{"_id":"67be0f12e4445615a4062894","slug":"court-imposed-fine-of-rs-20-lakh-on-check-bounce-ghaziabad-news-c-30-gbd1016-581486-2025-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: चेक बाउंस होने पर अदालत ने लगाया 20 लाख का अर्थदंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: चेक बाउंस होने पर अदालत ने लगाया 20 लाख का अर्थदंड
विज्ञापन
गाजियाबाद। बैंक में चेक बाउंस होने पर अदालत ने मैसर्स सेलेक्ट हॉस्पिटलिटी अहमदाबाद के संचालक रमेश टीकमदास मूलचंदानी पर 20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसमें से 19 लाख रुपये पीड़ित को और एक लाख रुपये राजकीय कोष में जमा कराने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो माह कारावास की सजा सुनाई है। गुजरात के अहमदाबाद निवासी कारोबारी ने साझेदार से 10.25 रुपये उधार लिया था। दो साल बाद चेक दिया तो खाते में धनराशि नहीं होने से बाउंस हो गया था।
विज लीजेंड टूर एंड ट्रेवल्स के डायरेक्टर राज विज ने अदालत में बताया था कि अहमदाबाद के रमेश टीकमदास मूलचंदानी के आपस में व्यावसायिक और मित्रवत संबंध थे। आवश्यकता पड़ने पर आपस में रुपयों का लेनदेन करते थे। कई बार मूलचंदानी ने रुपये उधार लिया और वापस कर दिया। वर्ष 2013 में छह अगस्त और 22 अक्तूबर को तीन-तीन लाख रुपये राज विज ने मूलचंदानी को चेक से दिया। 26 अक्तूबर को तीसरी बार दो लाख और 18 नवंबर को चौथी बार 2.25 लाख रुपये उधार चेक से दिया था। चंदानी ने दिसंबर 2013 से पहले वापिस करने का विश्वास दिलाया था। लेकिन धनराशि वापस नहीं की गई। दस लाख रुपये का चेक 20 नवंबर 2015 को दिया, लेकिन बैंक में बाउंस हो गया। उसकी सूचना चंदानी को दी थी। इसके बाद धनराशि वापस नहीं की गई।
विज्ञापन
विज लीजेंड टूर एंड ट्रेवल्स के डायरेक्टर राज विज ने अदालत में बताया था कि अहमदाबाद के रमेश टीकमदास मूलचंदानी के आपस में व्यावसायिक और मित्रवत संबंध थे। आवश्यकता पड़ने पर आपस में रुपयों का लेनदेन करते थे। कई बार मूलचंदानी ने रुपये उधार लिया और वापस कर दिया। वर्ष 2013 में छह अगस्त और 22 अक्तूबर को तीन-तीन लाख रुपये राज विज ने मूलचंदानी को चेक से दिया। 26 अक्तूबर को तीसरी बार दो लाख और 18 नवंबर को चौथी बार 2.25 लाख रुपये उधार चेक से दिया था। चंदानी ने दिसंबर 2013 से पहले वापिस करने का विश्वास दिलाया था। लेकिन धनराशि वापस नहीं की गई। दस लाख रुपये का चेक 20 नवंबर 2015 को दिया, लेकिन बैंक में बाउंस हो गया। उसकी सूचना चंदानी को दी थी। इसके बाद धनराशि वापस नहीं की गई।
विज्ञापन