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निजाम आपका...तो जाम किसका

Fri, 17 Mar 2017 10:37 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Fri, 17 Mar 2017 10:37 PM IST
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Nizam your ... then jam, whose
जाम - फोटो : अमर उजाला

जाम...ऐसी समस्या, जिससे पीछा छुड़ाना गाजियाबादियों के लिए कई सालों से चुनौती बना हुआ है। हालांकि इस दौरान जीडीए, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम के अफसरों ने कई कदम उठाए, मगर जाम से छुटकारा नहीं मिल सका। जनप्रतिनिधियों ने मामले को विधानसभा में भी उठाया।

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साथ ही कहा कि सूबे में सपा की सरकार है, हमारे प्रस्तावों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, लिहाजा जाम आज भी जस का तस है। लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। सूबे में सरकार भी बीजेपी की बन रही है और गाजियाबाद के पांचों विधायक भी भाजपा के ही हैं। ऐसे में उम्मीद है कि अब जाम से पीछा छूटेगा और ट्रैफिक सड़कों पर फर्राटा भरेगा।
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जिले की आबादी करीब 30 लाख है। सवा आठ लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं। दिल्ली, मेरठ, नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और कई अन्य प्रदेशों के लाखों वाहन भी हर रोज यहां से गुजरते हैं। 80 फीसदी शिक्षण संस्थान, मॉल मल्टीप्लेक्स, शॉप, बारात घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पार्किंग नहीं है। आबादी के बीच में बस और टैंपो स्टैंड हैं।
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अतिक्रमण से सड़कें सिकुड़ रही हैं। ट्रैफिक पुलिस कम है और सिग्नल नदारद हैं। टैंपों बेलगाम हैं, जिससे हर तरफ जाम का झाम है। एनएच-58 और 24 पर ट्रैफिक ज्यादा है और लेन कम हैं।

मुख्य जाम प्वाइंटों में एनएच-58 मोदीनगर, मुरादनगर, राजनगर एक्सटेंशन, सिहानी चुंगी, मेरठ रोड तिराहा, मोहननगर, एनएच-24 लालकुआं, विजयनगर बाईपास, जीटी रोड, हापुड़ चुंगी, पुराना बस अड्डा, गोशाला अंडरपास और घंटाघर आदि हैं।

अभी तक यह मुद्दा तो बनाया गया, मगर इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। कहा गया कि केंद्र या यूपी में उनकी सरकार नहीं है, अगर होती तो जाम से छुटकारा दिलाते।

ऐसे हो सकता है सुधार
- जाम से निजात के लिए उचित पार्किंग व्यवस्था होनी चाहिए।
- नालों को पाटकर स्टॉपेज बनने चाहिए।

- एनएच-24 और 58 आठ-आठ लेन के हों।
- बस और टैंपो स्टैंड शहर के बाहर हों।

- सड़कें अतिक्रमण मुक्त हों।
- डिवाइडर, स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग्स और ट्रैफिक सिग्नल लगे हों।

- पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस हो, नो एंट्री सिस्टम पर प्रभावी नियंत्रण हो।
- चौराहों पर 100 मीटर परिधि को नो पार्किंग जोन बनाएं।

- जरूरी स्थलों पर बाईपास और अंडरपास बनें।
                                   
                       ट्रैफिक पुलिस का हाल
जनपद में फिलहाल ट्रैफिक पुलिस के पास दो टीआई, 5 टीएसआई, 29 हेड और 150 कांस्टेबल हैं। जबकि यहां 25 टीएसआई, 100 हेड और 500 कांस्टेबल और होने चाहिए।
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‘ट्रैफिक  में पुलिस बल बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। फिलहाल जो भी संसाधन और फोर्स उपलब्ध है, उसी से जाम से निजात के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।’
                       - राजेश कुमार, एसपी ट्रैफिक
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                                         विधायक बोले
प्रयास कियाजाएगा कि ईस्टर्न पेरिफेरल वे और दिल्ली से मेरठ तक बन रहे एक्सप्रेस वे के कामों में तेजी लाई जाए, ताकि जाम से निजात मिले।    - अजित पाल त्यागी, विधायक मुरादनगर
                             
मोदीनगर में जाम से निजात के लिए बाईपास जरूरी है। इसके लिए प्रयास किया जाएगा। केंद्र सरकार से भी बात की जाएगी।   - डॉ. मंजू सिवाच, विधायक मोदीनगर

गाजियाबाद में जो भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उन कामों में तेजी लाने के लिए कवायद की जाएगी। मोहन नगर पर अंडरपास या फ्लाईओवर और वसुंधरा में फ्लाईओवर बनवाया जाएगा।       - सुनील शर्मा, विधायक साहिबाबाद

गाजियाबाद का जाम एक बड़ा मुद्दा है। इसके निदान के लिए हर संभव प्रयास कराए जाएंगे। साथ ही प्रशासन केसाथ मिलकर जाम के स्थायी समाधान के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।    - नंदकिशोर गुर्जर, विधायक लोनी


सड़कों पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तो सरकार के गठन के बाद ही शुरू कर दी जाएगी। जहां सड़कों के चौड़ीकरण की जरूरत है, इसके लिए सरकार से पैसा लाकर काम कराएंगे। एक साल से कम समय में ही शहर बदला नजर आएगा।           - अतुल गर्ग, विधायक गाजियाबाद शहर

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