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घर से भागी लड़कियों को बनाया बंधक

Tue, 09 Aug 2016 12:48 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 09 Aug 2016 12:48 AM IST
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Mortgages made runaway girls
अपराध - फोटो : अमर उजाला
कविनगर पुलिस ने संजयनगर सेक्टर-23 में घर से भागी तीन लड़कियों को बंधक बनाकर रखने के मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। तीनों लड़कियों को बरामद कर आरोपी मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस जांच में जुटी है कि कहीं इनकी तस्करी तो नहीं की जा रही थी। पुलिस के पास सूचना है कि गाजियाबाद में ऐसे कई गैंग सक्रिय हैं, जो ह्यूमन ट्रैफिकिंग का धंधा करते हैं। पुलिस के मुताबिक, संजयनगर सेक्टर-23 में रविवार देर रात रेजिडेंट्स ने एक घर की बालकनी से दुपट्टा बांधकर एक लड़की को फर्स्ट फ्लोर से नीचे उतरते देखा।
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उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि घर में तीन लड़कियां (18-20 वर्ष) बंधक हैं। लड़कियों ने पुलिस को बताया कि वह खंडवा (मध्यप्रदेश), पटना और रायबरेली की रहने वाली हैं।
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तीनों घर से भागकर गाजियाबाद में आ गईं थीं। उन्हें रेलवे स्टेशन से नौकरी लगवाने का झांसा देकर यहां लाया गया था, मगर पिछले दो माह से उन्हें यहीं बंधक बनाकर रखा हुआ है।
सीओ द्वितीय मनीष मिश्र ने बताया कि बंधक बनाकर रखने के आरोप में मकान मालिक अनुज चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि उसकी पत्नी की भूमिका की जांच की जा रही है।

अनुज की दो टैक्सियां चलती हैं। सोमवार को लड़कियों के 164 के बयान दर्ज कराए गए हैं। लड़कियों की तस्करी किए जाने से इंकार नहीं किया जा सकता है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

‘आजादी’ के लिए घर से भागी थीं...हो गईं ‘कैद’  

 सेक्टर-23 संजय नगर में बंधक मिलीं तीनों लड़कियां अपनी ‘आजादी’ के लिए घर से भागी थीं, मगर ‘कैद’ कर ली गईं। पटना की युवती ने बताया कि वह दो माह पहले चाचा के डांटने के बाद घर से भागकर दिल्ली आई थी।

उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक युवक मिला, जो उसे संजय नगर में काम दिलवाने का झांसा देकर लाया था। यहां उसने आरोपी के सुपुर्द कर दिया। रायबरेली की युवती ने बताया कि घरवाले उसे जरा-जरा सी बात पर डांटते रहते थे।

इससे परेशान होकर वह डेढ़ माह पहले दिल्ली आई थी। उसे भी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक युवक मिला, जो उसे काम दिलवाने का झांसा देकर संजय नगर में छोड़ गया। इनके अलावा 20 दिन पहले मध्यप्रदेश के खंडवा से आई युवती ने बताया कि उसके भाई ने उसकी शादी एक ज्यादा उम्र के व्यक्ति से तय कर दी थी।

वह शादी नहीं करनी चाहती थी, इसलिए भागकर दिल्ली आ गई थी। दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उसे एक युवती मिली, जो उसे नौकरी लगवाने के बहाने संजय नगर ले आई। वही बालकनी से दुपट्टा बांधकर उतर रही थी।

लड़कियों ने बताया कि घर में पांच लड़कियां रह रही थीं। इनमें से दो लड़कियों को एक सप्ताह पहले ही कहीं बाहर भेजा गया है। उनकी न तो नौकरी लगवाई जा रही थी, न ही उन्हें घर से बाहर निकलने दिया जाता था। उनसे घर का काम कराया जाता था।

आरोपी बोले-हम गुनहगार नहीं मददगार
 आरोपी और उसकी पत्नी का कहना है कि वह तो लड़कियों की मदद करना चाहते थे। उन्हें खाना देते थे और उनकी देखभाल कर रहे थे। जैसे ही कहीं नौकरी मिलती, इन्हें भेज दिया जाता। उन पर बंधक बनाने के आरोप झूठे हैं।

सावधान! रेलवे स्टेशनों पर चल रहा तस्करों का ‘रैकेट’
  रेलवे स्टेशनों के आसपास पर तस्करों का ‘रैकेट’ चल रहा है, जिनके निशाने पर घर से भागी हुई लड़कियां होती हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि तस्कर रेलवे स्टेशन के आसपास घूमते रहते हैं। ऐसे लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाते हैं।

किसी को बंधक बनाकर रखा जाता है, तो किसी को पैसे लेकर बेच दिया जाता है। छोटे बच्चों से भीख मंगवाई जाती है। इस तरह के कई मामले गाजियाबाद में पहले भी सामने आ चुके हैं। देशभर में मशहूर हुए ऑपरेशन स्माइल के तहत भी ऐसे कई केस सामने आए थे।


सेक्टर-23 में बरामद की गईं लड़कियाे को तस्करी के लिए बंधक बनाकर रखे जाने से पुलिस अफसर इंकार नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में सीओ द्वितीय मनीष मिश्र का कहना है कि जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि लड़कियों को किस उद्देश्य से बंधक बनाकर रखा हुआ था। इस मामले में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल को भी इसकी जांच में लगाया गया है।
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