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मकानों में दरारें, दहशत के साये में लोग
ब्यूरो, अमर उजाला /लोनी
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:23 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कमल विहार डाबर तालाब कालोनी निवासी इमरान का घर गिरने से पांच लोगों की मौत के बाद पूरी कालोनी में दहशत का माहौल है। इसकी वजह यहां के करीब 200 मकानों में दरारों का होना है। खरीदार न मिलने के कारण लोग मकान बेच भी नहीं पा रहे और खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं।
बता दें कि इस इलाके में तालाब के ओवरफ्लो पानी ने मकानों की नींव को कमजोर कर दिया है। इन मकानों में रहने वाले लोगों ने पिछले कुछ वर्षों में कई बार प्रशासन का इस तालाब की ओर ध्यान दिलाया लेकिन प्रशासन अनसुनी करता रहा। लोगों का कहना है कि यहां दोबारा ऐसा ही हादसा फिर हो सकता है।
नींव में पानी जाने से जर्जर मकान को इमरान बदलना चाहते थे। उन्होंने कई जगह मकान की तलाश भी की थी, लेकिन समय रहते उन्हें मकान नहीं मिल सका और मकान ढहने से इमरान की पत्नी, साली और तीन बच्चों की मौत हो गई। उनका एक बेटा दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
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लोगों की परेशानी
20 साल पहले सीतापुर से आकर यहां मकान बनाया था। पति की मौत के बाद बेटी के साथ रहती हूं। कपड़ों पर कढ़ाई करके जीवन यापन होता है। जर्जर ही सही सिर पर छत तो है। यही सोचकर मकान में रहती हूं। यहां से मकान बेचने का प्रयास किया मगर कोई खरीदार ही नहीं है। - शहनाज
पांच साल पहले बुलंदशहर से लोनी आए थे। आठ सौ रुपये देकर किराए के मकान में रहती हूं। मकान में दरार आई हुई है। लेकिन मजबूरी है। बेटी की पढ़ाई को बीच में छोड़कर नहीं जा सकती। बेटी के पेपर होते ही मकान खाली करके कहीं और मकान लेंगे। - हसीना
अपनों की पांच लाशें देख टूट गया इमरान
पत्नी रेशमा, साली हसीना और तीन बच्चों के शवों को देख कर इमरान देर रात से सदमे में है। देर रात अस्पताल से ही उसे कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां उसने किसी तरह खुद को संभालकर मृतकों को अंतिम विदाई दी। शवों को सुपुर्द ए खाक किए जाने के बाद उसे दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
बता दें कि कमल विहार डाबर तालाब कालोनी में सोमवार देर रात इमरान का मकान गिरने से पत्नी साली और तीन बच्चाें की मौत हो गई थी। जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घर में रखे करीब पौने दो लाख रुपये गायब
इमरान के भाई राशिद ने बताया कि उन्हें पांच जनवरी को कमेटी के 1.82 लाख रुपये मिले थे। हादसे के बाद परिजनों को केवल 15 हजार रुपये मिले हैं। बाकी रकम के साथ रेशमा और हसीना की ज्वैलरी भी गायब है। गायब सामान की शिकायत पुलिस से करने की बात कही है।
अब कहां रहेगा इमरान का परिवार
कमल विहार कालोनी निवासी इमरान का मकान सोमवार रात तिनकों की तरह बिखर गया था। शहर के अस्पताल में इमरान की हालत खतरे से बाहर है। डॉक्टरों की मानें तो तीन चार दिन बाद उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।
लेकिन अस्पताल से निकल कर वह और उनके बेटे कहां रहेंगे। अब उन्हें इसकी चिंता सता रही है। इमरान ने पांच साल पहले कमल विहार कालोनी में 25 वर्ग गज का मकान खरीदा था।
इमरान के पांच भाई रहमान, इकराम, बिट्टू, राशिद और शाहिद अस्पताल में भरपूर मदद कर रहे हैं। राशिद का कहना है कि वह अपने भाई को उस कालोनी में नहीं रहने देंगे, जिसने उनके भाई का सब कुछ छीन लिया।
मदद के लिए एसडीएम ने डीएम को भेजा पत्र
एसडीएम प्रेम रंजन सिंह का कहना है कि मंगलवार शाम ही पीड़ित परिवार की मदद के लिए डीएम को पत्र भेजा गया था। प्रयास किए जा रहे हैं कि पीड़ित परिवार की जल्द मदद हो सके, जिससे वह अपनी जिंदगी बिता सके। इसके अलावा तालाब की जलनिकासी का इंतजाम जीडीए से कराया जाएगा।
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बता दें कि इस इलाके में तालाब के ओवरफ्लो पानी ने मकानों की नींव को कमजोर कर दिया है। इन मकानों में रहने वाले लोगों ने पिछले कुछ वर्षों में कई बार प्रशासन का इस तालाब की ओर ध्यान दिलाया लेकिन प्रशासन अनसुनी करता रहा। लोगों का कहना है कि यहां दोबारा ऐसा ही हादसा फिर हो सकता है।
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नींव में पानी जाने से जर्जर मकान को इमरान बदलना चाहते थे। उन्होंने कई जगह मकान की तलाश भी की थी, लेकिन समय रहते उन्हें मकान नहीं मिल सका और मकान ढहने से इमरान की पत्नी, साली और तीन बच्चों की मौत हो गई। उनका एक बेटा दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
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लोगों की परेशानी
20 साल पहले सीतापुर से आकर यहां मकान बनाया था। पति की मौत के बाद बेटी के साथ रहती हूं। कपड़ों पर कढ़ाई करके जीवन यापन होता है। जर्जर ही सही सिर पर छत तो है। यही सोचकर मकान में रहती हूं। यहां से मकान बेचने का प्रयास किया मगर कोई खरीदार ही नहीं है। - शहनाज
पांच साल पहले बुलंदशहर से लोनी आए थे। आठ सौ रुपये देकर किराए के मकान में रहती हूं। मकान में दरार आई हुई है। लेकिन मजबूरी है। बेटी की पढ़ाई को बीच में छोड़कर नहीं जा सकती। बेटी के पेपर होते ही मकान खाली करके कहीं और मकान लेंगे। - हसीना
अपनों की पांच लाशें देख टूट गया इमरान
पत्नी रेशमा, साली हसीना और तीन बच्चों के शवों को देख कर इमरान देर रात से सदमे में है। देर रात अस्पताल से ही उसे कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां उसने किसी तरह खुद को संभालकर मृतकों को अंतिम विदाई दी। शवों को सुपुर्द ए खाक किए जाने के बाद उसे दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
बता दें कि कमल विहार डाबर तालाब कालोनी में सोमवार देर रात इमरान का मकान गिरने से पत्नी साली और तीन बच्चाें की मौत हो गई थी। जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घर में रखे करीब पौने दो लाख रुपये गायब
इमरान के भाई राशिद ने बताया कि उन्हें पांच जनवरी को कमेटी के 1.82 लाख रुपये मिले थे। हादसे के बाद परिजनों को केवल 15 हजार रुपये मिले हैं। बाकी रकम के साथ रेशमा और हसीना की ज्वैलरी भी गायब है। गायब सामान की शिकायत पुलिस से करने की बात कही है।
अब कहां रहेगा इमरान का परिवार
कमल विहार कालोनी निवासी इमरान का मकान सोमवार रात तिनकों की तरह बिखर गया था। शहर के अस्पताल में इमरान की हालत खतरे से बाहर है। डॉक्टरों की मानें तो तीन चार दिन बाद उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।
लेकिन अस्पताल से निकल कर वह और उनके बेटे कहां रहेंगे। अब उन्हें इसकी चिंता सता रही है। इमरान ने पांच साल पहले कमल विहार कालोनी में 25 वर्ग गज का मकान खरीदा था।
इमरान के पांच भाई रहमान, इकराम, बिट्टू, राशिद और शाहिद अस्पताल में भरपूर मदद कर रहे हैं। राशिद का कहना है कि वह अपने भाई को उस कालोनी में नहीं रहने देंगे, जिसने उनके भाई का सब कुछ छीन लिया।
मदद के लिए एसडीएम ने डीएम को भेजा पत्र
एसडीएम प्रेम रंजन सिंह का कहना है कि मंगलवार शाम ही पीड़ित परिवार की मदद के लिए डीएम को पत्र भेजा गया था। प्रयास किए जा रहे हैं कि पीड़ित परिवार की जल्द मदद हो सके, जिससे वह अपनी जिंदगी बिता सके। इसके अलावा तालाब की जलनिकासी का इंतजाम जीडीए से कराया जाएगा।