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दो हत्यारोपियों को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:30 AM IST
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अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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मोदीनगर में हुए डॉक्टर हर्षवर्धन हत्याकांड में दोषी करार दिए गए तीन अभियुक्तों में से दो को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों पर 51-51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम में से आधी रकम पीड़ित परिवार को दिए जाने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।
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तीसरा आरोपी अभी फरार है। कोर्ट ने उसके गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। डा. हर्षवर्धन की हत्या की यह वारदात 10 नवंबर 2006 की है। क्लीनिक बंद करके घर जा रहे डा. हर्षवर्धन और उनके साथ ही दिनेश पर हमलावरों ने गोलियां बरसा दी थीं।
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इसमें डॉक्टर की मौत हो गई थी, जबकि दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में दिनेश के भाई सतीश कुमार ने मोदीनगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। स्पेशल डीजीसी (पॉक्सो) रणवीर सिंह डागर एवं एडीजीसी रमेशचंद्र यादव के अनुसार इस वारदात के आरोपी पीयूष त्यागी, प्रमोद और प्रदीप के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट सेकेंड में केस विचाराधीन था।
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विगत शनिवार को न्यायाधीश कमलेश कुमार ने तीनों को दोषी करार दे दिया था। प्रदीप पहले से ही जेल में है, जबकि प्रमोद और पीयूष दोषी करार दिए जाने के दौरान ही कोर्ट से फरार हो गए थे। कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में फैसला सुनाने की तारीख नियत की थी।
मंगलवार को फरार आरोपी प्रमोद ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जबकि वारदात का मुख्य आरोपी पीयूष अभी भी फरार है। सरकारी वकीलों ने बताया कि आरोपी पीयूष डा. हर्षवर्धन की बेटी को परेशान करता था। उसी का विरोध करने पर इस हत्याकांड को उसने अंजाम दिया था।