{"_id":"600c65298ebc3e324f3c1745","slug":"bulandshar-news-ghaziabad-news-gbd212513271","type":"story","status":"publish","title_hn":"होम आइसोलेशन में 1411 मरीजों ने दी कोरोना को मात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होम आइसोलेशन में 1411 मरीजों ने दी कोरोना को मात
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
होम आईसोलेशन में 1411 मरीजों ने दी कोरोना को मात
बुलंदशहर। होम आईसोलेशन संक्रमित मरीजों के लिए बेहद कारगर साबित हो रहा है। जिले में अब तक 1411 मरीज बिना अस्पताल जाए पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। वहीं, वर्तमान में 35 मरीजों को होम आईसोलेट कर उनका उपचार किया जा रहा है।
जिले में कोरोना संक्रमित का कुल आंकड़ा जहां 6186 के करीब पहुंच गया है। इनमें ऐसे भी मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसे मरीजों से दूसरों को कोरोना संक्रमण का खतरा है। लेकिन शासन ने बीते 20 जुलाई को होम आईसोलेट करने की सुविधा को मंजूरी दे दी थी। शासन के इस फैसले के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को काफी राहत भी मिली। 21 जुलाई से अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1446 मरीजों को होम आईसोलेट किया गया। जिसमें अब तक 1411 ठीक हो चुके हैं, यानी 90 फीसदी से अधिक रिकवरी रेट है।
जिले में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल 6186 केस मिल चुके हैं। जिसमें अब तक 6039 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं और 92 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि, 55 लोगों को विभिन्न कोविड-19 अस्पताल में उपचार चल रहा है। जिसमें होम आईसोलेट सुविधा के तहत 1446 में 1411 ठीक हो चुके हैं और 35 का उपचार जारी है।
विज्ञापन
---------
होम आईसोलेट न होते तो अस्पतालों में होती भीड़
जिले में पिछले साल जुलाई से अक्तूबर तक कोरोना संक्रमण की रफ्तार अधिक रही। ऐसे में अगर, होम आईसोलेशन का विकल्प नहीं होता तो प्रशासन को इन संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों का इंतजाम करना टेढ़ी खीर साबित होता।
---------
प्रतिदिन फोन पर लिया जाता है हाल
नगर समेत जिलेभर में मरीजों को होम आईसोलेशन सुविधा के तहत परिवार के बीच रहने का लाभ मिला। नगर निवासी एक मरीज ने बताया कि प्रतिदिन दो या तीन बार सीएमओ कार्यालय से चिकित्सक फोन कर सेहत की जानकारी लेते हैं। घर में परिजनों के बीच रहने से मानसिक बल भी मिला और घर पर पूरी चिकित्सकीय सलाह मिलती रही। सर्विलांस टीम में शामिल डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि होम आईसोलेट में रहने वाले मरीजों की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है। साथ ही समय-समय पर मरीज से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जाती है।
---------
जिले में 21 जनवरी तक 1442 मरीज होम आईसोलेशन की सुविधा ले रहे हैं। जिसमें से अब तक 1403 ठीक हो चुके हैं और 35 का उपचार होम आईसोलेशन में चल रहा है।
--------
डॉ. रोहताश यादव, एसीएमओ/नोडल अधिकारी
विज्ञापन
बुलंदशहर। होम आईसोलेशन संक्रमित मरीजों के लिए बेहद कारगर साबित हो रहा है। जिले में अब तक 1411 मरीज बिना अस्पताल जाए पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। वहीं, वर्तमान में 35 मरीजों को होम आईसोलेट कर उनका उपचार किया जा रहा है।
जिले में कोरोना संक्रमित का कुल आंकड़ा जहां 6186 के करीब पहुंच गया है। इनमें ऐसे भी मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसे मरीजों से दूसरों को कोरोना संक्रमण का खतरा है। लेकिन शासन ने बीते 20 जुलाई को होम आईसोलेट करने की सुविधा को मंजूरी दे दी थी। शासन के इस फैसले के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को काफी राहत भी मिली। 21 जुलाई से अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1446 मरीजों को होम आईसोलेट किया गया। जिसमें अब तक 1411 ठीक हो चुके हैं, यानी 90 फीसदी से अधिक रिकवरी रेट है।
विज्ञापन
जिले में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल 6186 केस मिल चुके हैं। जिसमें अब तक 6039 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं और 92 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि, 55 लोगों को विभिन्न कोविड-19 अस्पताल में उपचार चल रहा है। जिसमें होम आईसोलेट सुविधा के तहत 1446 में 1411 ठीक हो चुके हैं और 35 का उपचार जारी है।
विज्ञापन
---------
होम आईसोलेट न होते तो अस्पतालों में होती भीड़
जिले में पिछले साल जुलाई से अक्तूबर तक कोरोना संक्रमण की रफ्तार अधिक रही। ऐसे में अगर, होम आईसोलेशन का विकल्प नहीं होता तो प्रशासन को इन संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों का इंतजाम करना टेढ़ी खीर साबित होता।
---------
प्रतिदिन फोन पर लिया जाता है हाल
नगर समेत जिलेभर में मरीजों को होम आईसोलेशन सुविधा के तहत परिवार के बीच रहने का लाभ मिला। नगर निवासी एक मरीज ने बताया कि प्रतिदिन दो या तीन बार सीएमओ कार्यालय से चिकित्सक फोन कर सेहत की जानकारी लेते हैं। घर में परिजनों के बीच रहने से मानसिक बल भी मिला और घर पर पूरी चिकित्सकीय सलाह मिलती रही। सर्विलांस टीम में शामिल डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि होम आईसोलेट में रहने वाले मरीजों की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है। साथ ही समय-समय पर मरीज से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जाती है।
---------
जिले में 21 जनवरी तक 1442 मरीज होम आईसोलेशन की सुविधा ले रहे हैं। जिसमें से अब तक 1403 ठीक हो चुके हैं और 35 का उपचार होम आईसोलेशन में चल रहा है।
--------
डॉ. रोहताश यादव, एसीएमओ/नोडल अधिकारी