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वर्चस्व के लिए की थी पार्षद के भतीजे की हत्या-Ghaziabad city
Updated Wed, 13 Jun 2018 06:08 PM IST
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वर्चस्व के लिए कांस्टेबल के बेटे ने की थी पार्षद के भतीजे की हत्या
गाजियाबाद। रईसपुर के पार्षद मनोज चौधरी के भतीजे निशांत चौधरी (24) की हत्या यूपी पुलिस के कांस्टेबल के बेटे ने विक्रांत उर्फ विक्की ने वर्चस्व के लिए की थी। गांव ही में रहने वाले विक्की को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल बरामद कर ली है। विक्रांत ने ही निशांत की हत्या से एक दिन पहले छह जून को मेरठ रोड स्थित मॉडल शॉप में बिल मांगने पर कैंटीन संचालक को गोली मार दी थी।
एसपी सिटी आकाश तोमर और सीओ सेकेंड आतिश कुमार सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मृतक निशांत और गांव के ही रहने वाले विक्रांत का काफी दिनों से झगड़ा चल रहा था। सात जून को हुई हत्या की वारदात से एक दिन पूर्व छह जून को आरोपी विक्रांत और मृतक निशांत का जूस की दुकान पर झगड़ा हुआ था। विक्रांत ने निशांत के भाई प्रशांत पर पिस्टल तान दी थी। तब मामला शांत हो गया था। गांव के युवकों ने दोनों का समझौता करा दिया था। इससे विक्रांत को लगा कि गांव के लड़कों में उसका वर्चस्व नहीं रहेगा। ऐसे में अगले दिन सात जून को विक्रांत ने अपने एक साथी अंकित को साथ लिया और रात करीब नौ बजे निशांत पर उसके घेर के पास ही गोलियां चला दीं। निशांत के दाहिने हाथ की ओर से सीने में लगी और दिल तक पहुंच गई थी। उसकी मौत हो गई थी। एसपी सिटी ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश के लिए एसओजी, सब इंस्पेक्टर प्रजंत त्यागी व संजय नगर चौकी इंचार्ज ज्ञानेंद्र सिरोही को लगाया गया था। उन्होंने कोलंबिया एशिया अस्पताल के पास से सोमवार रात करीब सवा सात बजे गिरफ्तार किया गया। विक्रांत ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि छह जून को मेरठ रोड पर कैंटीन संचालक नरेश कुमार को भी उसने ही गोली मारी थी। पुलिस ने कार नंबर को ट्रेस कर लिया था। यह कार भी विक्की की है।
देहरादून से बीटेक की पढ़ाई कर रहा विक्रांत
पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी विक्रांत के पिता ब्रजपाल उर्फ बिरजू यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं और फिलहाल एलआईयू में तैनात हैं। विक्रांत के कारनामों से वह परेशान हैं। इसीलिए उन्होंने विक्रांत को पहले मेरठ में कंकरखेड़ा में शिफ्ट कर दिया था और अब उसका एडमिशन देहरादून के एक कॉलेज में बीटेक में कराया था। वह बीटेक की पढ़ाई कर रहा है और गांव में कभी-कभार आता था।
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गाजियाबाद। रईसपुर के पार्षद मनोज चौधरी के भतीजे निशांत चौधरी (24) की हत्या यूपी पुलिस के कांस्टेबल के बेटे ने विक्रांत उर्फ विक्की ने वर्चस्व के लिए की थी। गांव ही में रहने वाले विक्की को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल बरामद कर ली है। विक्रांत ने ही निशांत की हत्या से एक दिन पहले छह जून को मेरठ रोड स्थित मॉडल शॉप में बिल मांगने पर कैंटीन संचालक को गोली मार दी थी।
एसपी सिटी आकाश तोमर और सीओ सेकेंड आतिश कुमार सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मृतक निशांत और गांव के ही रहने वाले विक्रांत का काफी दिनों से झगड़ा चल रहा था। सात जून को हुई हत्या की वारदात से एक दिन पूर्व छह जून को आरोपी विक्रांत और मृतक निशांत का जूस की दुकान पर झगड़ा हुआ था। विक्रांत ने निशांत के भाई प्रशांत पर पिस्टल तान दी थी। तब मामला शांत हो गया था। गांव के युवकों ने दोनों का समझौता करा दिया था। इससे विक्रांत को लगा कि गांव के लड़कों में उसका वर्चस्व नहीं रहेगा। ऐसे में अगले दिन सात जून को विक्रांत ने अपने एक साथी अंकित को साथ लिया और रात करीब नौ बजे निशांत पर उसके घेर के पास ही गोलियां चला दीं। निशांत के दाहिने हाथ की ओर से सीने में लगी और दिल तक पहुंच गई थी। उसकी मौत हो गई थी। एसपी सिटी ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश के लिए एसओजी, सब इंस्पेक्टर प्रजंत त्यागी व संजय नगर चौकी इंचार्ज ज्ञानेंद्र सिरोही को लगाया गया था। उन्होंने कोलंबिया एशिया अस्पताल के पास से सोमवार रात करीब सवा सात बजे गिरफ्तार किया गया। विक्रांत ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि छह जून को मेरठ रोड पर कैंटीन संचालक नरेश कुमार को भी उसने ही गोली मारी थी। पुलिस ने कार नंबर को ट्रेस कर लिया था। यह कार भी विक्की की है।
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देहरादून से बीटेक की पढ़ाई कर रहा विक्रांत
पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी विक्रांत के पिता ब्रजपाल उर्फ बिरजू यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं और फिलहाल एलआईयू में तैनात हैं। विक्रांत के कारनामों से वह परेशान हैं। इसीलिए उन्होंने विक्रांत को पहले मेरठ में कंकरखेड़ा में शिफ्ट कर दिया था और अब उसका एडमिशन देहरादून के एक कॉलेज में बीटेक में कराया था। वह बीटेक की पढ़ाई कर रहा है और गांव में कभी-कभार आता था।
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