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Ghaziabad News: बैंक मैनेजर के रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई अधिकारी से जिरह
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गाजियाबादा। ऋण पास करने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में सीबीआई के ट्रैप अधिकारी मनीष रस्तोगी से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की। विशेष न्यायाधीश भारत सिंह यादव ने अगली सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की है।
विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता जावेद ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी समरीन ने महिला स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 80 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। आवेदन बुलंदशहर के शिकारपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) की शाखा में दिया गया था।
आरोप है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक अंकित मलिक ने ऋण स्वीकृत करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत के बाद सीबीआई ने 11 दिसंबर 2024 को ट्रैप की योजना बनाई। इस कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता ने प्रबंधक को एक लाख रुपये का चेक सौंपा।
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बताया गया कि उसी दिन शाम को चेक का भुगतान हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने ट्रैप टीम को खाते से राशि निकलने की सूचना दी। सीबीआई टीम बैंक परिसर में पहुंची, जहां आरोप है कि प्रबंधक नोटों के पैकेट छिपाने का प्रयास कर रहा था।
उसकी मेज पर जावेद का दिया गया चेक भी मिला, साथ ही मेज के नीचे रखे कूड़ेदान से पांच-पांच सौ रुपये की दो गड्डियां बरामद की गईं। सीबीआई ने जांच के बाद सात फरवरी 2025 को चार्जशीट पेश की थी, जबकि पांच मई को अदालत में आरोप तय हुआ था।
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विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता जावेद ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी समरीन ने महिला स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 80 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। आवेदन बुलंदशहर के शिकारपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) की शाखा में दिया गया था।
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आरोप है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक अंकित मलिक ने ऋण स्वीकृत करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत के बाद सीबीआई ने 11 दिसंबर 2024 को ट्रैप की योजना बनाई। इस कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता ने प्रबंधक को एक लाख रुपये का चेक सौंपा।
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बताया गया कि उसी दिन शाम को चेक का भुगतान हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने ट्रैप टीम को खाते से राशि निकलने की सूचना दी। सीबीआई टीम बैंक परिसर में पहुंची, जहां आरोप है कि प्रबंधक नोटों के पैकेट छिपाने का प्रयास कर रहा था।
उसकी मेज पर जावेद का दिया गया चेक भी मिला, साथ ही मेज के नीचे रखे कूड़ेदान से पांच-पांच सौ रुपये की दो गड्डियां बरामद की गईं। सीबीआई ने जांच के बाद सात फरवरी 2025 को चार्जशीट पेश की थी, जबकि पांच मई को अदालत में आरोप तय हुआ था।