{"_id":"6a07756e5f0eb8edba040227","slug":"children-studying-in-dilapidated-community-buildings-with-crumbling-roofs-and-walls-ghaziabad-news-c-30-gbd1037-886655-2026-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: स्कूलों की छत और दीवारें जर्जर सामुदायिक भवनों में पढ़ रहे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: स्कूलों की छत और दीवारें जर्जर सामुदायिक भवनों में पढ़ रहे बच्चे
विज्ञापन
गांधीनगर स्तिथ प्राथमिक विद्यालय का जर्ज़र भवन। संवाद
गाजियाबाद। जिले के 65 परिषदीय विद्यालयों की हालत अब भी बदहाल बनी हुई है। कई स्कूलों की छतें टपक रही हैं तो कहीं दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। हालात ऐसे हैं कि बच्चों को दूसरे विद्यालयों और सामुदायिक भवनों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले मानसून के बाद मरम्मत के लिए शासन से बजट मांगा था लेकिन एक साल बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है।
अगले माह के अंत तक मानसून फिर दस्तक दे सकता है। ऐसे में बच्चों और शिक्षकों को फिर से बारिश के बीच जोखिम उठाना पड़ सकता है। गत वर्ष राजस्थान में जर्जर स्कूल भवन की छत गिरने से बच्चों की मौत के बाद शासन ने सभी जिलों से ऐसे विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी थी। गाजियाबाद में भी सर्वे कराया गया। रिपोर्ट में छत टपकने, दीवारों में दरारें, खराब शौचालय, टूटी चहारदीवारी और पुराने भवनों में संचालित स्कूलों का उल्लेख किया गया था।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने बताया कि करीब 65 विद्यालयों की सूची भेजी गई थी। इनमें अलग-अलग प्रकार के मरम्मत कार्य प्रस्तावित हैं। सबसे अधिक विद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अगले माह के अंत तक मानसून फिर दस्तक दे सकता है। ऐसे में बच्चों और शिक्षकों को फिर से बारिश के बीच जोखिम उठाना पड़ सकता है। गत वर्ष राजस्थान में जर्जर स्कूल भवन की छत गिरने से बच्चों की मौत के बाद शासन ने सभी जिलों से ऐसे विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी थी। गाजियाबाद में भी सर्वे कराया गया। रिपोर्ट में छत टपकने, दीवारों में दरारें, खराब शौचालय, टूटी चहारदीवारी और पुराने भवनों में संचालित स्कूलों का उल्लेख किया गया था।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने बताया कि करीब 65 विद्यालयों की सूची भेजी गई थी। इनमें अलग-अलग प्रकार के मरम्मत कार्य प्रस्तावित हैं। सबसे अधिक विद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
विज्ञापन

गांधीनगर स्तिथ प्राथमिक विद्यालय का जर्ज़र भवन। संवाद