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एनआरएचएम घोटाले के दो मामलों में डिस्चार्ज अर्जी खारिज
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजियाबाद
Updated Wed, 22 Mar 2017 12:41 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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विशेष सीबीआई जज पवन कुमार तिवारी की कोर्ट ने एनआरएचएम घोटाले के दो मामलों में डिस्चार्ज अर्जी खारिज करते हुए मुकदमा चलाने के आदेश किए हैं।
घोटाले का एक मामला वर्ष 2008-09 का है।
इसमें तत्कालीन सीएमओ शाहजहांपुर अतीफा और दो कंपनियों के मालिक कुलदीप शर्मा और नीरज श्रीवास्तव पर साज सज्जा का सामान और उपकरण ज्यादा कीमत पर खरीदकर 2.22 लाख रुपये की सरकार को क्षति पहुंचाने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली के रूप में पेश करने का आरोप है।
इनके अधिवक्ता की तरफ से डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए मुकदमा चलाने के आदेश किए हैं। इस केस में सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख नियत की है।
एनआरएचएम घोटाले के दूसरे मामले में धोखाधड़ी कर बोर्ड, फ्लैक्स आदि बनवाने में 18.83 लाख रुपये के घोटाले का आरोप है। इस मामले में डॉ. मोतीलाल, तत्कालीन महानिदेशक परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य, डॉ. चंद्रभान निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राकेश और दुर्गा प्रसाद मिश्रा की तरफ से डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए मुकदमा चलाने के आदेश किए हैं। इस मामले में सुनवाई के लिए कोर्ट ने 20 अप्रैल की तारीख तय की है।
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एनआरएचएम घोटाला: हेल्थ अधिकारी की हुई गवाही
एनआरएचएम घोटाले केएक मामले में समीर अब्बास रिजवी की गवाही हुई है। वह निदेशक (प्रशासन) ऑफिस ऑफ डायरेक्टर जनरल हेल्थ हैं।
मच्छरदानी घोटाला: एडिशनल डायरेक्टर की हुई गवाही
रामपुर में सीआरपीएफ कैंप में हुए मच्छरदानी घोटाला मामले में एडिशनल डायरेक्टर जनरल प्रसार भारती सूचना एवं प्रसार मंत्रालय दिनेश माहुर की गवाही हुई। बता दें कि यह 2014 का है, जिसमें एक डीआईजी पर मच्छरदानी खरीद में 30 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।
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घोटाले का एक मामला वर्ष 2008-09 का है।
इसमें तत्कालीन सीएमओ शाहजहांपुर अतीफा और दो कंपनियों के मालिक कुलदीप शर्मा और नीरज श्रीवास्तव पर साज सज्जा का सामान और उपकरण ज्यादा कीमत पर खरीदकर 2.22 लाख रुपये की सरकार को क्षति पहुंचाने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली के रूप में पेश करने का आरोप है।
इनके अधिवक्ता की तरफ से डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए मुकदमा चलाने के आदेश किए हैं। इस केस में सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख नियत की है।
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एनआरएचएम घोटाले के दूसरे मामले में धोखाधड़ी कर बोर्ड, फ्लैक्स आदि बनवाने में 18.83 लाख रुपये के घोटाले का आरोप है। इस मामले में डॉ. मोतीलाल, तत्कालीन महानिदेशक परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य, डॉ. चंद्रभान निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राकेश और दुर्गा प्रसाद मिश्रा की तरफ से डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए मुकदमा चलाने के आदेश किए हैं। इस मामले में सुनवाई के लिए कोर्ट ने 20 अप्रैल की तारीख तय की है।
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एनआरएचएम घोटाला: हेल्थ अधिकारी की हुई गवाही
एनआरएचएम घोटाले केएक मामले में समीर अब्बास रिजवी की गवाही हुई है। वह निदेशक (प्रशासन) ऑफिस ऑफ डायरेक्टर जनरल हेल्थ हैं।
मच्छरदानी घोटाला: एडिशनल डायरेक्टर की हुई गवाही
रामपुर में सीआरपीएफ कैंप में हुए मच्छरदानी घोटाला मामले में एडिशनल डायरेक्टर जनरल प्रसार भारती सूचना एवं प्रसार मंत्रालय दिनेश माहुर की गवाही हुई। बता दें कि यह 2014 का है, जिसमें एक डीआईजी पर मच्छरदानी खरीद में 30 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।