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वोट कटा तो मतदान प्रतिशत घटा-Ghaziabad city
Updated Mon, 27 Nov 2017 01:34 AM IST
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वोट कटने से घटा मतदान प्रतिशत
गाजियाबाद। नए वार्ड परिसीमन और वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण में खामियों की वजह से इस बार निकाय चुनाव में मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक-एक बूथ पर सैकड़ों की संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब मिले। कैला भट्ठा, पटेल नगर, विजय नगर, प्रताप विहार समेत शहर भर में मतदाताओं को बूथों तक पहुंचने के बाद मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने पर बिना वोट डाले बैरंग लौटना पड़ा। उन्होंने कैला भट्ठा में प्रदर्शन कर विरोध भी जताया। माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के वोट कटने से इस बार मतदान का प्रतिशत घट गया। 2012 के निकाय चुनाव में जहां 59.33 फीसदी मतदान हुआ था, वहीं इस बार यह आंकड़ा काफी पीछे रह गया।
दरअसल, इस बार वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया गया तो वार्डों का विस्तार भी हुआ। ऐसे में वोटरों के वोटिंग बूथ भी बदल गए। इसके अनुसार वोटर लिस्ट अपडेट नहीं हो पाई। हालांकि जिला प्रशासन ने करीब दो महीने पहले से मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य शुरू कराकर बीएलओ की ड्यूटी लगा दी गई थी। बावजूद इसके बीएलओ ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य सही तरीके से नहीं किया। लोगों की शिकायत रही कि बीएलओ उनके क्षेत्र में आए ही नहीं और उनका नाम मतदाता सूची से गायब कर दिया गया। रविवार को मतदान के दौरान कैला भट्टा में सैकड़ों लोगों को वोट डाले बिना ही लौटना पड़ा।
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फर्जी वोटिंग में 12 से अधिक हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो
साहिबाबाद। टीएचए में जब कुछ लोग मतदान केंद्र पहुंचे तो उनकी वोट पहले ही पड़ चुकी थी। आरडब्ल्यूए और अन्य लोगों की शिकायत पर पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। शालीमार गार्डन, वैशाली, कड़कड़ मॉडल, जवाहर पार्क, अर्थला, वसुंधरा, इंदिरापुरम में वोट पहले ही पड़ जाने की शिकायतें सबसे ज्यादा आईं।
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इंदिरापुरम के मॉडर्न एकेडमी में बने मतदान केंद्र में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे झुग्गी में रहने वाले वोट डालने पहुंचे। आरडब्ल्यूए के पहचाने पर पुलिस से शिकायत की। यहीं पर दूसरे राज्य से आकर वोट डालने आने के आरोप में दोपहर करीब एक बजे पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया। वसुंधरा सेक्टर-14 स्थित सेठ आनंद राम जयपुरिया स्कूल में भी पौने दो बजे फर्जी वोट डालने की शिकायत मिली तो पुलिस ने प्रत्याशियों के समर्थकों ने खदेड़ा शिप्रा सन सिटी में भी सुबह दस बजेे लोगों ने एक वोटर को फर्जी वोट डालने के आरोप में पकड़ा गया। शाम करीब चार बजे कड़कड़ मॉडल में भी फर्जी वोटिंग की शिकायत पर एक को दबोचा गया। वैशाली सेक्टर-4 में भी एक वोटर को पकड़कर लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। थाना साहिबाबाद क्षेत्र में कोणार्क पब्लिक स्कूल में भी फर्जी वोट डालने को लेकर हंगामा हुआ। पुलिस ने लाठी फटकार के लोगों को वहां से खदेड़ा।
संयुक्त अस्पताल के 150 लोगों का वोट लिस्ट से नाम गायब
गाजियाबाद/लोनी। संजयनगर सेक्टर-23 स्थित संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में रहने वाले एक भी व्यक्ति का वोटर लिस्ट में नाम नहीं था। परिसर में लगभग 150 लोग रहते हैं, जिनके पास वोटिंग का अधिकार है। डॉ. आरसी गुप्ता पत्नी सहित ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल पहुंचे जहां बिना वोट डाले ही उन्हें वापस आना पड़ा। सपा नेता मनजीत सिंह जो कवि नगर केबी- 61 में रहते हैं उनका वोटर लिस्ट में नाम नहीं आया। वह केडीबी स्कूल में वोट देने इस उम्मीद से पहुंचे कि शायद वहां उनको पर्ची मिल जाए लेकिन वह वोट नहीं दे पाए। उन्होंने बताया कि घर में चार सदस्य हैं लेकिन एक भी नाम नहीं आया है। उधर, लोनी में भी लोग दिन भर वोटर लिस्ट में अपने वोट ढूंढते रहे। नरेश, पकंज, सचिन, चंदन, राधा, रमेश, माधवी, सुनीता आदि का कहना था कि वह काफी समय से लोनी में रहते हैं। पिछले निकाय चुनाव में उन्होंने मतदान भी किया था लेकिन इस वर्ष निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब है।
गाजियाबाद। नए वार्ड परिसीमन और वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण में खामियों की वजह से इस बार निकाय चुनाव में मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक-एक बूथ पर सैकड़ों की संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब मिले। कैला भट्ठा, पटेल नगर, विजय नगर, प्रताप विहार समेत शहर भर में मतदाताओं को बूथों तक पहुंचने के बाद मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने पर बिना वोट डाले बैरंग लौटना पड़ा। उन्होंने कैला भट्ठा में प्रदर्शन कर विरोध भी जताया। माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के वोट कटने से इस बार मतदान का प्रतिशत घट गया। 2012 के निकाय चुनाव में जहां 59.33 फीसदी मतदान हुआ था, वहीं इस बार यह आंकड़ा काफी पीछे रह गया।
दरअसल, इस बार वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया गया तो वार्डों का विस्तार भी हुआ। ऐसे में वोटरों के वोटिंग बूथ भी बदल गए। इसके अनुसार वोटर लिस्ट अपडेट नहीं हो पाई। हालांकि जिला प्रशासन ने करीब दो महीने पहले से मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य शुरू कराकर बीएलओ की ड्यूटी लगा दी गई थी। बावजूद इसके बीएलओ ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य सही तरीके से नहीं किया। लोगों की शिकायत रही कि बीएलओ उनके क्षेत्र में आए ही नहीं और उनका नाम मतदाता सूची से गायब कर दिया गया। रविवार को मतदान के दौरान कैला भट्टा में सैकड़ों लोगों को वोट डाले बिना ही लौटना पड़ा।
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फर्जी वोटिंग में 12 से अधिक हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो
साहिबाबाद। टीएचए में जब कुछ लोग मतदान केंद्र पहुंचे तो उनकी वोट पहले ही पड़ चुकी थी। आरडब्ल्यूए और अन्य लोगों की शिकायत पर पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। शालीमार गार्डन, वैशाली, कड़कड़ मॉडल, जवाहर पार्क, अर्थला, वसुंधरा, इंदिरापुरम में वोट पहले ही पड़ जाने की शिकायतें सबसे ज्यादा आईं।
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इंदिरापुरम के मॉडर्न एकेडमी में बने मतदान केंद्र में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे झुग्गी में रहने वाले वोट डालने पहुंचे। आरडब्ल्यूए के पहचाने पर पुलिस से शिकायत की। यहीं पर दूसरे राज्य से आकर वोट डालने आने के आरोप में दोपहर करीब एक बजे पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया। वसुंधरा सेक्टर-14 स्थित सेठ आनंद राम जयपुरिया स्कूल में भी पौने दो बजे फर्जी वोट डालने की शिकायत मिली तो पुलिस ने प्रत्याशियों के समर्थकों ने खदेड़ा शिप्रा सन सिटी में भी सुबह दस बजेे लोगों ने एक वोटर को फर्जी वोट डालने के आरोप में पकड़ा गया। शाम करीब चार बजे कड़कड़ मॉडल में भी फर्जी वोटिंग की शिकायत पर एक को दबोचा गया। वैशाली सेक्टर-4 में भी एक वोटर को पकड़कर लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। थाना साहिबाबाद क्षेत्र में कोणार्क पब्लिक स्कूल में भी फर्जी वोट डालने को लेकर हंगामा हुआ। पुलिस ने लाठी फटकार के लोगों को वहां से खदेड़ा।
संयुक्त अस्पताल के 150 लोगों का वोट लिस्ट से नाम गायब
गाजियाबाद/लोनी। संजयनगर सेक्टर-23 स्थित संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में रहने वाले एक भी व्यक्ति का वोटर लिस्ट में नाम नहीं था। परिसर में लगभग 150 लोग रहते हैं, जिनके पास वोटिंग का अधिकार है। डॉ. आरसी गुप्ता पत्नी सहित ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल पहुंचे जहां बिना वोट डाले ही उन्हें वापस आना पड़ा। सपा नेता मनजीत सिंह जो कवि नगर केबी- 61 में रहते हैं उनका वोटर लिस्ट में नाम नहीं आया। वह केडीबी स्कूल में वोट देने इस उम्मीद से पहुंचे कि शायद वहां उनको पर्ची मिल जाए लेकिन वह वोट नहीं दे पाए। उन्होंने बताया कि घर में चार सदस्य हैं लेकिन एक भी नाम नहीं आया है। उधर, लोनी में भी लोग दिन भर वोटर लिस्ट में अपने वोट ढूंढते रहे। नरेश, पकंज, सचिन, चंदन, राधा, रमेश, माधवी, सुनीता आदि का कहना था कि वह काफी समय से लोनी में रहते हैं। पिछले निकाय चुनाव में उन्होंने मतदान भी किया था लेकिन इस वर्ष निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब है।