{"_id":"57e57a824f1c1b4f5aa82e2c","slug":"she-jumped-from-the-third-floor-of-the-goods-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"मॉल की तीसरी मंजिल से कूदी युवती, मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मॉल की तीसरी मंजिल से कूदी युवती, मौत
ब्यूरो,अमर उजाला साहिबाबाद
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
इमारत
- फोटो : अमर उजाला
मनचले के परेशान करने पर बृहस्पतिवार सुबह घर छोड़कर वैशाली से निकली युवती ने देर शाम दिल्ली के क्रास रिवर मॉल की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। छलांग लगाने से पहले लड़की ने ऊपर से एक पॉलीथिन बैग फेंका, जिसमें पुलिस को चूहा मारने की दवा के अलावा एक खाली बोतल मिली, जिससे फिनायल की बदबू आ रही थी। इसके साथ ही एक पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला, जिसे उसने अपने परिजनों को संबोधित करते हुए लिखा था।
बता दें कि लड़की नाबालिग है और उसके पिता यूपी पीएसी में तैनात हैं। परिजनों का आरोप है कि लड़की को एक युवक बीते दो साल से परेशान कर रहा था, जिसकी वजह से वह तनाव में थी। लड़के के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में मामला भी दर्ज करवा चुके हैं।
यह बात भी सामने आई है कि युवक उसे लगातार फोन करता था। हाल में युवक ने लड़की के साथ लिए गए कुछ फोटो को उसके रिश्तेदारों को वाट्सऐप कर दिए थे। फोटो की वजह से लड़की काफी शर्मिंदा थी। पुलिस आशंका जता रही है कि इसी वजह से उसने यह कदम उठाया है।
विज्ञापन
मैं मजबूर थी मुझे माफ करना मम्मी-पापा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुसाइड नोट में लड़की ने युवक के बारे में कुछ भी नहीं लिखा है। उसने अपने परिजनों को संबोधित करते हुए लिखा है कि यह सब ड्रामा मेरी वजह से ही शुरू हुआ था।
अब मेरी वजह से ही खत्म होगा। भगवान से प्रार्थना करना कि अगले जन्म में आपके घर में मेरी जैसी लड़की पैदा न हो। मेरी वजह से आपका सिर झुका है। मेरी इस गलती की सजा भाइयों को मत देना।
उन्हें पढ़ा लिखा कर एक अच्छा इंसान बनाना। मैं जा रही हूं, मैं पूरी लाइफ में आप दोनों से नजरें नहीं मिला पाऊंगी। मैं मजबूर न होती तो कभी ऐसा काम न करती।
पुलिस एक्शन लेती तो बच सकती थी छात्रा की जान
मनचले से परेशान होकर घर छोड़कर गई युवती के दिल्ली के एक मॉल में सुसाइड करने के बाद परिवार के लोग सदमे में हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस अगर पर कार्रवाई करती तो बेटी की जान बच जाती।
परिजनों के अनुसार आरोपी युवक बीते दो साल में सात अलग-अलग नंबरों से उन्हें परेशान करता रहा लेकिन शिकायत के बाद भी पुलिस ने युवक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इससे वह बेखौफ हो गया और उसने उनकी बेटी की फोटो रिश्तेदारों को व्हाट्स एप कर दीं। इससे परेशान होकर उनकी बेटी ने परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
मृतका के पिता पीएसी में सब इंस्पेक्टर हैं। मृतक बीबीए छात्रा बेटी के अलावा उनके दो बेटे भी हैं। मृतका के छोटे भाई ने बताया कि दो साल में आरोपी ने सात नंबरों से उसकी बहन को परेशान किया और धमकी दी।
जब दो माह पहले उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने नंबरों की आईडी निकलवाई। सभी नंबरों की आईडी फर्जी थी। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी को नहीं पकड़ा। अगर पुलिस आरोपी को पकड़ लेती तो आज उसकी बहन जिंदा होती।
भाई ने बताया कि बहन बृहस्पतिवार सुबह वॉशरूम जाने के बहाने कमरे से बाहर गई और पिछले गेट से बाहर निकल गई। मोबाइल फोन भी घर पर ही था। देर रात तक वह वैशाली और इंदिरापुरम के मॉल्स में उसे ढूंढते रहे। सुबह टीवी चैनलों पर सुसाइड की खबर देखी तो उन्हें बहन के होने का शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सूचना देकर दिल्ली बुलाया।
उधर, सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को मामला उनके संज्ञान में आया था तुरंत आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परिजनों ने दिल्ली जाकर छात्रा की शिनाख्त की है। आरोपी छात्रा का जानकार हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा।
मां ने समझाया था, कोई ऐसा-वैसा कदम न उठाना
बेटी की मौत के बाद परिजन सदमे में है। सुबह बेटी की मौत की खबर मिलते ही मां ने किसी से भी बात नहीं की है। पिता भी सदमे में हैं। भाई ने बताया कि बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह बहन काफी परेशान थी।
मां ने बहन को समझाया था कि पापा सब ठीक कर देंगे। वह कोई ऐसा कदम न उठाए, जिससे परिवार को परेशानी उठानी पड़े। भाई ने कहा कि बहन पढ़ने में बेहद तेज थी। वह एक सफल बिजनेस वुमन बनना चाहती थी।
छात्रा की सहेलियों को भी परेशान करता था मनचला
पुलिस जांच में सामने आया है कि मनचला युवक छात्रा की सहेलियों के नंबरों पर कॉल कर उन्हें भी परेशान करता था। इतना ही नहीं पुलिस को यह भी पता चला कि बुधवार रात को युवक वैशाली में ही था।
भाई के किडनैपिंग की धमकी देकर खिंचवाई फोटो
परिजनों के अनुसार मनचला अक्सर बेटी का पीछा करता था। वह लगातार धमकी देता था कि छोटे भाई को किडनैप कर लेगा। परिजनों का कहना है कि यही धमकी देकर उसने उनकी बेटी के साथ फोटो खिंचवा ली थी। उस फोटो को भी आरोपी ने छात्रा के रिश्तेदारों को भेजा था। उसकी कॉल्स से परेशान होकर पिता को छोड़कर सभी परिजनों ने अपने मोबाइल नंबर भी बदल दिए थे मगर वह पिता के ऑफिशियल नंबर पर कॉल कर धमकी देता था।
पुलिस को शक, छात्रा का दोस्त है आरोपी
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि जांच में सामने आ रहा है कि छात्रा युवक को जानती थी। सुसाइड नोट से यह भी पता चल रहा है कि छात्रा युवक की मदद करती थी। हालांकि यह पता नहीं चला है कि वह मदद कैसे करती थी। पुलिस को शक है कि आरोपी युवक छात्रा की मदद को प्यार समझ बैठा और एकतरफा प्यार में उसे और उसके परिवार को परेेशान करने लगा।
व्हाट्स एप के मैसेज नहीं मिले
पुलिस के अनुसार छात्रा के मोबाइल की जांच में वॉट्सएप के मैसेज नहीं मिले हैं। सभी मैसेज पहले से डिलीट किए गए थे। इतना ही नहीं छात्रा ने बीते 11 अगस्त को अपना नंबर बदला था। पुलिस कॉल डिटेल्स और व्हाट्स एप का डाटा रिकवर कर मामले का खुलासा करने की तैयारी में है।
शव लेकर शामली रवाना हुए परिजन
पोस्टमार्टम के बाद दिल्ली पुलिस ने छात्रा के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर शामली स्थित पैतृक गांव रवाना हो गए। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल नंबर रिंकू मीणा के नाम पर हैं। आरोपी के तीन मोबाइल नंबरों की लोकेशन गुड़गांव, नोएडा और राजस्थान की मिल रही है।
विज्ञापन
बता दें कि लड़की नाबालिग है और उसके पिता यूपी पीएसी में तैनात हैं। परिजनों का आरोप है कि लड़की को एक युवक बीते दो साल से परेशान कर रहा था, जिसकी वजह से वह तनाव में थी। लड़के के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में मामला भी दर्ज करवा चुके हैं।
विज्ञापन
यह बात भी सामने आई है कि युवक उसे लगातार फोन करता था। हाल में युवक ने लड़की के साथ लिए गए कुछ फोटो को उसके रिश्तेदारों को वाट्सऐप कर दिए थे। फोटो की वजह से लड़की काफी शर्मिंदा थी। पुलिस आशंका जता रही है कि इसी वजह से उसने यह कदम उठाया है।
विज्ञापन
मैं मजबूर थी मुझे माफ करना मम्मी-पापा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुसाइड नोट में लड़की ने युवक के बारे में कुछ भी नहीं लिखा है। उसने अपने परिजनों को संबोधित करते हुए लिखा है कि यह सब ड्रामा मेरी वजह से ही शुरू हुआ था।
अब मेरी वजह से ही खत्म होगा। भगवान से प्रार्थना करना कि अगले जन्म में आपके घर में मेरी जैसी लड़की पैदा न हो। मेरी वजह से आपका सिर झुका है। मेरी इस गलती की सजा भाइयों को मत देना।
उन्हें पढ़ा लिखा कर एक अच्छा इंसान बनाना। मैं जा रही हूं, मैं पूरी लाइफ में आप दोनों से नजरें नहीं मिला पाऊंगी। मैं मजबूर न होती तो कभी ऐसा काम न करती।
पुलिस एक्शन लेती तो बच सकती थी छात्रा की जान
मनचले से परेशान होकर घर छोड़कर गई युवती के दिल्ली के एक मॉल में सुसाइड करने के बाद परिवार के लोग सदमे में हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस अगर पर कार्रवाई करती तो बेटी की जान बच जाती।
परिजनों के अनुसार आरोपी युवक बीते दो साल में सात अलग-अलग नंबरों से उन्हें परेशान करता रहा लेकिन शिकायत के बाद भी पुलिस ने युवक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इससे वह बेखौफ हो गया और उसने उनकी बेटी की फोटो रिश्तेदारों को व्हाट्स एप कर दीं। इससे परेशान होकर उनकी बेटी ने परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
मृतका के पिता पीएसी में सब इंस्पेक्टर हैं। मृतक बीबीए छात्रा बेटी के अलावा उनके दो बेटे भी हैं। मृतका के छोटे भाई ने बताया कि दो साल में आरोपी ने सात नंबरों से उसकी बहन को परेशान किया और धमकी दी।
जब दो माह पहले उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने नंबरों की आईडी निकलवाई। सभी नंबरों की आईडी फर्जी थी। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी को नहीं पकड़ा। अगर पुलिस आरोपी को पकड़ लेती तो आज उसकी बहन जिंदा होती।
भाई ने बताया कि बहन बृहस्पतिवार सुबह वॉशरूम जाने के बहाने कमरे से बाहर गई और पिछले गेट से बाहर निकल गई। मोबाइल फोन भी घर पर ही था। देर रात तक वह वैशाली और इंदिरापुरम के मॉल्स में उसे ढूंढते रहे। सुबह टीवी चैनलों पर सुसाइड की खबर देखी तो उन्हें बहन के होने का शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सूचना देकर दिल्ली बुलाया।
उधर, सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को मामला उनके संज्ञान में आया था तुरंत आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परिजनों ने दिल्ली जाकर छात्रा की शिनाख्त की है। आरोपी छात्रा का जानकार हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा।
मां ने समझाया था, कोई ऐसा-वैसा कदम न उठाना
बेटी की मौत के बाद परिजन सदमे में है। सुबह बेटी की मौत की खबर मिलते ही मां ने किसी से भी बात नहीं की है। पिता भी सदमे में हैं। भाई ने बताया कि बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह बहन काफी परेशान थी।
मां ने बहन को समझाया था कि पापा सब ठीक कर देंगे। वह कोई ऐसा कदम न उठाए, जिससे परिवार को परेशानी उठानी पड़े। भाई ने कहा कि बहन पढ़ने में बेहद तेज थी। वह एक सफल बिजनेस वुमन बनना चाहती थी।
छात्रा की सहेलियों को भी परेशान करता था मनचला
पुलिस जांच में सामने आया है कि मनचला युवक छात्रा की सहेलियों के नंबरों पर कॉल कर उन्हें भी परेशान करता था। इतना ही नहीं पुलिस को यह भी पता चला कि बुधवार रात को युवक वैशाली में ही था।
भाई के किडनैपिंग की धमकी देकर खिंचवाई फोटो
परिजनों के अनुसार मनचला अक्सर बेटी का पीछा करता था। वह लगातार धमकी देता था कि छोटे भाई को किडनैप कर लेगा। परिजनों का कहना है कि यही धमकी देकर उसने उनकी बेटी के साथ फोटो खिंचवा ली थी। उस फोटो को भी आरोपी ने छात्रा के रिश्तेदारों को भेजा था। उसकी कॉल्स से परेशान होकर पिता को छोड़कर सभी परिजनों ने अपने मोबाइल नंबर भी बदल दिए थे मगर वह पिता के ऑफिशियल नंबर पर कॉल कर धमकी देता था।
पुलिस को शक, छात्रा का दोस्त है आरोपी
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि जांच में सामने आ रहा है कि छात्रा युवक को जानती थी। सुसाइड नोट से यह भी पता चल रहा है कि छात्रा युवक की मदद करती थी। हालांकि यह पता नहीं चला है कि वह मदद कैसे करती थी। पुलिस को शक है कि आरोपी युवक छात्रा की मदद को प्यार समझ बैठा और एकतरफा प्यार में उसे और उसके परिवार को परेेशान करने लगा।
व्हाट्स एप के मैसेज नहीं मिले
पुलिस के अनुसार छात्रा के मोबाइल की जांच में वॉट्सएप के मैसेज नहीं मिले हैं। सभी मैसेज पहले से डिलीट किए गए थे। इतना ही नहीं छात्रा ने बीते 11 अगस्त को अपना नंबर बदला था। पुलिस कॉल डिटेल्स और व्हाट्स एप का डाटा रिकवर कर मामले का खुलासा करने की तैयारी में है।
शव लेकर शामली रवाना हुए परिजन
पोस्टमार्टम के बाद दिल्ली पुलिस ने छात्रा के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर शामली स्थित पैतृक गांव रवाना हो गए। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल नंबर रिंकू मीणा के नाम पर हैं। आरोपी के तीन मोबाइल नंबरों की लोकेशन गुड़गांव, नोएडा और राजस्थान की मिल रही है।