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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आयुर्वेद विभाग देगा जानकारी 

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2020 05:43 PM IST
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corona infected safe by ayurvedic
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आयुर्वेद विभाग देगा जानकारी  - रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगी अगस्त्यहरीतकी रसायन - अणु तेल, आयुष-64 और संशमनी वटी से दूर होगा संक्रमण माई सिटी रिपोर्टर  गाजियाबाद। आयुष विभाग ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आयुर्वेद विभाग आम लोगों को आयुर्वेद विभाग निशुल्क दवाइयां देगा। आयुष विभाग ने हाल में ही चार दवाएं भेजी हैं और यह चारों दवाएं कोरोना संक्रमण से बचाव में काफी मददगार साबित होंगी। इनमें अणु तेल, आयुष-64, संशमनी वटी और अगस्त्यहरीतकी रसायन शामिल हैं। परेशानी वाली बात यह है कि लाखों रुपये की दवाई तो विभाग के पास आ गई है, लेकिन उन्हें मरीजों को देने वाला स्टाफ व डाक्टरों की ड्यूटी क्वारेंटीन सेंटरों में लगाई गई है।  क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. अशोक राणा ने बताया अगस्त्यहरीतकी रसायन वस्तुतः  इम्यूनिटी बूस्टर (रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाला) है। इसमें गिलोय और पपीता है। स्वस्थ्य व्यक्ति भी नियमित रूप से इसका सुबह - शाम प्रयोग करते रहें। इसके प्रयोग से कोरोना संक्रमण होने का खतरा काफी कम हो जाएगा। वह बताते हैं कि यदि किसी को हल्के लक्षण हों और बुखार या जुकाम की शिकायत हो तो आयुष-64 की एक-एक गोली सुबह-शाम गर्म पानी से ले। यह एंटी वायरल दवा है। इसके साथ ही एक-एक गोली संशमनी वटी की भी लें। संशमनी वटी एनीमिया, टीबी, पुराना बुखार, स्नायु ग्रंथियों और मस्तिष्क को भी ताकतवर बनाती है।  अणु तेल एक आयुर्वेदिक तेल है। यह नसिका मार्ग के लिए बनाया गया। अणु तेल की एक-एक बूंद सुबह-शाम नाक में डाल लें। बिस्तर पर लेटकर अणु तेल का प्रयोग करें। नाक में एक बूंद डालने के बाद गहरी सांस लें और पांच मिनट तक लेटे रहें। डा. राणा बताते हैं कि छोटे बच्चे की नाक में अणु तेल डालना नहीं, बल्कि हल्का सा लगाना है। अणु तेल सिर दर्द, नाक की एलर्जी, साइनस दर्द और नाक में श्लेष्मा झिल्ली में सूजन से छुटकारा दिलाता है। इसके प्रयोग से नाक, गर्दन, मस्तिष्क, आंखों, चेहरे और कान की बीमारी को रोकने के लिए प्रयोग किया जाता है। मस्तिष्क कोशिका की शिथिलता के कारण तंत्रिका विकार में भी यह बड़ा उपयोगी है और संवेदक अंगों के समारोह में वृद्घि के साथ यादाश्त भी बढ़ाता है। जनपद में आयुर्वेद की हैं 24 डिस्पेंसरी क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. अशोक कुमार राणा ने बताया जनपद में आयुर्वेद की कुल मिलाकर 24 डिस्पेंसरी हैं। इन सभी डिस्पेंसरी पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट तैनात हैं। फिलहाल कोरोना संक्रमण के चलते डाक्टरों और फार्मासिस्टों की डयूटी क्वारेंटीन सेंटरों में लगाई गई है। स्थिति काबू में आने के साथ जल्द ही ओपीडी शुरू होने के साथ आयुष विभाग से संक्रमण की रोकथाम के लिए आई दवाओं का वितरण शुरू हो जाएगा।  ----------------
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