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14 लाख लूटने वाले मिर्ची गैंग का पर्दाफाश, नौ लुटेरे गिरफ्तार
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 08 May 2017 11:28 PM IST
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मिर्ची गैंग
- फोटो : अमर उजाला
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टिंबर कारोबारी के मुंशी की आंखों में मिर्ची झोंककर 14 लाख रुपये लूटने वाले गिरोह के नौ बदमाशों को रविवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। बदमाशों के कब्जे से लूटे गए रुपयों में से साढ़े पांच लाख रुपये की नकदी, आठ तमंचे, 20 कारतूस, पांच बाइक और दो आईफोन समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं।
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पकड़े गए लुटेरे नोएडा की नामी मोबाइल कंपनियों में काम करते हैं। यह गैंग लूटे गए मोबाइल नेपाल में बेचता था। वारदात 25 अप्रैल को वैशाली में हुई थी।एसएसपी हरिनारायण सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर वसुंधरा टी-प्वाइंट पर रविवार रात चेकिंग शुरू की गई।
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इस दौरान अलग-अलग बाइक पर आ रहे कुछ युवक पुलिस को देखकर बाइक मोड़कर भागने लगे। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया और 9 युवकों को धर दबोचा। उनके पास से लूट के मोबाइल फोन बरामद हुए। सख्ती से पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह आंखों में मिर्च झोंककर लूटपाट करते थे।
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वैशाली में 25 अप्रैल को हुई टिंबर कारोबारी के मुंशी से 14 लाख की लूट को भी उन्होंने ही अंजाम दिया था। पकड़े गए चार बदमाश पांच हजार के इनामी हैं और कई वारदातों में वांछित थे।
इनामी बदमाशों में गैंग सरगना सोनू के अलावा बिट्टू उर्फ हरि सिंह निवासी बागू विजय नगर, सचिन उर्फ मिर्ची मार उर्फ मुच्छड़िया और शेखर निवासी खोड़ा हैं। इनके साथी आकाश निवासी महरौली दिल्ली, सुनील निवासी विजय नगर, अजय व राहुल निवासी बागू विजय नगर और आबिद निवासी खोड़ा को भी गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों से मुंशी से लूटी गई रकम में से बचे हुए साढ़े पांच लाख रुपये, बैग, आठ तमंचे, बीस कारतूस, पांच बाइक, एक ऑटो, दो मोबाइल और चाकू बरामद हुए हैं।
ऑटो में बैठाकर करते थे लूटपाट
पुलिस के अनुसार सभी लुटेरे ऐसी दुकानों में काम करने वालों से मेलजोल बढ़ाते थे, जहां से मोटी नगदी का लेनदेन होता था। उन कर्मचारियों की मदद से वह रुपये लेकर निकलने वाले को ऑटो में बैठाते और उनकी आंखों में मिर्च झोंककर लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
ऑटो के पीछे बाइक पर दो बदमाश चलते थे। ऑटो में बैठे बदमाश वारदात के बाद पीछे चल रहे अपने साथी की बाइक पर बैठकर फरार हो जाते थे। 25 अप्रैल को भी बदमाशों ने इसी तरह दिल्ली के यमुना विहार निवासी टिंबर कारोबारी हरीश गुप्ता के कैशियर राजेश की आंख में मिर्च झोंककर 14 लाख रुपये लूटे थे।
राजेश इंदिरापुरम के एक ऑफिस से रुपये लेकर दिल्ली लौट रहा था।पहले कंपनी से चुराए मोबाइल, बाद में मौजमस्ती के लिए शुरू की लूटपुलिस के अनुसार सभी लुटेरे पहले नोएडा की ओप्पो और हाईपैड नामक मोबाइल कंपनी में काम कर चुके हैं। आपस में वहीं इनकी दोस्ती हुई।
यहां सभी ने मिलकर कंपनी से करीब 200 मोबाइल चुराए और नेपाल में बेच डाले। गिरोह का सरगना सोनू नेपाल में मोबाइल बेचने का काम करता था। बाद में इन आरोपियों ने मौजमस्ती के लिए गैंग बनाकर लूट की वारदातें शुरू कर दी।
पांच लाख की लूट और हत्या की थी योजनापुलिस के अनुसार सोनू हाईपैड नामक जिस कंपनी में काम करता था, वहां पांच लाख की लूट की योजना तैयार की थी। इतना ही नहीं सोनू अपने साथी बिट्टू के साथ मिलकर उसके गांव के एक दुश्मन की हत्या भी करने वाला था।
एसएसपी ने बताया कि कुछ दिन पहले विजय नगर में भी बदमाशों ने एक कारोबारी को लूटा था। हालांकि कारोबारी ने लूट की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।
बीएससी पास आकाश की लगने वाली थी बैंक में नौकरी
एसएसपी ने बताया कि पकड़ा गया बदमाश आकाश बीएससी पास है और उसने कुछ समय पहले बैंक पीओ की परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास हो चुका है। जल्द ही वह बैंक में ज्वाइन करने वाला था। उधर, सचिन हर घटना में पीड़ित की आंख में मिर्ची झोंकता था, जिसके चलते उसका नाम मिर्चीमार पड़ गया।