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मैं कोरोना पााजिटिव नहीं हुं, एंबुलेंस वाले बेंच देंगे

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2020 08:46 PM IST
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corona positive women crying she is not positive
  मैं कोरोना पााजिटिव नहीं हुं, एंबुलेंस वाले बेंच देंगे - महिला ने रात भर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को छकाया - दिल्ली में पॉजिटिव होने पर अस्पताल ने भगाया, बहन ने भी घर में नहीं घुसने दिया आशुतोष यादव  गाजियाबाद। कोरोना का संक्रमण खून से खून के रिश्ते भी दूर कर दे रहा है। पति से तलाक लेकर मायके में रह रही महिला ने कोरोना पॉजिटिव होने पर रात में बहन का घर खटखटाया तो बहन ने भी घर का दरवाजा बंद करते हुए बाहर से ही वापस कर दिया। इससे दुखी होकर कोरोना संक्रमित महिला इंदिरापुरम पुलिस चौकी के सामने बैठकर पुलिस और अस्पताल को गालियां बकती रही। देर रात ढाई बजे किसी तरह से समझा-बुझाकर महिला को एंबुलेंस में बैठाया गया तो एंबुलेंस चालक को गालियां बकते हुए कहने लगी कि वह लोग उसे कहीं बेंच देंगे। किसी तरह से ले जाकर महिला को ईएसआई अस्पताल राजेंद्र नगर में भर्ती कराया गया।  स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली के कोंडली निवासी महिला का दो साल पहले पति से तलाक हो गया था। इसके बाद से वह मायके में ही रह रही है। पेट में दर्द होने पर जांच कराया तो पता चला कि महिला अपेंडिक्स की मरीज है, वह आपरेशन कराने के लिए डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हो गई। जांच में कोरोना पॉजिटिव पाई गई तो कोई लक्षण न होने पर अस्पताल ने घर जाने की सलाह देतेह हुए अस्पताल से बाहर निकाल दिया। इसके बाद वह मकनपुर खोड़ा में अपनी बहन के घर आ गई। जैसे ही महिला ने बताया कि उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है तो उसे घर से बाहर करते हुए बहन ने दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद महिला इंदिरापुरम पुलिस चौकी के सामने बैठकर पुलिस और अस्पताल को गालियां देने लगी कि उसकी कोरोना की रिपोर्ट झूठी है, क्योंकि उसके अंदर कोई लक्षण ही नहीं है। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को फोन पर जानकारी दिया तो मौके पर एंबुलेंस पहुंच गई। स्टाफ महिला को भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस में बैठाने लगा तो वह पुलिस और एंबुलेंस चालक को मारने दौड़ती, सब लोग संक्रमण की चपेट में आने के डर से पीछे हट जाते थे। किसी तरह से समझाने के बाद महिला एंबुलेंस में बैठी। जब एंबुलेंस साहिबाबाद से मोहन नगर की तरफ जाने लगी तो वह रास्ते में फिर चिल्लाने लगी कि उसे बेचने ले जा रहे हैं। किसी तरह से महिला को ले जाकर ईएसआई राजेंद्र नगर में भर्ती कराया गया।  ----------------- आशुतोष यादव 
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