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भीकनपुर में फिर जातीय संघर्ष, दो घायल
ब्यूरो,अमर उजाला मुरादनगर।
Updated Tue, 23 Aug 2016 01:12 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस की लापरवाही से भीकनपुर गांव में सोमवार रात फिर जातीय संघर्ष हो गया। दबंगों ने काम के बाद लौट रहे दो मजदूरों पर हमला बोलकर उन्हें घायल कर दिया। गंभीर हालत में दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। सीओ सदर मय पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। सोमवार रात करीब सवा सात बजे भीकनपुर गांव निवासी जयबीर बुग्गी लेकर और प्रमोद मजदूरी कर गांव में लौट रहे थे।
आरोप है कि गांव के बीच रास्ते में दबंगों ने लाठी-डंडों से दोनों पर हमला कर दिया। खबर गांव में फैलते ही दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गये। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस बल गांव में पहुंचा और जांच शुरू कर दी।
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पुलिस ने घायल जयबीर और प्रमोद को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दोबारा जातीय संघर्ष होने के कारण गांव में तनाव है। सीओ सदर पवन कुमार ने गांव का दौरा किया। गांव में तनाव के चलते पुलिस फोर्स तैनात किया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
गौरतलब है कि भीकनपुर गांव में रविवार रात दो पक्षों में टशनबाजी को लेकर जातीय संघर्ष हो गया था। दोनों पक्षों मे जमकर लाठी डंडे, पथराव और फायरिंग हुई थी। इसमें दोनों पक्षों के सात लोग घायल हो गए। घायलों में मनोज, सचिन, प्रवीन, सनी और अरुण, निखिल और निशांत हैं।
संघर्ष के बाद दलित समाज के लोगों ने डर से घरों से निकलना बंद कर दिया है। दो दिन से चल रहे जातीय संघर्ष के कारण गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है।
दोनों तरफ से 24 लोगों पर रिपोर्ट
एसओ सुबोध सक्सेना ने बताया कि कुल 24 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सुभाष जाटव ने रोहित, बिट्टू, बबलू, राहुल, संजू, मंगू और निखिल के खिलाफ के रिपोर्ट दर्ज कराई है जबकि दूसरे पक्ष से संजीव कुमार ने मनोज, कलुवा, राजन, सनी, रोहित, प्रवीन, मनोज, मोहित, रिंकू, श्रवण, सुमित, विपिन, देवधर, सचिन, मोनू आदि के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चौकी प्रभारी की लापरवाही से जातीय संघर्ष
ग्रामीणों की मानें तो रविवार सुबह दोनों पक्षों ने विवाद होने के बाद थाने में तहरीर दी थी लेकिन चौकी प्रभारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। चौकी प्रभारी समय रहते कार्रवाई कर देते तो दोनों पक्षों में जातीय संघर्ष नहीं होता।
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सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। सीओ सदर मय पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। सोमवार रात करीब सवा सात बजे भीकनपुर गांव निवासी जयबीर बुग्गी लेकर और प्रमोद मजदूरी कर गांव में लौट रहे थे।
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आरोप है कि गांव के बीच रास्ते में दबंगों ने लाठी-डंडों से दोनों पर हमला कर दिया। खबर गांव में फैलते ही दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गये। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस बल गांव में पहुंचा और जांच शुरू कर दी।
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पुलिस ने घायल जयबीर और प्रमोद को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दोबारा जातीय संघर्ष होने के कारण गांव में तनाव है। सीओ सदर पवन कुमार ने गांव का दौरा किया। गांव में तनाव के चलते पुलिस फोर्स तैनात किया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
गौरतलब है कि भीकनपुर गांव में रविवार रात दो पक्षों में टशनबाजी को लेकर जातीय संघर्ष हो गया था। दोनों पक्षों मे जमकर लाठी डंडे, पथराव और फायरिंग हुई थी। इसमें दोनों पक्षों के सात लोग घायल हो गए। घायलों में मनोज, सचिन, प्रवीन, सनी और अरुण, निखिल और निशांत हैं।
संघर्ष के बाद दलित समाज के लोगों ने डर से घरों से निकलना बंद कर दिया है। दो दिन से चल रहे जातीय संघर्ष के कारण गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है।
दोनों तरफ से 24 लोगों पर रिपोर्ट
एसओ सुबोध सक्सेना ने बताया कि कुल 24 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सुभाष जाटव ने रोहित, बिट्टू, बबलू, राहुल, संजू, मंगू और निखिल के खिलाफ के रिपोर्ट दर्ज कराई है जबकि दूसरे पक्ष से संजीव कुमार ने मनोज, कलुवा, राजन, सनी, रोहित, प्रवीन, मनोज, मोहित, रिंकू, श्रवण, सुमित, विपिन, देवधर, सचिन, मोनू आदि के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चौकी प्रभारी की लापरवाही से जातीय संघर्ष
ग्रामीणों की मानें तो रविवार सुबह दोनों पक्षों ने विवाद होने के बाद थाने में तहरीर दी थी लेकिन चौकी प्रभारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। चौकी प्रभारी समय रहते कार्रवाई कर देते तो दोनों पक्षों में जातीय संघर्ष नहीं होता।