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Ghaziabad News: सीएचसी व पीएचसी पर नहीं हो रहे सिजेरियन प्रसव

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:46 AM IST
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Cesarean deliveries are not taking place at CHC and PHC.
गाजियाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और बेहोशी के डॉक्टरों की कमी के कारण रात में सिजेरियन प्रसव नहीं हो रहे हैं। इस कारण से केंद्र पर प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। यही हाल संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल का भी है। एनेस्थेटिस्ट और महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने से रात में सिजेरियन प्रसव नहीं हो रहे हैं।
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संयुक्त अस्पताल में दो महिला चिकित्सक सेवानिवृत्त होने के बाद दोबारा ज्वाइन किया है। दोनों सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ही अस्पताल में सेवाएं देती हैं। एनेस्थेटिस्ट डॉ. किशोर ने सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा ज्वाइन किया है, वह भी दो बजे तक ही सेवाएं देते हैं। ऐसे में रात में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को वापस कर दिया जाता है। इसके बाद लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों में प्रसव कराने का रुख करते हैं।
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नहीं हो रहा है भुगतान

प्रसव के बाद नगरीय क्षेत्र के अस्पतालों में प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना में 875 को भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिला महिला अस्पताल में 4,875 गर्भवती के प्रसव के लक्ष्य के सापेक्ष 5,577 प्रसव हुए हैं, लेकिन भुगतान सिर्फ 4,951 को ही हो सका। बताया गया कि 426 महिलाओं ने बैंक खाता नंबर नहीं दिया है। वहीं संयुक्त अस्पताल में 25 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिला। अस्पताल में प्रसव भी सिर्फ 48.7 फीसदी हुए हैं।
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स्वास्थ्य समिति की बैठक के आंकड़े के अनुसार सीएचसी मुरादनगर में 91.4 प्रतिशत, लोनी में 95.6 फीसदी, डासना में 97.5 फीसदी, माेदीनगर में 92.3 फीसदी, पीएचसी भोजपुर में 92.5 प्रतिशत ही भुगतान हो पाया है। प्रसव कराने का सबसे खराब स्थिति संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल की है। संयुक्त अस्पताल में 1,400 प्रसव कराने का वार्षिक लक्ष्य है, लेकिन दिसंबर तक सिर्फ 512 प्रसव कराए गए हैं जबकि अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या इससे कहीं अधिक रहती है।

सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता का कहना है कि स्टाफ की कमी है, लेकिन प्रसव हर समय कराया जाता है। रात में स्टाफ कम होने से सिजेरियन प्रसव कराने में परेशानी आती है। इसके बारे में शासन को सूचित किया जा चुका है। जिन 25 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का भुगतान नहीं हो पाया है, उनके पास बैंक खाते नहीं थे। सभी से बैंक खाता संख्या मंगवाया है, जिससे कि उन्हें रुपये दिए जा सकें।

प्रसव कराने के जारी किए गए निर्देश

सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है सीएचसी और पीएचसी पर भी रात में सिजेरियन प्रसव कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को शत-प्रतिशत भुगतान कराने का आदेश जारी किया गया है। जिन प्रसूताओं के बैंक खाते नहीं हैं, उनके बैंक खाते खुलवाने के बाद भुगतान कराया जाएगा।
दिसंबर तक अस्पताल में हुए प्रसव और भुगतान की स्थिति

अस्पताल लक्ष्य प्रसव भुगतान

जिला महिला 4,875 5,577 4,951

जिला संयुक्त 1,050 512 487

सीएचसी डासना 1,575 1,548 1,509



सीएचसी लोनी 3,591 3,364 3,216



पीएचसी भोजपुर 563 761 704

सीएचसी मोदीनगर 1,125 1,033 944

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