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मदद के लिए चाय वाले के परिजनों ने डीएम की गाड़ी घेरी, हंगामा
Updated Tue, 24 Jul 2018 06:04 PM IST
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चाय वाले की बेटी ने गाड़ी के आगे बेटे को फेंका
गाजियाबाद। मिसल गढ़ी (आकाश नगर) में हादसा होने के बाद मलबा हटाते समय चाय वाले का लिंटर भी क्षतिग्रस्त हो गया। सोमवार को जैसे ही कमिश्नर और डीएम मौके पर पहुंची, विरोध में चाय वाले के परिवार वालों ने हंगामा खड़ा कर दिया। डीएम तो कमिश्नर की गाड़ी में बैठकर आगे बढ़ गईं, लेकिन पीड़ित परिवार ने उनकी गाड़ी घेर ली। इतना ही नहीं पीड़ित की बेटी ने गुस्से में अपने बेटे को डीएम की गाड़ी के आगे फेंक दिया। पुलिस ने किसी तरह समझाकर पीड़ित परिवार को शांत किया।
सोमवार को शाम करीब चार बजे कमिश्नर अनीता सी मेश्राम के साथ डीएम रितु माहेश्वरी को लेकर मौके पर पहुंच गईं। मौके का मुआयना करने के बाद कमिश्नर की गाड़ी में ही डीएम भी बैठ गईं। डीएम की गाड़ी पीछे रह गई। इसी बीच प्रदीप कुमार और उसके परिवार ने हंगामा खड़ा कर दिया। उनका कहना था कि बरसात के दौरान मकान ध्वस्त होने पर उसका मलबा हटाते समय उनका मकान क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। जबकि हम भी मदद के हकदार हैं। डीएम के स्टाफ और पुलिस ने प्रदीप के परिवार वालों को गाड़ी के आगे से हटाने की कोशिश की। इससे गुस्सा प्रदीप की बेटी ने अपने बेटे को डीएम की गाड़ी के आगे फेंक दिया। हंगामा होने पर पुलिस ने मदद कराने का आश्वासन देकर प्रदीप के परिवार वालों को शांत कराया। इसके बाद प्रदीप ने अपने क्षेत्र के लेखपाल को मदद के लिए एसडीएम के नाम पत्र लिखकर दिया है, लेकिन अभी तक उसके परिवार को कोई मदद नहीं मिल पाई है।
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गाजियाबाद। मिसल गढ़ी (आकाश नगर) में हादसा होने के बाद मलबा हटाते समय चाय वाले का लिंटर भी क्षतिग्रस्त हो गया। सोमवार को जैसे ही कमिश्नर और डीएम मौके पर पहुंची, विरोध में चाय वाले के परिवार वालों ने हंगामा खड़ा कर दिया। डीएम तो कमिश्नर की गाड़ी में बैठकर आगे बढ़ गईं, लेकिन पीड़ित परिवार ने उनकी गाड़ी घेर ली। इतना ही नहीं पीड़ित की बेटी ने गुस्से में अपने बेटे को डीएम की गाड़ी के आगे फेंक दिया। पुलिस ने किसी तरह समझाकर पीड़ित परिवार को शांत किया।
सोमवार को शाम करीब चार बजे कमिश्नर अनीता सी मेश्राम के साथ डीएम रितु माहेश्वरी को लेकर मौके पर पहुंच गईं। मौके का मुआयना करने के बाद कमिश्नर की गाड़ी में ही डीएम भी बैठ गईं। डीएम की गाड़ी पीछे रह गई। इसी बीच प्रदीप कुमार और उसके परिवार ने हंगामा खड़ा कर दिया। उनका कहना था कि बरसात के दौरान मकान ध्वस्त होने पर उसका मलबा हटाते समय उनका मकान क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। जबकि हम भी मदद के हकदार हैं। डीएम के स्टाफ और पुलिस ने प्रदीप के परिवार वालों को गाड़ी के आगे से हटाने की कोशिश की। इससे गुस्सा प्रदीप की बेटी ने अपने बेटे को डीएम की गाड़ी के आगे फेंक दिया। हंगामा होने पर पुलिस ने मदद कराने का आश्वासन देकर प्रदीप के परिवार वालों को शांत कराया। इसके बाद प्रदीप ने अपने क्षेत्र के लेखपाल को मदद के लिए एसडीएम के नाम पत्र लिखकर दिया है, लेकिन अभी तक उसके परिवार को कोई मदद नहीं मिल पाई है।
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