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सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को किया नजरबंद, आरोपी करता रहा महापंचायत
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सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को किया नजरबंद, आरोपी करता रहा महापंचायत
लोनी/गाजियाबाद। सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता अफसरों से न्याय की गुहार लगाती रही। दूसरी ओर आरोपी पूर्व चेयरमैन पुलिस की मौजूदगी में महापंचायत करता रहा। पुलिस अधिकारी आरोपी को पकड़ने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाए। आरोपी पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष मनोज धामा ने खुद को पंचायत में बेकसूर बताया। पीड़िता ने ओडियो जारी कर आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपी को संरक्षण दे रही है। तमाम शिकायतों के बाद भी महापंचायत को नहीं रोका गया। उल्टे मुझे नजरबंद कर दिया गया।
बेहटा हाजीपुर कालोनी स्थित कैंप कार्यालय में रविवार सुबह चेयरमैन पति मनोज धामा ने महापंचायत की। अध्यक्षता जीएस गहलौत ने की। पंचायत में करीब एक दर्जन सभासद, बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बुजुर्ग समेत भाजपा और अन्य पार्टी के नेता पहुंचे। महापंचायत को संबोधित करते हुए मनोज धामा ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक रूप से उनसे ईर्ष्या करने लगे हैं, जो साजिश के तहत महिला से उनके ऊपर गलत आरोप लगवा रहे हैं। सभी आरोप झूठे हैं। बिना नाम लिए कहा कि एक जनप्रतिनिधि मुझे झूठे मुकदमे में फंसा रहे हैं। यही जनप्रतिनिधि लोनी में पैसों की उगाही कर रहा है, जिसका सच एक दिन सामने आएगा। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने पिछले 15 साल से हमेशा जनता की सेवा की है और आगे भी करते रहेंगे। इस मौके पर अश्वनी कुमार, अशोक त्यागी, अनिल कसाना, बबलू खलीफा, जितेंद्र प्रमुख, सतपाल शर्मा, बबलू शर्मा, जीतू गुर्जर, सतीश जैन, रोहित , अमित तोमर, कमल शर्मा, विजय भाटी, इसरार बेग, श्रवण चंदेल, बिल्लू सभासद, सतबीर चौधरी, कर्ण सिंह, धर्मेन्द्र त्यागी, सलीम पहलवान, ब्रहमेश तिवारी आदि मौजूद रहे। बार्डर थाना एसएचओ शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महापंचायत की वीडियोग्राफी की गई है। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है।
‘आरोप लगाने वाली महिला मेरी बहन जैसी’
मनोज धामा ने कहा कि उनके ऊपर आरोप लगाने वाली महिला उनकी बहन जैसी है। महिला से यह सब कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिला सामने आकर मामले का पर्दाफाश करना चाहती है, लेकिन उनके विपक्षी उस पर दबाव बना रहे हैं। एक दिन महिला लोनी की जनता के सामने आकर जनप्रतिनिधि की पोल खोलेगी। वहीं, उन्होंने महिला को सरकारी सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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मूकदर्शक बने रहे पुलिस अधिकारी
सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता दो दिन पहले डीएम और एसएसपी से मिली। उसने आरोप लगाया कि आरोपी मनोज धामा उस पर फैसला कराने के लिए दबाव बना रहा है। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि आरोप महापंचायत करने के लिए लोगों से संपर्क कर रहा है। पंचायत के लिए अनुमति भी नहीं ली है। अधिकारियों ने पीड़िता को गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन रविवार को आरोपी ने महापंचायत बुलाई। बड़ी बात यह रही कि पुलिस के आला अधिकारी महापंचायत में पहुंचे। किसी ने उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटाई। सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी खुलेआम महापंचायत करके पुलिस के सामने चला गया।
ये था मामला
लोनी बार्डर थाना क्षेत्र की एक कालोनी में रहने वाली महिला ने लोनी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज धामा और उनके छह साथियों पर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला ने कोर्ट में गुहार लगाई थी। कोर्ट ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर लोनी बार्डर थाने में बीते 10 मई को मनोज धामा समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले में विवेचना चल रही है। अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिला है। साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नजरबंद करने संबंधी महिला के आरोप निराधार हैं। पुलिस केवल इसलिए मौके पर भेजी गई थी, जिससे कोई बवाल न हो। - श्लोक कुमार, प्रभारी एसएसपी
बिना अनुमति महापंचायत कराने की धाराओं में लोनी बार्डर थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। - नीरज कुमार जादौन, एसपी देहात
एसएसपी आवास के सामने करूंगी आत्महत्या
सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने वीडियो जारी कर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि आरोपी से पुलिस वाले मिले हुए हैं। मुझे पंचायत में जाने से रोक दिया। पुलिस के अधिकारी कहते हैं कि वह फरार हैं। उसे कैसे गिरफ्तार करें। आरोप लगाया कि आरोपी मेरे बच्चों की हत्या करने की धमकी दे रहे हैं। मोदी-योगी की सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। भाजपा की सरकार में दुष्कर्म हुआ है। कहा कि महापंचायत में आरोपी ने उसके बारे में काफी गंदा बोला है। पुलिस ने अपराधी को पंचायत करने का मौका दिया। पीड़िता ने कहा कि मुझे इंसाफ नहीं मिला तो एसएसपी के घर के पास आत्महत्या करूंगी। मुझे पैसे नहीं चाहिए। आरोपी से मुझे और मेरे बच्चों को जान का खतरा है। मुझे न्याय चाहिए।
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लोनी/गाजियाबाद। सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता अफसरों से न्याय की गुहार लगाती रही। दूसरी ओर आरोपी पूर्व चेयरमैन पुलिस की मौजूदगी में महापंचायत करता रहा। पुलिस अधिकारी आरोपी को पकड़ने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाए। आरोपी पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष मनोज धामा ने खुद को पंचायत में बेकसूर बताया। पीड़िता ने ओडियो जारी कर आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपी को संरक्षण दे रही है। तमाम शिकायतों के बाद भी महापंचायत को नहीं रोका गया। उल्टे मुझे नजरबंद कर दिया गया।
बेहटा हाजीपुर कालोनी स्थित कैंप कार्यालय में रविवार सुबह चेयरमैन पति मनोज धामा ने महापंचायत की। अध्यक्षता जीएस गहलौत ने की। पंचायत में करीब एक दर्जन सभासद, बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बुजुर्ग समेत भाजपा और अन्य पार्टी के नेता पहुंचे। महापंचायत को संबोधित करते हुए मनोज धामा ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक रूप से उनसे ईर्ष्या करने लगे हैं, जो साजिश के तहत महिला से उनके ऊपर गलत आरोप लगवा रहे हैं। सभी आरोप झूठे हैं। बिना नाम लिए कहा कि एक जनप्रतिनिधि मुझे झूठे मुकदमे में फंसा रहे हैं। यही जनप्रतिनिधि लोनी में पैसों की उगाही कर रहा है, जिसका सच एक दिन सामने आएगा। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने पिछले 15 साल से हमेशा जनता की सेवा की है और आगे भी करते रहेंगे। इस मौके पर अश्वनी कुमार, अशोक त्यागी, अनिल कसाना, बबलू खलीफा, जितेंद्र प्रमुख, सतपाल शर्मा, बबलू शर्मा, जीतू गुर्जर, सतीश जैन, रोहित , अमित तोमर, कमल शर्मा, विजय भाटी, इसरार बेग, श्रवण चंदेल, बिल्लू सभासद, सतबीर चौधरी, कर्ण सिंह, धर्मेन्द्र त्यागी, सलीम पहलवान, ब्रहमेश तिवारी आदि मौजूद रहे। बार्डर थाना एसएचओ शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महापंचायत की वीडियोग्राफी की गई है। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है।
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‘आरोप लगाने वाली महिला मेरी बहन जैसी’
मनोज धामा ने कहा कि उनके ऊपर आरोप लगाने वाली महिला उनकी बहन जैसी है। महिला से यह सब कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिला सामने आकर मामले का पर्दाफाश करना चाहती है, लेकिन उनके विपक्षी उस पर दबाव बना रहे हैं। एक दिन महिला लोनी की जनता के सामने आकर जनप्रतिनिधि की पोल खोलेगी। वहीं, उन्होंने महिला को सरकारी सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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मूकदर्शक बने रहे पुलिस अधिकारी
सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता दो दिन पहले डीएम और एसएसपी से मिली। उसने आरोप लगाया कि आरोपी मनोज धामा उस पर फैसला कराने के लिए दबाव बना रहा है। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि आरोप महापंचायत करने के लिए लोगों से संपर्क कर रहा है। पंचायत के लिए अनुमति भी नहीं ली है। अधिकारियों ने पीड़िता को गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन रविवार को आरोपी ने महापंचायत बुलाई। बड़ी बात यह रही कि पुलिस के आला अधिकारी महापंचायत में पहुंचे। किसी ने उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटाई। सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी खुलेआम महापंचायत करके पुलिस के सामने चला गया।
ये था मामला
लोनी बार्डर थाना क्षेत्र की एक कालोनी में रहने वाली महिला ने लोनी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज धामा और उनके छह साथियों पर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला ने कोर्ट में गुहार लगाई थी। कोर्ट ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर लोनी बार्डर थाने में बीते 10 मई को मनोज धामा समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले में विवेचना चल रही है। अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिला है। साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नजरबंद करने संबंधी महिला के आरोप निराधार हैं। पुलिस केवल इसलिए मौके पर भेजी गई थी, जिससे कोई बवाल न हो। - श्लोक कुमार, प्रभारी एसएसपी
बिना अनुमति महापंचायत कराने की धाराओं में लोनी बार्डर थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। - नीरज कुमार जादौन, एसपी देहात
एसएसपी आवास के सामने करूंगी आत्महत्या
सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने वीडियो जारी कर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि आरोपी से पुलिस वाले मिले हुए हैं। मुझे पंचायत में जाने से रोक दिया। पुलिस के अधिकारी कहते हैं कि वह फरार हैं। उसे कैसे गिरफ्तार करें। आरोप लगाया कि आरोपी मेरे बच्चों की हत्या करने की धमकी दे रहे हैं। मोदी-योगी की सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। भाजपा की सरकार में दुष्कर्म हुआ है। कहा कि महापंचायत में आरोपी ने उसके बारे में काफी गंदा बोला है। पुलिस ने अपराधी को पंचायत करने का मौका दिया। पीड़िता ने कहा कि मुझे इंसाफ नहीं मिला तो एसएसपी के घर के पास आत्महत्या करूंगी। मुझे पैसे नहीं चाहिए। आरोपी से मुझे और मेरे बच्चों को जान का खतरा है। मुझे न्याय चाहिए।