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70 मोबाइल का प्रयोग कर डील करता था एजीएम-Cordination
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:06 AM IST
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एआईजी स्टांप के घर के बाहर मिले 70 मोबाइल, हड़कंप
धोखाधड़ी के आरोपी एआईजी स्टांप राजेश शर्मा के घर के बाहर गेट पर शुक्रवार को गत्ते के दो डिब्बों में 70 मोबाइल फोन मिलने से हड़कंप मच गया। सभी मोबाइल में सिम भी लगे हुए हैं।
पुलिस का मानना है कि एआईजी स्टांप प्रत्येक डील में नए मोबाइल का इस्तेमाल करते थे। पुलिस अब बरामद सभी मोबाइल की सीडीआर खंगालने में जुट गई है।
कार्यवाहक सीओ सेकेंड सुबोध गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार सुबह पुलिस को क्रासिंग्स रिपब्लिक सोसायटी के गार्ड ने फोन पर जानकारी दी कि आरोपी एआईजी स्टांप राजेश शर्मा के परिजनों ने दो बड़े गत्ते के डिब्बों में मोबाइल भरकर गेट के पास रख दिए हैं।
इस पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों डिब्बों को कब्जे में ले लिया। इनमें कुल 70 मोबाइल रखे हुए थे। सभी में विभिन्न कंपनियों की सिम भी लगे हैं।
पुलिस पूछताछ में एआईजी स्टांप ने बताया है कि जो मोबाइल बरामद किए गए हैं, वह उनके दोस्त और रिश्तेदारों के हैं। सीओ ने बताया कि पुलिस अब इन सभी मोबाइल और उनमें लगे सिम कार्ड की जांच कर रही है। प्रत्येक मोबाइल के आईएमईआई नंबर के माध्यम से सीडीआर निकलवाकर देखा जाएगा कि किस मोबाइल से किस किसको और कब-कब फोन किए गए।
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बता दें कि रेड मॉल के सर्किल रेट कम करने से लेकर स्टांप में हेराफेरी करने के मामले में शामिल एआईजी स्टांप राजेश शर्मा को कविनगर पुलिस ने बृहस्पतिवार रात को क्रॉसिंग्स रिपब्लिक से गिरफ्तार किया था।
एआईजी स्टांप राजेश शर्मा का कहना है कि जिले के कई आला अधिकारी उन्हें फंसाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में इंदिरापुरम के एक बिल्डर के यहां करीब 24.5 करोड़ की स्टांप चोरी पकड़ी थी। जिस प्रापर्टी पर साढ़े 24 करोड़ रुपये का स्टांप लगना चाहिए था, उसकी डील मात्र 100 रुपये के स्टांप पर की गई थी।
इसके बाद उन्होंने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश कर दिए थे। आरोप है कि उसी बिल्डर ने गाजियाबाद के कई अधिकारियों के साथ मिलकर उनके साथ षडयंत्र रचकर उन्हें फंसा दिया।
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धोखाधड़ी के आरोपी एआईजी स्टांप राजेश शर्मा के घर के बाहर गेट पर शुक्रवार को गत्ते के दो डिब्बों में 70 मोबाइल फोन मिलने से हड़कंप मच गया। सभी मोबाइल में सिम भी लगे हुए हैं।
पुलिस का मानना है कि एआईजी स्टांप प्रत्येक डील में नए मोबाइल का इस्तेमाल करते थे। पुलिस अब बरामद सभी मोबाइल की सीडीआर खंगालने में जुट गई है।
कार्यवाहक सीओ सेकेंड सुबोध गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार सुबह पुलिस को क्रासिंग्स रिपब्लिक सोसायटी के गार्ड ने फोन पर जानकारी दी कि आरोपी एआईजी स्टांप राजेश शर्मा के परिजनों ने दो बड़े गत्ते के डिब्बों में मोबाइल भरकर गेट के पास रख दिए हैं।
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इस पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों डिब्बों को कब्जे में ले लिया। इनमें कुल 70 मोबाइल रखे हुए थे। सभी में विभिन्न कंपनियों की सिम भी लगे हैं।
पुलिस पूछताछ में एआईजी स्टांप ने बताया है कि जो मोबाइल बरामद किए गए हैं, वह उनके दोस्त और रिश्तेदारों के हैं। सीओ ने बताया कि पुलिस अब इन सभी मोबाइल और उनमें लगे सिम कार्ड की जांच कर रही है। प्रत्येक मोबाइल के आईएमईआई नंबर के माध्यम से सीडीआर निकलवाकर देखा जाएगा कि किस मोबाइल से किस किसको और कब-कब फोन किए गए।
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बता दें कि रेड मॉल के सर्किल रेट कम करने से लेकर स्टांप में हेराफेरी करने के मामले में शामिल एआईजी स्टांप राजेश शर्मा को कविनगर पुलिस ने बृहस्पतिवार रात को क्रॉसिंग्स रिपब्लिक से गिरफ्तार किया था।
एआईजी स्टांप राजेश शर्मा का कहना है कि जिले के कई आला अधिकारी उन्हें फंसाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में इंदिरापुरम के एक बिल्डर के यहां करीब 24.5 करोड़ की स्टांप चोरी पकड़ी थी। जिस प्रापर्टी पर साढ़े 24 करोड़ रुपये का स्टांप लगना चाहिए था, उसकी डील मात्र 100 रुपये के स्टांप पर की गई थी।
इसके बाद उन्होंने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश कर दिए थे। आरोप है कि उसी बिल्डर ने गाजियाबाद के कई अधिकारियों के साथ मिलकर उनके साथ षडयंत्र रचकर उन्हें फंसा दिया।