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पांच ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति
Updated Mon, 19 Mar 2018 01:00 AM IST
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पांच ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति
गाजियाबाद। गांवों में हैंडपंप रिबोर कराने के नाम पर बड़ी धांधली का मामले सामने आया है, जिस पर जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने पांच ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ निलंबन की संस्तुति कर दी है। साथ ही संबंधित ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। दो स्तर पर जांच कराए जाने के बाद डीएम की तरफ से कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसी बीच डीएम ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि अगर किसी भी योजना या काम में हेराफेरी की गई तो बख्शे नहीं जाओगे।
सरकार ने पहले ग्राम पंचायत स्तर पर रिबोर कराने और उसका पैसा जारी करने का अधिकारी दिया है। चालू वित्तीय वर्ष में करीब 410 हैंडपंप को गांवों में रिबोर कराया गया है, जिनका सत्यापन करने के लिए डीएम ने दूसरे विभागों के अधिकारियों को लगाया। सत्यापन रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ हैंडपंप रिबोर हुए ही नहीं है और काम पूरा दिखाकर भुगतान कर दिया गया। रिपोर्ट के बाद डीएम ने दोबारा से जांच बैठा। इस बीच क्लास वन स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वो उन गांवों में जाकर भौतिक सत्यापन कर, जहां पर रिबोर हुए बिना ही भुगतान किए जाने के मामले सामने आए हैं। दूसरी जांच में रिबोर के नाम पर भारी धांधली की रिपोर्ट दी गई। डीएम का कहना है कि मामला शासकीय पद पर रहते हुए वित्तीय अनियमितता व सरकारी धन के दुरुपयोग का है, जिसको देखते हुए पांच ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित करने की संस्तुति की गई है। साथ ही ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही कुछ अन्य मामलों की जांच जारी है जिनकी रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। गांवों में हैंडपंप रिबोर कराने के नाम पर बड़ी धांधली का मामले सामने आया है, जिस पर जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने पांच ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ निलंबन की संस्तुति कर दी है। साथ ही संबंधित ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। दो स्तर पर जांच कराए जाने के बाद डीएम की तरफ से कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसी बीच डीएम ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि अगर किसी भी योजना या काम में हेराफेरी की गई तो बख्शे नहीं जाओगे।
सरकार ने पहले ग्राम पंचायत स्तर पर रिबोर कराने और उसका पैसा जारी करने का अधिकारी दिया है। चालू वित्तीय वर्ष में करीब 410 हैंडपंप को गांवों में रिबोर कराया गया है, जिनका सत्यापन करने के लिए डीएम ने दूसरे विभागों के अधिकारियों को लगाया। सत्यापन रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ हैंडपंप रिबोर हुए ही नहीं है और काम पूरा दिखाकर भुगतान कर दिया गया। रिपोर्ट के बाद डीएम ने दोबारा से जांच बैठा। इस बीच क्लास वन स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वो उन गांवों में जाकर भौतिक सत्यापन कर, जहां पर रिबोर हुए बिना ही भुगतान किए जाने के मामले सामने आए हैं। दूसरी जांच में रिबोर के नाम पर भारी धांधली की रिपोर्ट दी गई। डीएम का कहना है कि मामला शासकीय पद पर रहते हुए वित्तीय अनियमितता व सरकारी धन के दुरुपयोग का है, जिसको देखते हुए पांच ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित करने की संस्तुति की गई है। साथ ही ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही कुछ अन्य मामलों की जांच जारी है जिनकी रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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