{"_id":"5849a25b4f1c1be35944a4a7","slug":"credit-card-pockets-and-three-were-in-foreign-currencies-shopping","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रेडिट कार्ड जेब में और तीन विदेशी करेंसियों में हो गई शॉपिंग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
क्रेडिट कार्ड जेब में और तीन विदेशी करेंसियों में हो गई शॉपिंग
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
अपराध
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रताप विहार इलाके में रहने वाले एक युवक के क्रेडिट कार्ड से ठगों ने तीन विदेशी करेंसियों में ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। ठगों ने तीन बार में एक लाख 17 हजार रुपये की ठगी की। कार्ड की लिमिट खत्म होने के बाद भी 17 बार शॉपिंग करने की कोशिश की गई।
पीड़ित आदेश त्यागी परिवार के साथ एम ब्लॉक सेक्टर-12 प्रताप विहार में परिवार के साथ रहते हैं। वह नोएडा सेक्टर-62 की एक कंपनी में प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह जब वह उठे तो उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया कि उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट समाप्त हो गई है।
इसके बाद उन्होंने कस्टमर केयर कॉल कर मामले की शिकायत की। कस्टमर केयर अधिकारी ने उन्हें बताया कि उनके क्रेडिट कार्ड से बुधवार रात किसी ने पहले यूरो करेंसी में 62 हजार रुपये, फिर पाउंड करेंसी में 50 हजार और अंत में डॉलर में 5 हजार रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग की है।
विज्ञापन
उनके कार्ड से कुल एक लाख 17 हजार रुपये की शॉपिंग की गई है। आदेश का कहना है कि क्रेडिट कार्ड कंपनी की ओर से इस लेन-देन का उनके मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं आया था। इस संबंध में आदेश ने बृहस्पतिवार को विजय नगर थाने में तहरीर दी है। सीओ फर्स्ट इंद्रपाल सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।
ऐसे बचें ऑनलाइन ठगी से
सेंट्रल बैंक के चीफ मैनेजर भारत जैन ने बताया कि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए लोग किसी को भी अपने एकाउंट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी न दें। इसके अलावा लोग बैंक की डिटे्ल्स, पिन नंबर, एटीएम कार्ड का सीवीवी नंबर, ओटीपी नंबर किसी के साथ शेयर न करें।
लोगों को चार से छह माह बाद अपना पिन नंबर बदल लेना चाहिए। इसके अलावा अगर कोई भी व्यक्ति बैंक कर्मचारी बनकर कॉल करे तो उसे खाते से संबंधित जानकारी न बताएं।
विज्ञापन
पीड़ित आदेश त्यागी परिवार के साथ एम ब्लॉक सेक्टर-12 प्रताप विहार में परिवार के साथ रहते हैं। वह नोएडा सेक्टर-62 की एक कंपनी में प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह जब वह उठे तो उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया कि उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट समाप्त हो गई है।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने कस्टमर केयर कॉल कर मामले की शिकायत की। कस्टमर केयर अधिकारी ने उन्हें बताया कि उनके क्रेडिट कार्ड से बुधवार रात किसी ने पहले यूरो करेंसी में 62 हजार रुपये, फिर पाउंड करेंसी में 50 हजार और अंत में डॉलर में 5 हजार रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग की है।
विज्ञापन
उनके कार्ड से कुल एक लाख 17 हजार रुपये की शॉपिंग की गई है। आदेश का कहना है कि क्रेडिट कार्ड कंपनी की ओर से इस लेन-देन का उनके मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं आया था। इस संबंध में आदेश ने बृहस्पतिवार को विजय नगर थाने में तहरीर दी है। सीओ फर्स्ट इंद्रपाल सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।
ऐसे बचें ऑनलाइन ठगी से
सेंट्रल बैंक के चीफ मैनेजर भारत जैन ने बताया कि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए लोग किसी को भी अपने एकाउंट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी न दें। इसके अलावा लोग बैंक की डिटे्ल्स, पिन नंबर, एटीएम कार्ड का सीवीवी नंबर, ओटीपी नंबर किसी के साथ शेयर न करें।
लोगों को चार से छह माह बाद अपना पिन नंबर बदल लेना चाहिए। इसके अलावा अगर कोई भी व्यक्ति बैंक कर्मचारी बनकर कॉल करे तो उसे खाते से संबंधित जानकारी न बताएं।