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जंगल कटे तो तेंदुए ने किया कालोनियों का रुख
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
Updated Sun, 09 Apr 2017 11:03 PM IST
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तेंदुए
- फोटो : अमर उजाला
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हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के पास ही बसी कृष्णा विहार कुटी कालोनी में तेंदुए का खौफ बरकरार है। विशेषज्ञों की मानें तो दोबारा कभी भी तेंदुए का हमला हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हिंडन के जंगलों में पकड़े गए तेेंदुए के परिवार के और सदस्य भी हो सकते हैै।
पिछले कुछ समय में तेंदुए का कालोनियों में घुसने का कारण जंगलों का लगातार कटान माना जा रहा है। दरअसल, साहिबाबाद की कृष्णा विहार कालोनी जिस जमीन पर बसी है वहां कुछ समय पहले तक जंगल हुआ करता था। पिछले करीब 10 साल में कृष्णा विहार कुटी, गगन विहार, करहेड़ा और टीला जैसी कई कालोनियां बसाई गई हैं।
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इन कालोनियों को बसाने के लिए और विस्तार के लिए जंगल के हजारों पेड़ों को काटा गया। जंगल काटे जाने से यहां रहने वाले ज्यादातर जानवर मुरादनगर और मेरठ के जंगलों को भागे। मगर इनमें से बड़ी संख्या में तेंदुआ, जंगली सूअर, नीलगाय और अन्य जानवर अभी भी यहीं रहते हैं।
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पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले जल बिरादरी के सदस्य विक्रांत शर्मा ने बताया कि जानवरों के लिए हिंडन के आसपास के जंगल कुछ साल पहले तक सबसे मुफीद जगह थे। क्योंकि यहां घने पेड़ और पीने के पानी के लिए हिंडन नदी थी।
मगर कुछ सालों में ही हिंडन का पानी सूखने, नदी किनारे डूब क्षेत्र में कालोनियां बसने, और जंगल कटने से अब जानवर कालोनी तक आने को मजबूर हो गए हैं।पीपल फॉर एनिमल संस्था की मैनेजिंग डायरेक्टर सुमति अय्यर ने बताया कि तेंदुआ कैट फैमिली का सदस्य है जो अपने परिवार के साथ ही रहता है।
ऐसे में हो सकता है कि उसके परिवार के सदस्य भी आसपास ही छिपे हों। आने वाले समय में अगर दोबारा तेंदुआ दिखे तो यह कोई आश्चर्य नहीं होगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में हिंडन एयरबेस के पिछले हिस्से में बने जंगल में कई बार तेंदुआ देखे जाने की सूचनाएं आई हैं।
इतना ही नहीं पिछले दिनों जंगल से सटी चिरोड़ी चौकी पर भी तेंदुआ घुस आया था। इससे इस बात का शक और गहरा गया है कि उसके परिवार के अन्य सदस्य भी यहीं हो सकते हैं। मेरठ फॉरेस्ट रेंज के वाइल्ड लाइफ वॉर्डन राज सिंह ने बताया कि कैट फैमिली का तेंदुआ और चीता हर दिन करीब 50-100 किलोमीटर तक घूमते हैं।
गर्मियों में जंगल में पानी नहीं मिलने पर अक्सर वह आसपास बसे गांवों में पानी की तलाश करते हैं। ऐसे में हो सकता है कि कृष्णा विहार कालोनी में पकड़ा गया तेंदुआ पानी की तलाश में यहां आया हो। गर्मी के दिनों में आसपास की कालोनियों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
वन विभाग का भी मानना है कि तेंदुए का परिवार आसपास के जंगल में ही हो सकता है। ऐसे में विभाग की एक टीम हिंडन के आसपास और मुरादनगर तक वन क्षेत्र पर लगातार वॉच कर रही है। जिला वन अधिकारी बीपी सिंह ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए वह मेरठ टीम से संपर्क साधे हुए हैं।
अगर कोई और तेंदुआ दिखाई देता है तो तुरंत उसकी तलाश कर उसे पकड़ा जाएगा।