{"_id":"57505b814f1c1b7f2f108c4c","slug":"looted-three-and-a-half-million-cigarettes-seized-one-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"लूटी गई साढ़े तीन करोड़ की सिगरेट बरामद, एक गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लूटी गई साढ़े तीन करोड़ की सिगरेट बरामद, एक गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 03 Jun 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
Arrested
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार करोड़ की सिगरेट लूट में शामिल एक बदमाश को गिरफ्तार कर भोजपुर पुलिस ने वारदात का खुलासा किया है। उसकी निशानदेही पर करीब साढ़े तीन करोड़ की सिगरेट बरामद की गई है। टोल टैक्स पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए पुलिस को लुटेरों का सुराग मिला। हालांकि गैंग के छह लुटेरे अब भी गिरफ्त से दूर हैं।
विज्ञापन
सहारनपुर में सिगरेट बनाने वाली आईटीसी (इंटरनेशनल टोबेको कंपनी) है। 23 मई को कंपनी से चार करोड़ रुपये की सिगरेट लेकर एनसीआर में डिलीवरी के लिए कंटेनर चालक राज सिंह निवासी सहारनपुर निकला था।
विज्ञापन
फरीदनगर में उसी दिन सुबह करीब साढ़े नौ बजे कार सवार छह बदमाशों ने हथियारों के बल पर कंटेनर में ही उसे अगवा कर लिया और मथुरा ले गए। इसके बाद कंटेनर से दो ट्रकों में माल शिफ्ट कर राज सिंह को कंटेनर में ही बांधकर भाग गए।
विज्ञापन
बंधन मुक्त होकर पीड़ित ने ब्रांच मैनेजर प्रेम यादव को जानकारी दी। प्रेम यादव ने 24 मई को भोजपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस में वारदात का खुलासा करते हुए एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि घटनास्थल से मथुरा की ओर जाने वाले रास्ते पर पड़ने वाले टोल टैक्स के सीसीटीवी फुटेज से लुटेरों की कार का नंबर पता चला।
उस क्षेत्र में चल रहे मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगालने पर एक मोबाइल नंबर संदिग्ध मिला, जिसकी लोकेशन कंटेनर की लोकेशन के साथ मैच हुई। इस मोबाइल नंबर से आरोपियों को ट्रेस कर अनिल करीरा निवासी छाता (आगरा) को महमूदपुर गेट से गिरफ्तार कर साढे़ तीन करोड़ रुपये की सिगरेट की बरामदगी की गई।
अनिल को यह सिगरेट लुटेरों ने बेचने के लिए दी थी। करीब 50 हजार रुपये की सिगरेट बदमाशों ने सस्ते दामों पर आगरा में बेच दी है। इस तरह के गैंग मुंबई और कोलकाता में भी सक्रिय रहे हैं, वहां से भी इनपुट खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस को अंदेशा है कि वारदात में कंपनी के ही किसी कर्मचारी का हाथ है, जिसने कंपनी से माल डिलीवरी का शेड्यूल बदमाशों को बताया है।
पुलिस अलर्टनेस की खुली पोल
वारदात ने पुलिस अलर्टनेस की भी पोल खोल दी है। दरअसल, चालक को कंटेनर में अगवा कर 200 किलोमीटर दूर मथुरा में ले जाकर कंटेनर में बांधकर छोड़ दिया था। हाईटेक होने का दावा करने वाली गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़ और मथुरा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
बदमाशों ने बाइक में लगाया कंटेनर का जीपीएस!
एसपी रूरल राकेश पांडे ने बताया कि कंटेनर में जीपीएस लगा था, जिसकी मॉनीटरिंग नोएडा और सहारनपुर से की जा रही थी। अंदेशा है कि बदमाशों ने चकमा देने के लिए कंटेनर से जीपीएस निकाल कर बाइक में लगा लिया और उसे संकरी गलियों में घुमाते रहे।
लोकेशन ट्रेस होने पर जब पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि वहां बाइक जाने का रास्ता है, कंटेनर जा ही नहीं सकता। गैंग के ज्यादातर बदमाश वारदात के वक्त मोबाइल बंद रखते हैं। वह नेट कॉलिंग के जरिए आपस में बात करते हैं। पकडे़ गए बदमाश से भी नेट कॉलिंग के जरिए लुटेरों ने संपर्क किया था।