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ऑनलाइन ठगी मामला-bulandshahr
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:21 AM IST
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सर्विस टैक्स रिटर्न से खुलेगी वेबवर्क की कुंडली
ऑनलाइन ठगी के मामले में सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है। इसी बीच अनुराग गर्ग की कंपनी वेबवर्क की फाइलें खंगाली जा रही हैं। इसी कड़ी में सेंट्रल एक्साइज एवं सर्विस टैक्स विभाग से कंपनी की रिटर्न फाइल मांगी जा रही है।
बताया जा रहा है कि सेंट्रल एक्साइज विभाग से जुड़े कई अहम दस्तावेज सीबीआई के लिए जांच में अहम होंगे। इसमें रिटर्न फाइल से कंपनी के कुल कारोबार का पता लगाया जा सकेगा।
सर्विस टैक्स विभाग के रिकार्ड में कंपनी पांच अक्तूबर 2016 को महज एक लाख रुपये की पैड अप कैपिटल पर पंजीकृत हुई। कंपनी के पंजीकरण के वक्त अनुराग गर्ग का पैन कार्ड नंबर 03611601 और संदेश वर्मा कापैन नंबर 07590454 दिया गया।
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सेंट्रल एक्साइज से जुड़े सूत्र बताते हैं कि दोनों पैन एवं डीआईएन नंबर पर करीब 500 करोड़ रुपये से ऊपर का लेनदेन हुआ जिस पर सर्विस टैक्स भी अदा किया गया। चौंकाने वाले बात यह है कि अनुराग गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के कई दिन बाद भी कंपनी कारोबार करती रही।
इससे पता चलता है कि नोएडा पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद कंपनी के लेनदेन पर रोक नहीं लगाई। कंपनी का सर्वर व अन्य सिस्टम सीज करने के लिए काफी समय दिया गया, जिससे अंदेशा है कि काफी पैसा दूसरी जगहों पर भी स्थानांतरित हुआ।
इसी बीच पुलिस ने करीब चार महीने तक मामले को सिर्फ वेबवर्क ट्रेड लिंक प्राइवेट तक सीमित करके रखा। जबकि मुख्य शिकायतकर्ता अमित किशोर जैन ने ग्रुप की दूसरी कंपनी एड बुक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी शिकायत की गई थी।
ह्य इस कंपनी में अनुराग गर्ग, संदेश वर्मा के साथ ही मुजफ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक की एक महिला भी निदेशक मंडल में शामिल है। ऑनलाइन किराना कारोबार से जुड़ी इस कंपनी से को लेकर आरोप है कि वेबवर्क की बड़ी धनराशि इसमें स्थानांतरित की गई।
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ऑनलाइन ठगी के मामले में सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है। इसी बीच अनुराग गर्ग की कंपनी वेबवर्क की फाइलें खंगाली जा रही हैं। इसी कड़ी में सेंट्रल एक्साइज एवं सर्विस टैक्स विभाग से कंपनी की रिटर्न फाइल मांगी जा रही है।
बताया जा रहा है कि सेंट्रल एक्साइज विभाग से जुड़े कई अहम दस्तावेज सीबीआई के लिए जांच में अहम होंगे। इसमें रिटर्न फाइल से कंपनी के कुल कारोबार का पता लगाया जा सकेगा।
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सर्विस टैक्स विभाग के रिकार्ड में कंपनी पांच अक्तूबर 2016 को महज एक लाख रुपये की पैड अप कैपिटल पर पंजीकृत हुई। कंपनी के पंजीकरण के वक्त अनुराग गर्ग का पैन कार्ड नंबर 03611601 और संदेश वर्मा कापैन नंबर 07590454 दिया गया।
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सेंट्रल एक्साइज से जुड़े सूत्र बताते हैं कि दोनों पैन एवं डीआईएन नंबर पर करीब 500 करोड़ रुपये से ऊपर का लेनदेन हुआ जिस पर सर्विस टैक्स भी अदा किया गया। चौंकाने वाले बात यह है कि अनुराग गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के कई दिन बाद भी कंपनी कारोबार करती रही।
इससे पता चलता है कि नोएडा पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद कंपनी के लेनदेन पर रोक नहीं लगाई। कंपनी का सर्वर व अन्य सिस्टम सीज करने के लिए काफी समय दिया गया, जिससे अंदेशा है कि काफी पैसा दूसरी जगहों पर भी स्थानांतरित हुआ।
इसी बीच पुलिस ने करीब चार महीने तक मामले को सिर्फ वेबवर्क ट्रेड लिंक प्राइवेट तक सीमित करके रखा। जबकि मुख्य शिकायतकर्ता अमित किशोर जैन ने ग्रुप की दूसरी कंपनी एड बुक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी शिकायत की गई थी।
ह्य इस कंपनी में अनुराग गर्ग, संदेश वर्मा के साथ ही मुजफ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक की एक महिला भी निदेशक मंडल में शामिल है। ऑनलाइन किराना कारोबार से जुड़ी इस कंपनी से को लेकर आरोप है कि वेबवर्क की बड़ी धनराशि इसमें स्थानांतरित की गई।