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Ghaziabad News: प्लॉट और फ्लैट के नाम पर सहकारी समिति कर रही करोड़ों की ठगी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 20 May 2025 01:21 AM IST
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Cooperative society is cheating crores in the name of plots and flats
साहिबाबाद। परिषद के प्लॉट और फ्लैट दिलाने के नाम पर कई सहकारी समिति लोगों से ठगी कर रही है। अब तक आवास विकास परिषद के पास 20 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े की शिकायत मिली है। परिषद अधिकारियों ने समिति की जांच शुरू कर दी है। अब तक तीन अलग-अलग सहकारी समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, अन्य की विभागीय स्तर पर जांच चल रही है।
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सहकारी अधिकारी अरिमर्दन गौड़ ने बताया कि कई बार लोग कम पैसे में बड़ा मुनाफा कमाने के चक्कर में बिना खोजबीन किए अपना पैसा लगा देते हैं। उन्होंने बताया कि मैसर्स सोलरीस इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राईवेट लिमिटेड पर करीब 20 करोड़ रुपये गबन करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि बिल्डर ने ग्रेटर नोएडा में परिषद के 10 एकड़ जमीन होने के नाम पर लोगों से ठगी की थी। जबकि वास्तविकता यह थी कि परिषद ने अपनी कोई जमीन बिल्डर को दी ही नहीं थी। ऐसे ही रेल निगम सहकारी समिति के खिलाफ भी गत सप्ताह धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया। इस पर करीब 72 लाख की धोखाधड़ी का आरोप था जो बाद में 21 लाख निकला। परिषद की ओर से इसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, एक तुर्मांचल विहार सहकारी समिति के खिलाफ भी परिषद की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। परिषद अधिकारी का कहना है कि पैसा लगाने के वर्षों बाद जब लोग उन तक शिकायत लेकर पहुंचते हैं तो ऐसे मामलों का खुलासा होता है।
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एनसीआर में पंजीकृत 1500 समिति में से मौके पर मिल रहीं 250 सहकारी समिति
आवास विकास परिषद के सहकारी अधिकारी अरिमर्दन सिंह गौड़ ने बताया कि गाजियाबाद एनसीआर में 1500 के करीब सहकारी समिति विभाग में पंजीकृत हैं। वर्तमान में इनमें से महत 250 सहकारी समिति ही कार्यरत हैं। इन समितियों में प्रति वर्ष चुनाव होता है और इसकी रिपोर्ट आती है जबकि अन्य किसी भी समिति की ओर से कोई अपडेट सूचना नहीं दी जाती है। ऐसे में छह माह पूर्व 1200 सहकारी समिति को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था लेकिन अभी तक जवाब भी नहीं आया है। इन समितियों को आने वाले दिनों में फिर से नोटिस जारी किया जाएगा। जिसके बाद भी जवाब न मिलने पर सभी समिति का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
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परिषद की सलाह, पैसा लगाने से पहले करें पड़ताल
सहकारी अधिकारी का कहना है कि लोग ठगे जाने के बाद कार्यालय पहुंचते हैं। लोगों को पैसा लगाने से पहले सहकारी समिति की पड़ताल करनी चाहिए। परिषद की जमीन और फ्लैट समिति के पास हैं भी या नहीं, इसकी जानकारी परिषद में आकर जरूर करनी चाहिए। यहां आकर लोगों को यह भी मालूम हो सकेगा कि समिति पंजीकृत है या नहीं, वर्तमान में यह कार्यरत है या नहीं।
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