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‘प्रदेश की चौपट कानून व्यवस्था के कारण हुई पार्षद की हत्या’

Sun, 24 Jul 2016 12:48 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sun, 24 Jul 2016 12:48 AM IST
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"The collapse of state law due to the killing of councilor '
अपराध्‍ा - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेसी पार्षद छोटे लाल की उनके घर के बाहर ही रॉड और लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और यूपी कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और यूपी के आगामी विस चुनाव में कांग्रेस की सीएम पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी मृतक पार्षद के घर विजय नगर पहुंचे।
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इन नेताओं ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में चौपट कानून व्यवस्था की वजह से पार्षद की हत्या हुई है। कांग्रेस इसी के लिए लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देकर आर्थिक मदद दिलाने के लिए सीएम अखिलेश यादव से बात करने का आश्वासन दिया।
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दिल्ली से कानपुर के लिए बस यात्रा पर निकले कांग्रेसी नेताओं ने गाजियाबाद में चुनाव प्रचार के लिए पार्टी नेताओं के साथ होने वाली बैठक को निरस्त कर दिया। दिल्ली से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजयनगर में मृतक पार्षद के घर पहुंचे।
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उन्होंने दिवंगत पार्षद को श्रद्धांजलि दी। छोटे लाल के परिजनों ने कांग्रेसी नेताओं के समक्ष चार मांगें रखीं। इसमें आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, मुआवजा, सरकार की ओर से मकान और बेटी को नौकरी देने की मांग की। गुलाम नबी आजाद और शीला दीक्षित ने उन्हें इन मांगों पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात कर मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।

इस दौरान गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं के प्रति अपराध बढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक होती तो छोटे लाल की हत्या न होती। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश में इसी लड़ाई को लड़ रही है। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व मंत्री सतीश शर्मा, जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना, प्रदेश महासचिव बिजेंद्र यादव, प्रदेश सचिव नरेंद्र राठी, प्रदेश प्रवक्ता अजय वर्मा मौजूद रहे। छोटे लाल के परिजनों से मिलने के बाद कांग्रेसी नेता हापुड़ चले गए। वहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।

हिंडन घाट पर अंतिम संस्कार, पुलिस रही सतर्क
 पार्षद हत्याकांड मामले में विजयनगर पुलिस अब तक तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अभी तक सिर्फ एक नामजद महिला को ही गिरफ्तार किया जा सका है। दूसरी ओर, दिवंगत पार्षद छोटे लाल का अंतिम संस्कार शनिवार को हिंडन घाट पर किया गया। इस दौरान परिजन, समर्थक और विभिन्न दलों के पार्षद मौजूद रहे।

पार्षद छोटेलाल के समर्थकों ने शुक्रवार को ही पुलिस को चेतावनी दी थी कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह एनएच-24 जाम कर देंगे। इसके चलते शनिवार को पार्षद के घर के बाहर और एनएच-24 पर पुलिस बल तैनात रहा।

दोपहर एक बजे पार्षद छोटेलाल के शव को हिंडन घाट ले जाया गया। इस दौरान समर्थकों की संख्या को बढ़ते देख विजयनगर पुलिस ने प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों को सूचना दी।

सूचना मिलने के बाद एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल, सिटी मजिस्ट्रेट बीडी सिंह, एसपी सिटी सलमान ताज, सीओ प्रथम आईपी सिंह और सीओ सेकेंड मनीष कुमार मिश्र मौके पर पहुंचे। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

उधर, पार्षद के समर्थकों ने हत्या के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आत्मदाह कर लेने की चेतावनी दी है। बता दें कि सैक्स रैकेट और शराब के अवैध धंधे का विरोध करने पर वार्ड-18 से पार्षद छोटे लाल की बुधवार रात लाठी-डंडो और रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पार्षद के भाई ने पड़ोस के ही दो महिलाओं समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराया है।

अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे मेयर, उपाध्यक्ष
दिवंगत पार्षद छोटे लाल का अंतिम संस्कार शनिवार हिंडन घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों के अलावा बड़ी संख्या में विजयनगर के लोग, पार्षद के समर्थक व निगम के अन्य पार्षद मौजूद रहे।


अंतिम संस्कार में महापौर अशु वर्मा के नहीं पहुंचने से कांग्रेसी नेताओं और पार्षदों में रोष रहा। कांग्रेस के पूर्व पार्षद सुनील यादव का कहना था कि महापौर नगर निगम को एक परिवार बताते हैं, लेकिन परिवार के एक सदस्य के अंतिम संस्कार में जाने का समय नहीं हैं उनके पास। उन्होंने कहा कि न तो नगर आयुक्त पहुंचे, न महापौर और न ही कार्यकारिणी समिति के उपाध्यक्ष अंतिम संस्कार में पहुंचे।
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