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फर्जी इंश्योरेंस एजेंट को दबोचा
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 26 Nov 2016 10:55 PM IST
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इंश्योरेंस
- फोटो : demo
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फर्जी इंश्योरेंस एजेंट के हाथों ठगे जाने के बाद इंदिरापुरम निवासी तीन दोस्तों ने आरोपी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी से कई इंश्योरेंस कंपनियों के लेटर हेड, स्टांप, पैन ड्राइव और फार्म बरामद हुए हैं।वैभव खंड स्थित आदित्य मेगा सिटी निवासी अमित गुप्ता ने अपने ड्राइवर से एक एजेंट का नंबर लेकर तीन महीने पहले कार का इंश्योरेंस कराया।
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इसी एजेंट से नीति खंड निवासी उनके दोस्त भरत सिंह ने भी अपनी जिप्सी का इंश्योरेंस कराया। ज्ञान खंड निवासी एक अन्य दोस्त संजीव कुमार ने अपनी कार का इंश्योरेंस कराने के लिए अमित गुप्ता से संपर्क किया, अमित ने उन्हें भी एजेंट का नंबर दे दिया। शुक्रवार को एजेंट आया और उनकी कार का इंश्योरेंस करके चला गया।
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संजीव को इंश्योरेंस की कॉपी देखने के पर कुछ शक हुआ, जिस पर अपने दोस्तों से बात की और उनकी काफी भी देखी। पता चला कि तीन महीने पहले किए गए उनके दोस्तों की इंश्योरेंस की कॉफी का नंबर 82 और 83 है जबकि उनकी कॉफी का नंबर 81 है। उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क किया और पता चला कि उनकी कार का कोई इंश्योरेंस हुआ ही नहीं है।
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तब तीनों दोस्तों ने एजेंट को एक और कार के इंश्योरेंस कराने का झांसा देकर बुलाया। तीनों दोस्तों के सवालों में एजेंट उलझने लगा, जिसके बाद एजेंट को पुलिस के हवाले किर दिया गया। पुलिस ने उसके बैग से फर्जी स्टैंप, इंश्योरेंस कंपनियों के लेटर हेड, पैन ड्राइव आदि बरामद किए हैं। तीनों दोस्तों ने फर्जी एजेंट के खिलाफ थाना इंदिरापुरम में तहरीर दी है।
एसओ शीलेश यादव ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।महीने में 80 से 90 लोगों को लगाता था चूना संजीव, अमित और भरत ने बताया कि एजेंट से बातचीत में पता चला कि सोशल साइट पर अपने साथी के साथ मिल कर लोगों से संपर्क करते थे।
महीने में 80 से 90 लोगों को चूना लगाते थे। एजेंट के साथी को भी फोन कर बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आया।