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Ghaziabad News: डाक सहायक को सीबीआई कोर्ट ने सुनाई तीन वर्ष कारावास की सजा
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गाजियाबाद। विशेष सीबीआई कोर्ट ने तत्कालीन डाक सहायक श्याम बाबू को तीन वर्ष की कारावास व दस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। विशेष न्यायाधीश परमेंद्र कुमार ने दोषी श्याम बाबू की अलीगढ़ में कोल तहसील के नंगला तिकोना स्थित 63.59 वर्गमीटर भूखंड पर बने मकान को जब्त करने का आदेश दिया है। श्याम बाबू पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में लखनऊ प्रवर्तन निदेशालय ने केस लखनऊ दर्ज किया था।
सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि अलीगढ़ में डाक सहायक श्याम बाबू ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 24 मार्च 2008 से सात अप्रैल 2008 के बीच 32 लाख 98 हजार 966 रुपये का किसान विकास पत्र का भुगतान एचडीएफसी बैंक व डाकघर में खोले गए फर्जी खाते में भुगतान करा लिया था। मामले की शिकायत होने पर सीबीआई देहरादून ने रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के बाद गाजियाबाद में सीबीआई कोर्ट शुरू होने के बाद केस ट्रांसफर हो गया था। भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई कोर्ट में मामला चल रहा था। प्रवर्तन निदेशालय कोर्ट का भी मामला गाजियाबाद में ट्रांसफर होकर आ गया। शिकायत के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने लखनऊ में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। ईडी को पता चला था कि श्याम बाबू ने आय से अधिक अर्जित की गई 9.32 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की थी, जिसे कुर्क कर ली थी।
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सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि अलीगढ़ में डाक सहायक श्याम बाबू ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 24 मार्च 2008 से सात अप्रैल 2008 के बीच 32 लाख 98 हजार 966 रुपये का किसान विकास पत्र का भुगतान एचडीएफसी बैंक व डाकघर में खोले गए फर्जी खाते में भुगतान करा लिया था। मामले की शिकायत होने पर सीबीआई देहरादून ने रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के बाद गाजियाबाद में सीबीआई कोर्ट शुरू होने के बाद केस ट्रांसफर हो गया था। भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई कोर्ट में मामला चल रहा था। प्रवर्तन निदेशालय कोर्ट का भी मामला गाजियाबाद में ट्रांसफर होकर आ गया। शिकायत के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने लखनऊ में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। ईडी को पता चला था कि श्याम बाबू ने आय से अधिक अर्जित की गई 9.32 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की थी, जिसे कुर्क कर ली थी।
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