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आईएमईआई बदलकर बेचते थे मोबाइल-Cordination
Updated Wed, 19 Jul 2017 05:07 PM IST
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लूटे गए 779 मोबाइल के साथ आठ गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने लूटे गए मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह के आठ बदमाशों को सोमवार रात नवयुग मार्केट से धर दबोचा। उनकेपास से 779 मोबाइल, दो लैपटॉप, एक कंप्यूटर, सात ‘चेंजर की’ और कई सॉफ्टवेयर प्रोग्राम की सीडी बरामद हुई हैं।
पकड़े गए बदमाशों में पांच स्नैचर हैं और तीन टेकभनीशियन हैं, जो दुकान में आईएमईआई बदलते थे। आईएमईआई बदलने के बाद मोबाइल को दो से पांच हजार में बेच देते थे। बदमाश नवयुग मार्केट में मोबाइल शॉप चलाते थे। गिरोह अभी तक एक हजार से अधिक मोबाइलों की आईएमईआई बदल चुका है।
एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी दिनेश यादव ने टीम के साथ नवयुग मार्केट की एक मोबाइल शॉप पर छापा मारकर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया।
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उनके पास से कुल 779 मोबाइल बरामद हुए हैं, जिनमें पांच आईफोन है। गिरोह का सरगना हरिओम निवासी दिल्ली गेट गाजियाबाद, मनोज निवासी नंदग्राम और अफसर निवासी भजनपुरा दिल्ली केसाथ आईएमईआई बदलता था।
चांद, अकरम, कासिफ निवासी इस्लामनगर, शानू निवासी साहिबाबाद और गौरव निवासी दीनागढ़ी स्नैचिंग करते थे। हरिओम, मनोज और अफसर पहले मोबाइल रिपेयरिंग शॉप चलाते थे।
इस दौरान चांद अपने साथियों केसाथ मोबाइल बेचने आया और उसने हरिओम को आईएमईआई बदलने का आइडिया दिया। इसके बाद उन्होंने गफ्फार मार्केट से सॉफ्टवेयर और चेंजर की खरीदी और आईएमआई बदलने का धंधा शुरू किया।
सभी लुटेरे व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से पाकिस्तान और चीन के ग्रुपों से जुड़े थे। इन ग्रुपों पर मोबाइल से जुड़ी जानकारियां साझा की जाती थी। आईएमईआई बदलने में कोई परेशानी आने केबाद यू ट्यूब की भी मदद लेते थे।
पाकिस्तान और चीन से जुड़े होने की सूचना के बाद आईबी की टीम क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंची और लुटेरों से पूछताछ की। पुलिस और आईबी जांच कर रही है कि कहीं लुटेरों ने किसी प्रकार की खुफिया जानकारी विदेशियों तक नहीं पहुंचाई हो।
हरिओम ने बताया कि आईफोन और ब्लैक बेरी फोन की आईएमईआई बदली नहीं जा सकती। इसे देखते हुए उन्होंने चीन के लोगों से संपर्क साधा था। चीन के लोगों ने जानकारी दी थी कि कैसे आईफोन और ब्लैक बेरी का आईएमईआई बदला जाए। पांच आईफोन उन्होंने चीन से मिली जानकारी पर आईएमईआई बदलने के लिए ही गफ्फार मार्केट से मंगवाए थे।
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क्राइम ब्रांच ने लूटे गए मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह के आठ बदमाशों को सोमवार रात नवयुग मार्केट से धर दबोचा। उनकेपास से 779 मोबाइल, दो लैपटॉप, एक कंप्यूटर, सात ‘चेंजर की’ और कई सॉफ्टवेयर प्रोग्राम की सीडी बरामद हुई हैं।
पकड़े गए बदमाशों में पांच स्नैचर हैं और तीन टेकभनीशियन हैं, जो दुकान में आईएमईआई बदलते थे। आईएमईआई बदलने के बाद मोबाइल को दो से पांच हजार में बेच देते थे। बदमाश नवयुग मार्केट में मोबाइल शॉप चलाते थे। गिरोह अभी तक एक हजार से अधिक मोबाइलों की आईएमईआई बदल चुका है।
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एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी दिनेश यादव ने टीम के साथ नवयुग मार्केट की एक मोबाइल शॉप पर छापा मारकर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया।
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उनके पास से कुल 779 मोबाइल बरामद हुए हैं, जिनमें पांच आईफोन है। गिरोह का सरगना हरिओम निवासी दिल्ली गेट गाजियाबाद, मनोज निवासी नंदग्राम और अफसर निवासी भजनपुरा दिल्ली केसाथ आईएमईआई बदलता था।
चांद, अकरम, कासिफ निवासी इस्लामनगर, शानू निवासी साहिबाबाद और गौरव निवासी दीनागढ़ी स्नैचिंग करते थे। हरिओम, मनोज और अफसर पहले मोबाइल रिपेयरिंग शॉप चलाते थे।
इस दौरान चांद अपने साथियों केसाथ मोबाइल बेचने आया और उसने हरिओम को आईएमईआई बदलने का आइडिया दिया। इसके बाद उन्होंने गफ्फार मार्केट से सॉफ्टवेयर और चेंजर की खरीदी और आईएमआई बदलने का धंधा शुरू किया।
सभी लुटेरे व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से पाकिस्तान और चीन के ग्रुपों से जुड़े थे। इन ग्रुपों पर मोबाइल से जुड़ी जानकारियां साझा की जाती थी। आईएमईआई बदलने में कोई परेशानी आने केबाद यू ट्यूब की भी मदद लेते थे।
पाकिस्तान और चीन से जुड़े होने की सूचना के बाद आईबी की टीम क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंची और लुटेरों से पूछताछ की। पुलिस और आईबी जांच कर रही है कि कहीं लुटेरों ने किसी प्रकार की खुफिया जानकारी विदेशियों तक नहीं पहुंचाई हो।
हरिओम ने बताया कि आईफोन और ब्लैक बेरी फोन की आईएमईआई बदली नहीं जा सकती। इसे देखते हुए उन्होंने चीन के लोगों से संपर्क साधा था। चीन के लोगों ने जानकारी दी थी कि कैसे आईफोन और ब्लैक बेरी का आईएमईआई बदला जाए। पांच आईफोन उन्होंने चीन से मिली जानकारी पर आईएमईआई बदलने के लिए ही गफ्फार मार्केट से मंगवाए थे।