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अब जीडी को नहीं रोक सकेंगे, ऑनलाइन होगी दर्ज-Ghaziabad city
Updated Tue, 05 Dec 2017 01:14 AM IST
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अब नहीं चलेगी थानेदार की मनमानी, जीडी होगी ऑनलाइन
गाजियाबाद/मसूरी। थानों को पेपर लेस करने की प्रक्रिया में जिले की पुलिस अब एक कदम और आगे बढ़ गई है। अब थानों में जनरल डायरी (जीडी) भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। एक दिसंबर से पुलिस ने घंटाघर कोतवाली, मसूरी समेत कई थानों में इसकी शुरुआत कर दी है। जल्द ही जिले भर के थानों में इस नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) के तहत पुलिस अभी तक एफआईआर, चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट ऑनलाइन तैयार करती थी। अब पुलिस ने सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर के नए वर्जन सीएएस-4.5 (कैस-4.5) का प्रयोग शुरू कर दिया है। इसमें अब पुलिस थानों में जीडी भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। यानी थाने में होने वाले हर कामकाज को तत्काल जीडी में दर्ज करना होगा। थाना प्रभारी अब जीडी को रोककर नहीं रख सकेंगे।
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कामकाज में आएगी पारदर्शिता
जीडी ऑनलाइन होने के बाद पुलिस के कामकाज में और पारदर्शिता आएगी। पुलिस अगर किसी व्यक्ति को पूछताछ में लेती है तो उसे तत्काल जीडी में इसकी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके अलावा अन्य कार्यों की सूचना भी तत्काल जीडी में दर्ज होगी। पूर्व में पुलिस अनावश्यक रूप से जीडी को रोक लेती थी। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को भी कई दिन बाद जीडी में दर्शाया जाता था। अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
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ऑपरेटर्स की कमी भी आएगी आड़े
पुलिस थानों में कंप्यूटर ऑपरेटर तो है, लेकिन जीडी लिखना हर कंप्यूटर ऑपरेटर के बस की बात नहीं है। इसके लिए थानों में एक्सपर्ट मुंशी होते हैं। इन मुंशियों पर जीडी लिखनी आती है, लेकिन अधिकांश पर कंप्यूटर पर टाइपिंग करना नहीं आता है। ऐसे में पुलिस को इस समस्या का समाधान करने में भी दिक्कत पेश आएंगी।
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अधिकारी बोले
एक दिसंबर से कई थानों में जीडी ऑनलाइन दर्ज करनी शुरू कर दी गई है। इसके लिए सीसीटीएनएस के तहत नए सॉफ्टवेयर पर काम किया जा रहा है। जल्द ही सभी थानों में जीडी ऑनलाइन हो जाएगी। थानों का कार्यकलाप जीडी में ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। - आकाश तोमर, एसपी सिटी
गाजियाबाद/मसूरी। थानों को पेपर लेस करने की प्रक्रिया में जिले की पुलिस अब एक कदम और आगे बढ़ गई है। अब थानों में जनरल डायरी (जीडी) भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। एक दिसंबर से पुलिस ने घंटाघर कोतवाली, मसूरी समेत कई थानों में इसकी शुरुआत कर दी है। जल्द ही जिले भर के थानों में इस नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) के तहत पुलिस अभी तक एफआईआर, चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट ऑनलाइन तैयार करती थी। अब पुलिस ने सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर के नए वर्जन सीएएस-4.5 (कैस-4.5) का प्रयोग शुरू कर दिया है। इसमें अब पुलिस थानों में जीडी भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। यानी थाने में होने वाले हर कामकाज को तत्काल जीडी में दर्ज करना होगा। थाना प्रभारी अब जीडी को रोककर नहीं रख सकेंगे।
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कामकाज में आएगी पारदर्शिता
जीडी ऑनलाइन होने के बाद पुलिस के कामकाज में और पारदर्शिता आएगी। पुलिस अगर किसी व्यक्ति को पूछताछ में लेती है तो उसे तत्काल जीडी में इसकी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके अलावा अन्य कार्यों की सूचना भी तत्काल जीडी में दर्ज होगी। पूर्व में पुलिस अनावश्यक रूप से जीडी को रोक लेती थी। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को भी कई दिन बाद जीडी में दर्शाया जाता था। अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
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ऑपरेटर्स की कमी भी आएगी आड़े
पुलिस थानों में कंप्यूटर ऑपरेटर तो है, लेकिन जीडी लिखना हर कंप्यूटर ऑपरेटर के बस की बात नहीं है। इसके लिए थानों में एक्सपर्ट मुंशी होते हैं। इन मुंशियों पर जीडी लिखनी आती है, लेकिन अधिकांश पर कंप्यूटर पर टाइपिंग करना नहीं आता है। ऐसे में पुलिस को इस समस्या का समाधान करने में भी दिक्कत पेश आएंगी।
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अधिकारी बोले
एक दिसंबर से कई थानों में जीडी ऑनलाइन दर्ज करनी शुरू कर दी गई है। इसके लिए सीसीटीएनएस के तहत नए सॉफ्टवेयर पर काम किया जा रहा है। जल्द ही सभी थानों में जीडी ऑनलाइन हो जाएगी। थानों का कार्यकलाप जीडी में ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। - आकाश तोमर, एसपी सिटी