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Ghaziabad News: एनसीसी कार्यालय में ताले पर फूटा कैडेटों का गुस्सा, सात घंटे हंगामा
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शंभू दयाल डिग्री कॉलेज में एनसीसी कक्षा के गेट पर ताला लगाने&nbs
गाजियाबाद। एकता और अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले एनसीसी कैडेटों का बुधवार को शंभू दयाल पीजी कॉलेज में अलग ही रूप देखने को मिला। एनसीसी कार्यालय में ताला लगाए जाने के विरोध में कैडेटों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ करीब सात घंटे तक हंगामा किया। प्राचार्य के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके कक्ष में धरना दिया, नारेबाजी की और जगह-जगह ‘प्राचार्य लापता’ लिखे पोस्टर चस्पा कर दिए। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के निकास द्वार पर ताला डालकर स्टाफ को कैद कर दिया। शाम को पुलिसबल पहुंचने के बाद हालात सामान्य हुए।
कॉलेज परिसर स्थित एनसीसी कार्यालय में सोमवार को कॉलेज प्रशासन ने ताला लगा दिया था। इसके बाद से कैडेटों में आक्रोश था। इसी के विरोध में बुधवार सुबह करीब 11 बजे 100 से अधिक एनसीसी कैडेट एबीवीपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। इसके बाद सभी प्राचार्य प्रो. रोचना मित्तल के कक्ष में पहुंचकर धरने पर बैठ गए और उनके विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
कॉलेज के प्रोफेसरों और प्राचार्य ने कैडेटों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे विरोध पर अड़े रहे। इसके बाद प्राचार्य कक्ष से बाहर चली गईं। कैडेटों ने कक्ष में जगह-जगह ‘प्राचार्य लापता’ लिखे पोस्टर चस्पा कर दिए और नारेबाजी करते रहे।
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इसी बीच एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के निकास द्वार पर जंजीर लगाकर ताला जड़ दिया। इससे कॉलेज स्टाफ के बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। कॉलेज प्रशासन को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस से मदद मांगनी पड़ी। पुलिस के पहुंचने के बाद शाम करीब छह बजे हालात सामान्य हुए।
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साढ़े छह घंटे बाद पहुंचे एसएचओ
प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज से नगर कोतवाली की दूरी महज 300 मीटर है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शुरू होने के बाद पुलिस अधिकारियों और एसीपी को कई बार फोन किया, लेकिन दिनभर कोई पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। शाम करीब पांच बजे फिर फोन करने के बाद लगभग 30 मिनट में एसएचओ मौके पर पहुंचे।
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अनुचित उपयोग की वजह से बंद किया कार्यालय : प्राचार्य
प्राचार्य ने बताया कि एनसीसी कार्यालय के अनुचित उपयोग की शिकायतों के बाद वहां ताला लगाया गया था। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। जांच पूरी होने तक कार्यालय बंद रखा गया है, ताकि वहां लगे कैमरों से किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। उन्होंने बताया कि कक्षाओं के संचालन के दौरान विद्यार्थी एनसीसी कार्यालय में बैठे रहते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर कॉलेज स्टाफ के साथ अभद्रता करने का आरोप भी लगाया।
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प्राचार्य कर रहीं मनमानी, लगाए गलत आरोप : एबीवीपी
एबीवीपी के प्रांत संयोजक तनिष्क ने आरोप लगाया कि प्राचार्य की ओर से मनमाने तरीके से विद्यार्थियों पर गलत आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की जांच किए बिना ही पिछले तीन दिनों से एनसीसी कार्यालय में ताला लगा रखा है। इसके अलावा कैडेटों के दस्तावेजों पर प्राचार्य की ओर से हस्ताक्षर करने में भी देरी की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थी हस्ताक्षर कराने के लिए प्राचार्य कक्ष के बाहर इंतजार करते रहते हैं और प्राचार्य उठकर चली जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचार्य के अनुचित व्यवहार के विरोध में इस्तीफे की मांग की जा रही है।
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कॉलेज परिसर स्थित एनसीसी कार्यालय में सोमवार को कॉलेज प्रशासन ने ताला लगा दिया था। इसके बाद से कैडेटों में आक्रोश था। इसी के विरोध में बुधवार सुबह करीब 11 बजे 100 से अधिक एनसीसी कैडेट एबीवीपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। इसके बाद सभी प्राचार्य प्रो. रोचना मित्तल के कक्ष में पहुंचकर धरने पर बैठ गए और उनके विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
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कॉलेज के प्रोफेसरों और प्राचार्य ने कैडेटों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे विरोध पर अड़े रहे। इसके बाद प्राचार्य कक्ष से बाहर चली गईं। कैडेटों ने कक्ष में जगह-जगह ‘प्राचार्य लापता’ लिखे पोस्टर चस्पा कर दिए और नारेबाजी करते रहे।
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इसी बीच एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के निकास द्वार पर जंजीर लगाकर ताला जड़ दिया। इससे कॉलेज स्टाफ के बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। कॉलेज प्रशासन को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस से मदद मांगनी पड़ी। पुलिस के पहुंचने के बाद शाम करीब छह बजे हालात सामान्य हुए।
साढ़े छह घंटे बाद पहुंचे एसएचओ
प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज से नगर कोतवाली की दूरी महज 300 मीटर है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शुरू होने के बाद पुलिस अधिकारियों और एसीपी को कई बार फोन किया, लेकिन दिनभर कोई पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। शाम करीब पांच बजे फिर फोन करने के बाद लगभग 30 मिनट में एसएचओ मौके पर पहुंचे।
अनुचित उपयोग की वजह से बंद किया कार्यालय : प्राचार्य
प्राचार्य ने बताया कि एनसीसी कार्यालय के अनुचित उपयोग की शिकायतों के बाद वहां ताला लगाया गया था। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। जांच पूरी होने तक कार्यालय बंद रखा गया है, ताकि वहां लगे कैमरों से किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। उन्होंने बताया कि कक्षाओं के संचालन के दौरान विद्यार्थी एनसीसी कार्यालय में बैठे रहते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर कॉलेज स्टाफ के साथ अभद्रता करने का आरोप भी लगाया।
प्राचार्य कर रहीं मनमानी, लगाए गलत आरोप : एबीवीपी
एबीवीपी के प्रांत संयोजक तनिष्क ने आरोप लगाया कि प्राचार्य की ओर से मनमाने तरीके से विद्यार्थियों पर गलत आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की जांच किए बिना ही पिछले तीन दिनों से एनसीसी कार्यालय में ताला लगा रखा है। इसके अलावा कैडेटों के दस्तावेजों पर प्राचार्य की ओर से हस्ताक्षर करने में भी देरी की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थी हस्ताक्षर कराने के लिए प्राचार्य कक्ष के बाहर इंतजार करते रहते हैं और प्राचार्य उठकर चली जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचार्य के अनुचित व्यवहार के विरोध में इस्तीफे की मांग की जा रही है।