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बुलंदशहर: दुष्कर्म के बाद आठ साल की मासूम की हत्या में अदालत ने सुनाई सजा-ए-मौत, एक साल के अंदर आया फैसला
Fri, 03 Sep 2021 05:02 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 03 Sep 2021 05:02 PM IST
सार
पाक्सो अदालत ने इस मामले को जघन्य अपराध मानते हुए दोषी को फांसी की सजा के साथ ही एक लाख जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।
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फाइल फोटो
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विस्तार
बुलंदशहर के खुर्जा के एक गांव की आठ वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के दोषी अशोक कुमार पुत्र अमर सिंह को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने घटना के 13 महीने के अंदर फैसला देते हुए वारदात को जघन्यतम की श्रेणी में रख गुनहगार पर 1.40 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
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विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिनियम सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि खुर्जा के एक गांव केव्यक्ति की आठ वर्षीय पुत्री अपनी छह वर्षीय छोटी बहन के साथ 4 अगस्त, 2020 की सुबह सहकारी गोदाम के पास जामुन बीनने गई थी। करीब एक घंटे बाद उनकी छोटी पुत्री तो घर लौट आई, लेकिन बड़ी पुत्री नहीं लौटी।
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तलाश करने पर पता चला किजहां बच्ची जामुन लेने गई थी वहां खेतों की तरफ गांव निवासी अशोक पुत्र अमर सिंह को देखा गया था। पुलिस ने अशोक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह बच्ची को खेत से भुट्टा दिलाने के बहाने बुलाकर ले गया था। उसके बाद बच्ची से दुष्कर्म कर गला दबाकर हत्या कर दी।
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अशोक ने शव को एक प्लास्टिक के कट्टे में बंद कर पास ही के एक ईंख के खेत में फेंक दिया था। खुर्जा नगर कोतवाली पुलिस ने अशोक को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि कोर्ट में पेश हुए नौ गवाहों के बयान से केस सजा तक पहुंचा। गुनहगार को सजा-ए-मौत के फैसले को मासूम के परिजनों ने इंसाफ की जीत बताया है।