फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   administration's meeting also halted, the fees remained frozen

प्रशासन की बैठक में भी हंगामा, फीस पर फांस बरकरार

Wed, 19 Apr 2017 03:16 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Wed, 19 Apr 2017 03:16 PM IST
विज्ञापन
administration's meeting also halted, the fees remained frozen
फीस पर फांस - फोटो : अमर उजाला

फीस बढ़ोतरी के मामले पर मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से बुलाई गई अभिभावकों और स्कूल संचालकों की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों की लाचारी देखकर अभिभावक भड़क उठे और खूब हंगामा किया।

विज्ञापन


सवा घंटे की बैठक में आधे से ज्यादा समय हंगामा और एक दूसरे को शांत कराने में ही खत्म हो गया। अंत में एडीएम फाइनेंस ने निजी स्कूल संचालकों से अगले 20 दिन तक एनुअल चार्ज नहीं लेने की रिक्वेस्ट कर मामले को शांत कराया। उधर, प्रशासनिक अफसरों के ढीले रवैये से पैरेंट्स काफी गुस्से में हैं।
विज्ञापन


बैठक में एनुअल चार्ज के  साथ ही एनसीईआरटी किताबें लागू कराने के  साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई। एडीएम फाइनेंस राजेश यादव ने शासनादेश के विरुद्ध एनुअल चार्ज और कॉशन मनी लिए जाने पर नाराजगी तो जाहिर की लेकिन तत्काल स्कूल संचालकों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई पर फैसला नहीं कर सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


सामने सबूत होने के बावजूद वह कहते रहे कि जांच कराई जाएगी। प्रदेश सरकार की एनओसी की शर्तों के खिलाफ यदि स्कूल फीस लेता है तो वह एनओसी कैंसल करेंगे। उधर, स्कूल संचालक जिस-जिस मद में पैसा वसूलते हैं, उसके संबंध में न तो वे सीबीएसई का सर्कुलर दिखा पाए और न ही शासन का कोई सर्कुलर।

वहीं, दूसरी ओर अभिभावकों ने अपनी शिकायतों के साथ कई सर्कुलर प्रस्तुत किए, जिसके खिलाफ जाकर स्कूल उनसे मोटी रकम वसूल रहा है।बाद में बैठक समाप्त करते हुए एडीएम राजेश यादव ने जब यह कहा कि अभिभावक तब तक फीस जमा करा दें और जांच के बाद कोई फैसला होगा।

उन्होंने अभिभावकों को यह तक कह डाला कि पिछले साल भी तो उन लोगों ने एनुअल फीस जमा कराई ही थी। उनके इतना कहते ही अभिभावकों ने हूटिंग और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद एडीएम ने स्कूल संचालकों से 20 दिन तक एनुअल फीस न लेने की रिक्वेस्ट की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि जांच समिति के समक्ष स्कूल यह साबित करें कि वे एनुअल चार्ज किस आधार पर लेते हैं। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राज सिंह यादव, बीएसए लालजी यादव और सिटी मजिस्ट्रेट ब्रह्मदेव सिंह भी मौजूद रहे।

अभिभावकों के हंगामे पर एडीएम ने बुलाई पुलिस
बैठक के दौरान कुछ अभिभावक बीच में पहुंचे और फीस के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने अमान्य स्कूलों का भी मुद्दा उठाया।


बैठक करते हुए एडीएम फाइनेंस ने अभिभावक को बार-बार शांत रहने और बैठने को कहा लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस बुलाकर उन अभिभावकों को बैठक से बाहर निकाला। बैठक से निकालने के बाद अभिभावक सुदेश शर्मा जिला मुख्यालय के बाहर ही धरना देकर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा
- शासन के आदेश के बावजूद स्कूल क्यों वसूलते हैं एनुअल फीस
- कॉशन मनी और डवलेपमेंट के नाम पर एनओसी के खिलाफ क्यों ली जा रही मोटी रकम

- सीबीएसई आदेश के बावजूद स्कूल में क्यों नहीं लग रही एनसीईआरटी की किताब
- आदेश के बावजूद फीस बढ़ाने में क्यों नहीं ली जाती एसएमसी की सलाह

- मिड सेशन में स्कूल से किस आधार पर काटे जाते हैं बच्चों के नाम


अभिभावकों को यह मिली राहत
- कोई भी स्कूल अगले 20 दिनों तक किसी भी अभिभावकों से एनुअल चार्ज जमा नहीं कराएगा।
- अभिभावकों की मर्जी के बिना उन पर रेफरेंस बुक का बोझ नहीं डाला जाएगा।

- जिन बच्चों ने स्कूल के  दबाव में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें खरीद ली हैं, अब स्कूल ही उन्हें एनसीईआरटी की किताब उपलब्ध कराएगा।
- प्रदेश सरकार से मिलने वाली एनओसी और सीबीएइर्स से मान्यता की शर्तों को स्कूल के  साइन बोर्ड पर लिखें।

- स्कूल प्रत्येक वर्ष बच्चों से कितनी फीस लेते हैं और उसका व्यय कहां करते हैं इसकी रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय में भी जमा कराएं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed