स्याना कांड : न्यायालय ने 36 आरोपियों पर बढ़ाई राजद्रोह की धारा, दिए जल्द से जल्द चार्ज तय करने के निर्देश
स्याना कांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। योगेश राज समेत कई आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर वर्ष 2019 में बाहर आ गए थे।
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स्याना की चिंगरावठी चौकी पर तीन दिसंबर 2018 को गांव महाब के जंगल में मिले पशु अवशेषों को लेकर हिंदूवादी संगठन व ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ ही देर में प्रदर्शन बवाल में बदल गया था। इस दौरान सुमित निवासी गांव चिंगरावठी और तत्कालीन थाना प्रभारी स्याना सुबोध सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
योगेश राज समेत कई आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर वर्ष 2019 में बाहर आ गए थे। जमानत के खिलाफ मृतक इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की पत्नी रजनी ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने योगेश राज की जमानत पर रोक लगाते हुए न्यायालय में पेश होने और बुलंदशहर न्यायालय को जल्द से जल्द मामले में चार्ज तय करने के निर्देश दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योगेश ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया था। एडीजे न्यायालय में आरोपियों पर चार्ज तय करने के लिए प्रक्रिया चल रही थी। मृतक इंस्पेक्टर की पत्नी ने सभी आरोपियों पर हत्या की धारा बढ़ाने की भी मांग की थी।
एसआईटी ने चार्जशीट में 36 आरोपियों पर बलवा, जानलेवा हमला समेत विभिन्न धाराएं लगाई थीं। चार आरोपियों प्रशांत, लोकेंद्र, राहुल, जॉनी और डेविड पर विभिन्न धाराओं के साथ हत्या के चार्ज भी लगाए थे। जमानत पर आरोपियों के बाहर आने के दौरान आरोपियों से राजद्रोह की धारा 124ए को हटा दिया गया था। अब न्यायालय ने 36 आरोपियों पर राजद्रोह का चार्ज लगा दिया है
इन 36 आरोपियों पर लगा राजद्रोह
प्रशांत नट, राहुल, डेविड, लोकेंद्र, जॉनी, योगेश राज, चमन, देवेंद्र, आशीष चौहान, चंद्रपाल सिंह उर्फ चंदर, कुलदीप, रोहित, जितेंद्र उर्फ लाला गुर्जर, सोनू, जितेंद्र उर्फ जीतू उर्फ फौजी, नितिन, मोहित, रमेश जोगी, विशाल त्यागी, हेम उर्फ हेमराज, अंकुर, अमित उर्फ अंटी, आशीष कुमार, हरेंद्र, टिंकू उर्फ भूपेश, गुड्डू उर्फ मुकेश, सचिन उर्फ कोबरा, सतेंद्र राजपूत, सतीश, विनीत, राजीव कुमार उर्फ कलवा, सचिन, पवन कुमार, शिखर अग्रवाल उर्फ शेखर अग्रवाल, उपेंद्र राघव और सौरभ पर राजद्रोह का चार्ज तय किया गया है।
इनकी हो चुकी मौत
एक आरोपी अजय दीवाला ने करीब छह माह पूर्व अपने गांव चिंगरावठी में आत्महत्या कर ली थी। कुछ लोगों ने आत्महत्या का कारण घरेलू कलह तो कुछ लोग स्याना कांड के चलते हुए अवसाद को बता रहे थे। एक नामजद आरोपी छोटू निवासी चिंगरावठी की भी गत वर्ष सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। चिंगरावठी निवासी एक आरोपी ओमेंद्र की भी कोरोना से मौत हो गई थी। सुमित की घटना के दिन ही ही मौत हो गई थी।
36 आरोपियों पर न्यायालय ने राजद्रोह का आरोप बनाया है। जिनपर अब अन्य धाराओं के साथ राजद्रोह की धारा के साथ मामला विचारण होगा। - यशपाल सिंह राघव, विशेष शासकीय अधिवक्ता, स्याना हिंसा
न्यायालय ने 36 आरोपियों पर राजद्रोह व अन्य आरोपों में चार्ज बनाया है। हत्या का चार्ज नहीं लगाया गया है। - ब्रूनो भूषण, अधिवक्ता योगेश राज व अन्य आरोपी