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Ghaziabad News: अनुबंध और शासनादेश के फेर में अटका 12 सोसायटी का निर्माण

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:39 AM IST
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Construction of 12 societies stalled due to contract and government order
साहिबाबाद। आवास विकास परिषद के सिद्धार्थ विहार योजना की 12 सहकारी समितियों की सोसायटी का निर्माण नक्शा पास न होने की वजह से रुका हुआ है। करीब तीन दशक पूर्व किसानों से जमीन खरीदने के बावजूद यह समितियां अब तक अपनी सोसायटी निर्मित नहीं कर सकी है। इसकी वजह परिषद अधिकारियों के साथ पूर्व में किए गए अनुबंध और शासनादेश के बीच सामंजस्य न हो पाने की वजह है।
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नक्शा पास न होने से निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से करीब एक हजार से अधिक लोगों का पैसा इसमें फंसा हुआ है। दो वर्ष पूर्व तक यहां काम चल रहा था। लेकिन सभी आवास विकास परिषद ने करीब 170 करोड़ का समायोजन शुल्क लगाकर सभी समितियों को नोटिस भेजा था। इसके साथ ही समितियों का कार्य आविप की ओर से रुकवा दिया गया है। शताब्दी सहकारी समिति के सचिव पीके शर्मा का कहना है कि वर्ष 2016 में विभाग के बीच हुए समझौते के तहत समितियां सभी शुल्क जमा कर चुकी है। बावजूद इसके वर्ष 2022 में विभाग ने शासनादेश के तहत समायोजन शुल्क के नाम पर 170 करोड़ रुपये जमा करने का नोटिस भेज दिया। इसके बाद वह लोग कोर्ट भी गए और हाईकोट ने भी परिषद को इस मामले को सुलझाने का फैसला दिया। बावजूद इसके अब तक भी कोई हल नहीं निकल सका है। इसकी वजह से करीब एक हजार से अधिक लोग अपना मकान पाने के इंतजार में हैं। वहीं इस मामले में अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल का कहना है कि यह मामला शासन स्तर पर चल रहा है, वहीं से समितियों के लिए कुछ निर्णय हो सकेगा।
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क्या है पूरा मामला
सिद्धार्थ विहार में समितियों ने वर्ष 1988-92 में किसानों से जमीनें खरीदी थी। आवास विकास परिषद ने समितियों और किसानों की जमीन को सिद्धार्थ विहार योजना में समायोजित कर लिया गया। समितियों की भूमि समायोजित कर बिना आंतरिक विकास किए बल्क में समायोजित जमीन के बदले महज 50 फीसदी जमीन उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद समितियों को मिली।
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आरोप है कि आविप ने जो 50 फीसदी जमीन समितियों से ली उसके बदले कोई शुल्क भी नहीं दिया। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि 50 फीसदी जमीन पर आविप को डेढ़ गुना विकास शुल्क, लीज रेंट, फ्री होल्ड चार्ज के नाम पर पहले ही करोड़ो रुपये जमा कर चुके हैं। बावजूद इसके वर्ष 2022 में आविप की ओर से समायोजन शुल्क लगाया गया है। उस पर 18 फीसदी ब्याज लग रहा है।
यह हैं सिद्धार्थ विहार की 12 समितियां
- उतर प्रदेश दूरसंचार सहकारी आवास समिति
- काफमी सहकारी आवास समिति
- आदर्श सहकारी आवास समिति
- लोकसभा कर्मचारी सहकारी आवास समिति
- पंचशील सहकारी आवास समिति
- फ्रेंड्स रेलवे सहकारी आवास समिति
- एनआर कर्मचारी सहकारी आवास समिति
- केंद्रीय जल आयोग सहकारी समिति
- शताब्दी सहकारी आवास समिति
- न्यू जागृति एंक्लेव आवास समिति
- आदर्श प्रगतिशल सहकारी गृह निर्माण समिति
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