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Ghaziabad News: मुनाफे का झांसा देकर 500 से ज्यादा लोगों से 10 करोड़ ठगे
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गाजियाबाद। विजयनगर के प्रताप विहार में जालसाजों ने रॉयल फाइन इंडिया निधि प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी खोलकर रुपये निवेश कराकर मुनाफे समेत लौटाने का झांसा देकर 500 से ज्यादा लोगों से करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी की है। सोमवार को लोग कंपनी के गेट पर पहुंचे तो ताला लगा देख उनके होश उड़ गए। जानकारी करने पर पता चला कि कंपनी के लोग भाग गए हैं। इसके बाद लोगों ने विजयनगर थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की।
पीड़ित गगन ने बताया कि कंपनी में 20 से 25 लोग काम करते थे जो दुकान व घरों में जाकर लोगों से प्रतिदिन के रुपये लेते थे। ऑनलाइन भी किस्त जमा कराते थे। यह दो साल से चल रहा है। किस्त जमा होने का लोगों के पास मैसेज भी आता था। गगन ने बताया कि 100 रुपये प्रतिदिन वाली स्कीम में 540 दिन तक रुपये जमा करने थे। जिसमें 54 हजार के बदले 58 हजार रुपये वापस मिलने थे। डीसीपी नगर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
100 रुपये से 1500 रुपये तक की थी स्कीम
पीड़ित ललित ने बताया कि बैंक ने 100 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की स्कीम निकाल रखी थी। 540 दिन तक रोजाना रुपये जमा करने के बाद वह मुनाफे समेत लौटाने का वादा किया था। आरोप है कि विश्वास जीतने के लिए छोटे निवेशकों के शुरुआत में रुपये भी वापस किए लेकिन एक हजार या ज्यादा रुपये की स्कीम लेने वालों के रुपये वापस नहीं मिले। आरोपियों ने जिन लोगों की स्कीम का समय पूरा हो रहा था उन्हें चेक भी दिए। बैंक खाते में लगाने पर वे बाउंस हो गए।
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पीड़ित गगन ने बताया कि कंपनी में 20 से 25 लोग काम करते थे जो दुकान व घरों में जाकर लोगों से प्रतिदिन के रुपये लेते थे। ऑनलाइन भी किस्त जमा कराते थे। यह दो साल से चल रहा है। किस्त जमा होने का लोगों के पास मैसेज भी आता था। गगन ने बताया कि 100 रुपये प्रतिदिन वाली स्कीम में 540 दिन तक रुपये जमा करने थे। जिसमें 54 हजार के बदले 58 हजार रुपये वापस मिलने थे। डीसीपी नगर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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100 रुपये से 1500 रुपये तक की थी स्कीम
पीड़ित ललित ने बताया कि बैंक ने 100 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की स्कीम निकाल रखी थी। 540 दिन तक रोजाना रुपये जमा करने के बाद वह मुनाफे समेत लौटाने का वादा किया था। आरोप है कि विश्वास जीतने के लिए छोटे निवेशकों के शुरुआत में रुपये भी वापस किए लेकिन एक हजार या ज्यादा रुपये की स्कीम लेने वालों के रुपये वापस नहीं मिले। आरोपियों ने जिन लोगों की स्कीम का समय पूरा हो रहा था उन्हें चेक भी दिए। बैंक खाते में लगाने पर वे बाउंस हो गए।
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