पहले कौशांबी जिले से गाजियाबाद पहुंचा था। मेरठ रोड, लोनी और ट्रोनिका सिटी समेत शहर के बाहरी इलाकों में गिरोह ने अपने ठिकाने बनाए थे। एलआईयू और खुफिया तंत्र ने भी पुलिस अधिकारियों को इस गिरोह के संबंध में सूचना दी है।