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यूपी पुलिस की किरकिरी: गाजियाबाद से पकड़े, एक रात नोएडा में रखे और भोपुरा में रिश्वत लेकर छोड़े, हैकर्स ने फोटो देखकर पहचाने थे...
Thu, 02 Dec 2021 12:06 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 02 Dec 2021 12:06 AM IST
सार
सोमवार को गाजियाबाद पुलिस ने 12 साल में आठ राज्यों के 250 एटीएम हैक कर करीब 30 करोड़ रुपये चुराने वाले गैंग के पांच सदस्यों को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि अगस्त में नोएडा क्राइम ब्रांच ने भी उन्हें पकड़ा था, लेकिन उन्हें रिश्वत लेकर छोड़ दिया।
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एटीएम हैक कर 30 करोड़ चुराने वाला गैंग बेनकाब
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नोएडा क्राइम ब्रांच ने एटीएम हैक कर कैश चुराने वाले जिन आरोपियों को 20 लाख रुपये और क्रेटा कार लेकर छोड़ा, उन्हें गाजियाबाद की सीमा में आकर पकड़ा था। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान नोएडा के डीसीपी क्राइम को यह बात बताई। साथ ही यह भी बताया कि क्राइम ब्रांच ने उन्हें एक रात नोएडा में रखा और अगले दिन दिल्ली के सीमावर्ती भोपुरा में रिश्वत लेकर छोड़ा था।
सोमवार को गाजियाबाद पुलिस ने 12 साल में आठ राज्यों के 250 एटीएम हैक कर करीब 30 करोड़ रुपये चुराने वाले गैंग के पांच सदस्यों को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि अगस्त में नोएडा क्राइम ब्रांच ने भी उन्हें पकड़ा था, लेकिन उन्हें रिश्वत लेकर छोड़ दिया।
मामला उजागर होते ही नोएडा पुलिस की प्रदेशभर में किरकिरी हुई तो पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी क्राइम को जांच सौंपी थी। मंगलवार को डीसीपी क्राइम इंदिरापुरम थाने पहुंचे थे। हैकर्स कोई कहानी तो नहीं बना रहे, इसकी पुष्टि के लिए हैकर्स को नोएडा क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों के फोटो दिखाए गए।
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इनमें से इंस्पेक्टर शावेज खान और सिपाही अमरीश यादव समेत तीन पुलिसकर्मियों को पहचाना था। इसी शिनाख्त परेड के आधार पर डीसीपी क्राइम ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए नोएडा पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर व सिपाही को बर्खास्त करते हुए क्राइम ब्रांच को भंग कर दिया था।
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सोमवार को गाजियाबाद पुलिस ने 12 साल में आठ राज्यों के 250 एटीएम हैक कर करीब 30 करोड़ रुपये चुराने वाले गैंग के पांच सदस्यों को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि अगस्त में नोएडा क्राइम ब्रांच ने भी उन्हें पकड़ा था, लेकिन उन्हें रिश्वत लेकर छोड़ दिया।
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मामला उजागर होते ही नोएडा पुलिस की प्रदेशभर में किरकिरी हुई तो पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी क्राइम को जांच सौंपी थी। मंगलवार को डीसीपी क्राइम इंदिरापुरम थाने पहुंचे थे। हैकर्स कोई कहानी तो नहीं बना रहे, इसकी पुष्टि के लिए हैकर्स को नोएडा क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों के फोटो दिखाए गए।
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इनमें से इंस्पेक्टर शावेज खान और सिपाही अमरीश यादव समेत तीन पुलिसकर्मियों को पहचाना था। इसी शिनाख्त परेड के आधार पर डीसीपी क्राइम ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए नोएडा पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर व सिपाही को बर्खास्त करते हुए क्राइम ब्रांच को भंग कर दिया था।
साहब! किसी ने दबाव नहीं बनाया, जो हुआ था वह बता दिया
पूछताछ में नोएडा पुलिस ने आरोपियों से कई बार यह सवाल भी किया था कि किसी ने उन पर नोएडा क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों का नाम लेने का दबाव तो नहीं बनाया। इस पर आरोपियों ने कहा कि उन पर किसी ने कोई दबाव नहीं बनाया। उनके साथ जो हुआ, वह बता दिया। उन्होंने कहा कि वह लुधियाना में एटीएम से कैश चुराकर लौट रहे थे। रास्ते में नोएडा क्राइम ब्रांच ने उन्हें पकड़ लिया।
एक राजपत्रित अधिकारी का नाम भी आ रहा सामने
आरोपियों ने यह भी कहा कि एक रात नोएडा में रखने के दौरान सादा कपड़ों में आए एक शख्स ने भी उनसे पूछताछ की थी। नोएडा क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उसे अपना साहब बताया था। महकमे में चर्चा है कि यह शख्स एक राजपत्रित अधिकारी थे। हालांकि, अभी तक की जांच में किसी राजपत्रित अधिकारी का नाम उजागर नहीं हुआ है।
डीजीपी ने जिले अधिकारियों से ली जानकारी
डीजीपी मुकुल गोयल ने बुधवार को गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों से एटीएम हैकर्स की गिरफ्तारी के मामले में जानकारी ली। साथ ही उनके द्वारा किए गए नोएडा पुलिस के भ्रष्टाचार के खुलासे पर भी विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने डीजीपी को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा रिश्वत लेकर छोड़ने की बात बताने के बाद नोएडा के अधिकारियों को सूचना दे दी थी।
एक राजपत्रित अधिकारी का नाम भी आ रहा सामने
आरोपियों ने यह भी कहा कि एक रात नोएडा में रखने के दौरान सादा कपड़ों में आए एक शख्स ने भी उनसे पूछताछ की थी। नोएडा क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उसे अपना साहब बताया था। महकमे में चर्चा है कि यह शख्स एक राजपत्रित अधिकारी थे। हालांकि, अभी तक की जांच में किसी राजपत्रित अधिकारी का नाम उजागर नहीं हुआ है।
डीजीपी ने जिले अधिकारियों से ली जानकारी
डीजीपी मुकुल गोयल ने बुधवार को गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों से एटीएम हैकर्स की गिरफ्तारी के मामले में जानकारी ली। साथ ही उनके द्वारा किए गए नोएडा पुलिस के भ्रष्टाचार के खुलासे पर भी विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने डीजीपी को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा रिश्वत लेकर छोड़ने की बात बताने के बाद नोएडा के अधिकारियों को सूचना दे दी थी।