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नोट बंदी के दौरान मरने वालों के परिवार को केंद्र दे मुआवजा

Tue, 22 Nov 2016 11:31 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 22 Nov 2016 11:31 PM IST
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captive center to give compensation to the families of those killed during
चक्रपाणि महाराज - फोटो : अमर उजाला

‘प्रधानमंत्री ने भारत की जनता से 50 दिन का समय मांगा है वह ठीक है, लेकिन सरकार से मांग है कि नोट बंदी के दौरान जो लोग मरे हैं, उनके परिवार वालों को सरकार मुआवजा दे।’ यह कहना है अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज का।

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मंगलवार को आरडीसी में हिंदू महासभा के जिला अध्यक्ष के नाम की घोषणा के लिए पहुंचे चक्रपाणि महाराज पत्रकारों से बात कर रहे थे।प्रेस कांफ्रेंस में चक्रपाणि महाराज ने हिंदू महासभा के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष पद पर आलोक त्यागी को मनोनीत किया। इस दौरान चित्रकला प्रतियोगिता की विजेता प्राची गुप्ता को भी सम्मानित किया गया।
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प्रेसवार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नोट बंदी से पहले मोदी सरकार को तैयारी करनी चाहिए थी। पचास दिन देने के बाद भी देश में व्यवस्था नहीं सुधरी तो यह जनता के साथ बड़ा धोखा होगा।
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इसके अलावा केंद्र सरकार से यह भी मांग है कि नोट बंदी के कारण जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिवार वालों को एक करोड़ का मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए। उन्होंने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम दिया कि गौरक्षा कानून जल्द से जल्द नहीं आया।


अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर ठोस शुरूआत नहीं होती तो हिंदू महासभा के सदस्य चुनावी मैदान में उतरेंगे। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सभा के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद गुप्ता, राष्ट्रीय प्रवक्ता बीके शर्मा और संध्या त्यागी मौजूद रहीं।

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