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Ghaziabad News: निगम की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास लोन लेकर बना लिया घर
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गाजियाबाद। नियमों को ताख पर रखकर पार्षद पति ने नगर निगम की भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना से लोन लेकर मकान बना लिया। इस संदर्भ में वार्ड 27 के पार्षद नरेश जाटव ने इस संदर्भ में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत की है।
पत्र में उन्होंने बताया है कि वार्ड सात की पार्षद मुन्नी देवी के पति ने पार्षद रहते हुए, निगम की भूमि पर कब्जा कर लिया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन पास कराकर उक्त भूमि पर मकान भी बना लिया। भूमि खसरा संख्या 34-5 उन्होंने फार्जी कागजों के सहारे 2.50 लाख रुपये का लोन पास करा लिया है। इस संदर्भ में उन्होंने एक पत्र भी दिया। जिसमें निगम के अधिकारी द्वारा जांच के बाद यह बताया गया है कि भूमि निगम की है। पार्षद पति थान सिंह ने भूमि के रुपये जमा करने के लिए संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों को पत्र लिखा था। जांच के दौरान पाया गया कि विक्रेता जगवती देवी ने धोखाधड़ी से निगम की जमीन थान सिंह को बेच दी। नगर निगम में भूमि के बदले रकम जमा कराने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए आवेदक की प्रार्थना पत्र को निरस्त किया जाता है।
इस संदर्भ में थान सिंह ने बताया कि उक्त भूमि का बैनामा जगवती देवी से कराया था। यह जानकारी नहीं थी कि भूमि निगम की है। इसके रुपये जमा करने के लिए निगम को पत्र भी लिखा है। वार्ड 27 के पार्षद बेतुक आरोप लगा रहे हैं।
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पत्र में उन्होंने बताया है कि वार्ड सात की पार्षद मुन्नी देवी के पति ने पार्षद रहते हुए, निगम की भूमि पर कब्जा कर लिया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन पास कराकर उक्त भूमि पर मकान भी बना लिया। भूमि खसरा संख्या 34-5 उन्होंने फार्जी कागजों के सहारे 2.50 लाख रुपये का लोन पास करा लिया है। इस संदर्भ में उन्होंने एक पत्र भी दिया। जिसमें निगम के अधिकारी द्वारा जांच के बाद यह बताया गया है कि भूमि निगम की है। पार्षद पति थान सिंह ने भूमि के रुपये जमा करने के लिए संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों को पत्र लिखा था। जांच के दौरान पाया गया कि विक्रेता जगवती देवी ने धोखाधड़ी से निगम की जमीन थान सिंह को बेच दी। नगर निगम में भूमि के बदले रकम जमा कराने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए आवेदक की प्रार्थना पत्र को निरस्त किया जाता है।
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इस संदर्भ में थान सिंह ने बताया कि उक्त भूमि का बैनामा जगवती देवी से कराया था। यह जानकारी नहीं थी कि भूमि निगम की है। इसके रुपये जमा करने के लिए निगम को पत्र भी लिखा है। वार्ड 27 के पार्षद बेतुक आरोप लगा रहे हैं।
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