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तस्कर को छोड़ने के आरोप में आबकारी इंस्पेक्टर समेत तीन गिरफ्तार
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तस्कर को छोड़ने के आरोप में आबकारी इंस्पेक्टर समेत तीन गिरफ्तार
बुलंदशहर। सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव जीतगढ़ी में हुए शराब कांड वाले दिन जहरीली शराब के साथ तस्कर को पकड़ने के बाद लाखों रुपये की डील करके छोड़ना आबकारी इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को भारी पड़ गया। बृहस्पतिवार रात अनिवास में पकड़े गए शराब तस्कर ने पूछताछ में यह जानकारी दी तो पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने जांच कर आरोपी इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके खिलाफ नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ ले जाया गया है।
बृहस्पतिवार देर रात हापुड़ पुलिस और अनूपशहर थाना पुलिस ने गांव अनिवास की धर्मशाला में दबिश डालकर शराब की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। मौके से विमल राघव नाम के तस्कर को पकड़कर भारी मात्रा में मिलावटी शराब भी बरामद की गई। पूछताछ में विमल ने बताया कि आठ जनवरी को जब जीतगढ़ी में शराब कांड हुआ था तो उसके पास भी नोएडा की एक फैक्टरी से आठ पेटी अपमिश्रित शराब आई थी। जब छापा मारा गया तो वह शराब को ठिकाने लगाने जा रहा था, तभी आबकारी इंस्पेक्टर सुरेश सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल खेम सिंह, कांस्टेबल अनुज ने उसे पकड़ लिया था। साथ ही उसे कार औैर आठ पेटी जहरीली शराब के साथ आबकारी गोदाम बुलंदशहर ले आए। आरोप है कि तीनों ने भोपतपुर स्थित शराब के ठेकेदार से साठगांठ की और तीन लाख रुपये लेकर उसे छोड़ दिया। साथ ही शराब को अपनी अभिरक्षा में गोदाम में ही रख लिया था। आरोपी द्वारा बताए जाने पर जनपद पुलिस ने गहनता से जांच की और आबकारी इंस्पेक्टर समेत दोनों अन्य कर्मचारियों को पकड़ कर पूछताछ की। जिनके पास से रिश्वत की शत प्रतिशत रकम और गोदाम से आठ पेटी जहरीली शराब बरामद हुई है। मामले में नगर कोतवाली में इंस्पेक्टर अनूपशहर रामसेन सिंह ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिन्हें मेरठ एंटी करप्शन कोर्ट में पेश कर दिया गया है।
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तीनों को किया गया सस्पेंड
शराब तस्कर को रुपये लेकर छोड़ने के मामले में गिरफ्तार आबकारी इंस्पेक्टर और दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति की गई है। प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी एके शुक्ला ने बताया कि तीनों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति की गई है।
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बृहस्पतिवार को आरोपी तस्कर विमल ने पूछताछ के दौरान आबकारी इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल के खिलाफ रिश्वत लेकर छोड़ने की जानकारी दी थी। तीनों को एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ में पेश किया गया है। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाएगा।
संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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ठेकेदार ने दिए थे तीन लाख, तीन घंटे हिरासत में रहा था विमल
बुलंदशहर। मिलावटी शराब के कारोबार में आबकारी विभाग के नुमाइंदाें की मिलीभगत अब सामने आ चुकी है। गिरफ्तार किए गए इंस्पेक्टर और उनकी टीम ने आरोपी विमल को आठ जनवरी को गिरफ्तार कर तीन घंटे तक हिरासत में रखा था। इसके बाद शराब ठेकेदार से सौदेबाजी की और उसे छोड़ दिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने चौंका देने वाले तथ्य सामने रखे और मामला सिकंदराबाद के जीतगढ़ी शराब कांड से जुड़ गया। उसने बताया था कि आरोपी आबकारी इंस्पेक्टर सुरेश चौहान और उनकी टीम उसे अपने साथ आबकारी गोदाम बुलंदशहर ले गई थी। जहां से इंस्पेक्टर चौहान ने भोपतपुर के ठेकेदार को फोन किया और गोदाम पर बुलाया था। पूछताछ में सामने आया था कि आरोपी जहरीली शराब को ठेकेदार के पास ही छिपाकर रखता था। जिसमें उसकी भी मिलीभगत शामिल है। गोदाम पर पहुंचकर आरोपी ठेकेदार और आबकारी इंस्पेक्टर के बीच तीन लाख रुपये में सौदा हुआ था। जिसके बाद विमल को छोड़ा गया और मामले को गोदाम से ही रफादफा कर दिया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस खेल ने विभाग की साख पर बट्टा लगा दिया है।
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अमर उजाला ने प्रकाशित की थी खबर
जीतगढ़ी कांड के बाद अमर उजाला की टीम ने पड़ताल के बाद एक खबर खाकी और आबकारी की शह पर बिक रहा जहरीला नशा शीर्षक से खबर नौ जनवरी के अंक में प्रकाशित की थी। जिसमें आबकारी विभाग की शह और पुलिस की मिलीभगत की आशंका जताई गई थी।
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पूछताछ में भोपतपुर के ठेकेदार की भूमिका भी संदिग्ध है। आरोपी विमल से पूछताछ के बाद, कॉल डिटेल्स, सर्विलांस और नेटवर्क के माध्यम से जांच की गई तो आरोपी विमल के द्वारा बताए गए तथ्य सही पाए गए हैं। जिनके आधार पर तीनों आबकारी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ठेकेदार को भी जल्द ही गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।
संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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अनूपशहर में फिर बनती मिली जहरीली शराब, चार गिरफ्तार
बुलंदशहर। जनपद में मिलावटी शराब के काले कारोबार पर अंकुश लगा पाना चुनौती साबित हो रहा है। वहीं, अब अनूपशहर पुलिस ने चार आरोपियों को मिलावटी शराब का निर्माण करते हुए धर दबोचा है। जिन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही आरोपियों के पास से भारी मात्रा में मिलावटी शराब बरामद की गई है।
थाना प्रभारी अनूपशहर निरीक्षक रामसेन सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात को वह टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान पुलिस टीम ने मुखबिर के बताए स्थान पर दबिश दी। जहां से टीम ने चार आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया। जिनकी शिनाख्त रौदास निवासी ग्राम सुनाना थाना अनूपशहर, कैलाश निवासी ग्राम बगसरा थाना अनूपशहर, कल्लू निवासी भोपतपुर थाना अनूपशहर, खेम सिंह निवासी तलवार थाना डिबाई के रूप में हुई। मौके से पुलिस ने 160 पव्वे अपमिश्रित शराब, एक प्लास्टिक कैन में भरी 20 लीटर मिलावटी शराब, 25 नकली ढक्कन, 20 खाली पव्वे रैपर चिपके हुए, 6 नकली क्यूआर कोड, बाल्टी, एक किलोग्राम यूरिया व अन्य उपकरण बरामद किए हैं। चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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बुलंदशहर। सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव जीतगढ़ी में हुए शराब कांड वाले दिन जहरीली शराब के साथ तस्कर को पकड़ने के बाद लाखों रुपये की डील करके छोड़ना आबकारी इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को भारी पड़ गया। बृहस्पतिवार रात अनिवास में पकड़े गए शराब तस्कर ने पूछताछ में यह जानकारी दी तो पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने जांच कर आरोपी इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके खिलाफ नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ ले जाया गया है।
बृहस्पतिवार देर रात हापुड़ पुलिस और अनूपशहर थाना पुलिस ने गांव अनिवास की धर्मशाला में दबिश डालकर शराब की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। मौके से विमल राघव नाम के तस्कर को पकड़कर भारी मात्रा में मिलावटी शराब भी बरामद की गई। पूछताछ में विमल ने बताया कि आठ जनवरी को जब जीतगढ़ी में शराब कांड हुआ था तो उसके पास भी नोएडा की एक फैक्टरी से आठ पेटी अपमिश्रित शराब आई थी। जब छापा मारा गया तो वह शराब को ठिकाने लगाने जा रहा था, तभी आबकारी इंस्पेक्टर सुरेश सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल खेम सिंह, कांस्टेबल अनुज ने उसे पकड़ लिया था। साथ ही उसे कार औैर आठ पेटी जहरीली शराब के साथ आबकारी गोदाम बुलंदशहर ले आए। आरोप है कि तीनों ने भोपतपुर स्थित शराब के ठेकेदार से साठगांठ की और तीन लाख रुपये लेकर उसे छोड़ दिया। साथ ही शराब को अपनी अभिरक्षा में गोदाम में ही रख लिया था। आरोपी द्वारा बताए जाने पर जनपद पुलिस ने गहनता से जांच की और आबकारी इंस्पेक्टर समेत दोनों अन्य कर्मचारियों को पकड़ कर पूछताछ की। जिनके पास से रिश्वत की शत प्रतिशत रकम और गोदाम से आठ पेटी जहरीली शराब बरामद हुई है। मामले में नगर कोतवाली में इंस्पेक्टर अनूपशहर रामसेन सिंह ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिन्हें मेरठ एंटी करप्शन कोर्ट में पेश कर दिया गया है।
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तीनों को किया गया सस्पेंड
शराब तस्कर को रुपये लेकर छोड़ने के मामले में गिरफ्तार आबकारी इंस्पेक्टर और दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति की गई है। प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी एके शुक्ला ने बताया कि तीनों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति की गई है।
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बृहस्पतिवार को आरोपी तस्कर विमल ने पूछताछ के दौरान आबकारी इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल के खिलाफ रिश्वत लेकर छोड़ने की जानकारी दी थी। तीनों को एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ में पेश किया गया है। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाएगा।
संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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ठेकेदार ने दिए थे तीन लाख, तीन घंटे हिरासत में रहा था विमल
बुलंदशहर। मिलावटी शराब के कारोबार में आबकारी विभाग के नुमाइंदाें की मिलीभगत अब सामने आ चुकी है। गिरफ्तार किए गए इंस्पेक्टर और उनकी टीम ने आरोपी विमल को आठ जनवरी को गिरफ्तार कर तीन घंटे तक हिरासत में रखा था। इसके बाद शराब ठेकेदार से सौदेबाजी की और उसे छोड़ दिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने चौंका देने वाले तथ्य सामने रखे और मामला सिकंदराबाद के जीतगढ़ी शराब कांड से जुड़ गया। उसने बताया था कि आरोपी आबकारी इंस्पेक्टर सुरेश चौहान और उनकी टीम उसे अपने साथ आबकारी गोदाम बुलंदशहर ले गई थी। जहां से इंस्पेक्टर चौहान ने भोपतपुर के ठेकेदार को फोन किया और गोदाम पर बुलाया था। पूछताछ में सामने आया था कि आरोपी जहरीली शराब को ठेकेदार के पास ही छिपाकर रखता था। जिसमें उसकी भी मिलीभगत शामिल है। गोदाम पर पहुंचकर आरोपी ठेकेदार और आबकारी इंस्पेक्टर के बीच तीन लाख रुपये में सौदा हुआ था। जिसके बाद विमल को छोड़ा गया और मामले को गोदाम से ही रफादफा कर दिया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस खेल ने विभाग की साख पर बट्टा लगा दिया है।
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अमर उजाला ने प्रकाशित की थी खबर
जीतगढ़ी कांड के बाद अमर उजाला की टीम ने पड़ताल के बाद एक खबर खाकी और आबकारी की शह पर बिक रहा जहरीला नशा शीर्षक से खबर नौ जनवरी के अंक में प्रकाशित की थी। जिसमें आबकारी विभाग की शह और पुलिस की मिलीभगत की आशंका जताई गई थी।
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पूछताछ में भोपतपुर के ठेकेदार की भूमिका भी संदिग्ध है। आरोपी विमल से पूछताछ के बाद, कॉल डिटेल्स, सर्विलांस और नेटवर्क के माध्यम से जांच की गई तो आरोपी विमल के द्वारा बताए गए तथ्य सही पाए गए हैं। जिनके आधार पर तीनों आबकारी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ठेकेदार को भी जल्द ही गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।
संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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अनूपशहर में फिर बनती मिली जहरीली शराब, चार गिरफ्तार
बुलंदशहर। जनपद में मिलावटी शराब के काले कारोबार पर अंकुश लगा पाना चुनौती साबित हो रहा है। वहीं, अब अनूपशहर पुलिस ने चार आरोपियों को मिलावटी शराब का निर्माण करते हुए धर दबोचा है। जिन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही आरोपियों के पास से भारी मात्रा में मिलावटी शराब बरामद की गई है।
थाना प्रभारी अनूपशहर निरीक्षक रामसेन सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात को वह टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान पुलिस टीम ने मुखबिर के बताए स्थान पर दबिश दी। जहां से टीम ने चार आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया। जिनकी शिनाख्त रौदास निवासी ग्राम सुनाना थाना अनूपशहर, कैलाश निवासी ग्राम बगसरा थाना अनूपशहर, कल्लू निवासी भोपतपुर थाना अनूपशहर, खेम सिंह निवासी तलवार थाना डिबाई के रूप में हुई। मौके से पुलिस ने 160 पव्वे अपमिश्रित शराब, एक प्लास्टिक कैन में भरी 20 लीटर मिलावटी शराब, 25 नकली ढक्कन, 20 खाली पव्वे रैपर चिपके हुए, 6 नकली क्यूआर कोड, बाल्टी, एक किलोग्राम यूरिया व अन्य उपकरण बरामद किए हैं। चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।