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अफरोज की गिरफ्तारी के लिए बिहार में दबिश दे रहीं दो टीमें

Wed, 05 Apr 2017 11:13 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद Updated Wed, 05 Apr 2017 11:13 PM IST
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For the arrest of Afroz, two teams in Bihar
rape - फोटो : Demo pic

इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी गांव में पांच साल की बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले में पुलिस मुख्य आरोपी अफरोज की तलाश में बिहार के संभावित ठिकानों पर दबिश कर रही है। पुलिस के मुताबिक जब तक अफरोज पकड़ा नहीं जाता, पुलिस की दो टीमें बिहार में ही रुकेंगी।

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बता दें कि पुलिस ने बच्ची के परिजनों को आश्वासन दिया है कि बृहस्पतिवार तक अफरोज को पकड़ लिया जाएगा। बता दें कि 31 मार्च की रात इंदिरापुरम के कनावनी गांव में पांच साल की बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने एक आरोपी रामाशीष यादव को मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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मामले में मुख्य आरोपी और घटना के दिन से फरार अफरोज की तलाश में दो टीमें बिहार पहुंचकर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।  सीओ इंदिरापुरम अनिल कुमार ने बताया कि दोनों टीमों को बिहार में ही रहकर अफरोज की तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं।
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टीमें अफरोज के बेहद करीब हैं और 24 घंटे में उसे पकड़ने की पूरी कोशिश रहेगी। उधर, बच्ची के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने अफरोज को बृहस्पतिवार तक पकड़ने का आश्वासन दिया है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस अफरोज को पकड़ लेगी।

पीड़ित परिजनों का कहना है कि फरोज और रामाशीष ने जो अपराध किया है उसके लिए दोनों को फांसी होनी चाहिए।    फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए आरोपी के अंडर गारमेंट्स   पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी रामाशीष के अंडर गारमेंट्स में खून लगा मिला है। पुलिस को शक है कि यह खून बच्ची का है।

ऐसे में आरोपी के अंडर गारमेंट्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि कोर्ट में उसके खिलाफ अधिक से अधिक सबूत पेश किए जा सकें।मृतका का परिवार भले ही पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हो लेकिन गांव वालों का कहना है कि पुलिस ने गलत तरीके से रामाशीष को केस में फंसाया है।

गांव के लोगों ने बताया कि घटना को अंजाम देकर अफरोज फरार हो गया। अगर रामाशीष आरोपी होता तो वह गांव में क्यों रुकता। लोगों का यह भी कहना है कि घटना के दो दिन तक पुलिस अफरोज को ही अकेला आरोपी मान रही थी। मगर अचानक दो दिन बाद थ्योरी गैंगरेप में बदल दी गई।


गांव के लोगों का आरोप है कि मामले को ठंडा करने के लिए पुलिस ने गैंगरेप की कहानी तैयार की है। साथ ही रामाशीष को दबाव में लेकर उससे जबरन इकबाल-ए-जुर्म करवाया है।    

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